एनआरसीसी बीकानेर में ऊँट के स्टेम सेल से थनैला रोग के एंटीबायोटिक-मुक्त उपचार पर होगा अत्याधुनिक शोध

आर्य समाज, बीकानेर में 17 से 20 अक्टूबर तक चार दिवसीय वेद प्रचार एवं स्वामी श्रद्धानन्द बलिदान शताब्दी समारोह
क्विक जेप्स विज्ञापन 13 oct 2026

बीकानेर, 2 सितंबर । भाकृअनुप–राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केन्द्र (NRCC), बीकानेर को अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (ANRF) के उन्नत अनुसंधान अनुदान (ARG) के तहत एक महत्वपूर्ण शोध परियोजना स्वीकृत हुई है। इस परियोजना के अंतर्गत ऊँट के ‘मेसेनकाइमल स्टेम सेल्स’ (मूल कोशिकाओं) का उपयोग कर दुधारू पशुओं में होने वाले थनैला रोग (Mastitis) के एंटीबायोटिक-मुक्त एवं अत्याधुनिक उपचार की संभावनाओं का परीक्षण किया जाएगा।

indication
L.C.Baid Childrens Hospiatl

एनआरसीसी के निदेशक डॉ. अनिल कुमार पूनिया ने बताया कि थनैला रोग दुग्ध उत्पादन और पशु स्वास्थ्य के लिए एक बड़ी चुनौती है। इसके इलाज में एंटीबायोटिक के अत्यधिक उपयोग से एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) की समस्या बढ़ रही है, जिसके चलते वैकल्पिक उपचार पद्धतियों की खोज अत्यंत आवश्यक हो गई है। यह शोध एनआरसीसी को आधुनिक जैव-प्रौद्योगिकी और रीजनरेटिव मेडिसिन के क्षेत्र से जोड़ेगा।

pop ronak

परियोजना के प्रधान अन्वेषक एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. रतन कुमार चौधरी ने जानकारी दी कि अनुसंधान के तहत ऊँट के ऊतकों से स्टेम सेल्स को अलग कर प्रयोगशाला और प्रायोगिक मॉडल पर उनकी सूजन व संक्रमण रोधी क्षमता का अध्ययन किया जाएगा। इसके बाद प्रीक्लिनिकल स्तर पर इसकी सुरक्षा व प्रभावशीलता की जांच होगी।

इस महत्वपूर्ण परियोजना और उष्ट्र संरक्षण से जुड़ी भावी योजनाओं की विस्तृत जानकारी साझा करने के लिए एनआरसीसी द्वारा 3 सितंबर 2026 को सुबह 11:30 बजे अपने समिति कक्ष में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन भी किया जाएगा।

खाओसा