पीबीएम प्रशासन की बीकानेरवासियों से मार्मिक अपील
पीबीएम प्रशासन की बीकानेरवासियों से मार्मिक अपील



- अस्पताल हमारा, जिम्मेदारी भी हमारी’, अफवाहों और एकतरफा भ्रामक खबरों से रहें सावधान
बीकानेर, 9 जून। पीबीएम अस्पताल प्रशासन ने बीकानेर के जागरूक नागरिकों, प्रबुद्ध आमजन और मीडिया जगत से एक भावुक एवं महत्वपूर्ण अपील जारी की है। ‘पीबीएम अस्पताल हमारा, जिम्मेदारी भी हमारी’ के मूल संदेश के साथ जारी इस आधिकारिक अपील में अस्पताल प्रबंधन ने नागरिकों से भ्रामक खबरों से सावधान रहने, सोशल मीडिया पर अपुष्ट सूचनाएं साझा न करने और किसी भी जानकारी को आगे बढ़ाने से पहले तथ्यों की गहराई से जांच करने का पुरजोर आग्रह किया है।


पश्चिमी राजस्थान की जीवनरेखा है पीबीएम अस्पताल


सरदार पटेल (एसपी) मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं नियंत्रक डॉ. सुरेंद्र कुमार तथा पीबीएम अस्पताल के अधीक्षक डॉ. बी.सी. घीया द्वारा संयुक्त रूप से जारी इस अपील में कहा गया है कि बीकानेर का पीबीएम अस्पताल केवल एक सामान्य चिकित्सालय नहीं है, बल्कि यह समूचे पश्चिमी राजस्थान के लाखों असहाय और जरूरतमंद लोगों की एकमात्र जीवनरेखा है। यहां प्रतिदिन हजारों की संख्या में गंभीर मरीज और उनके परिजन पूरी उम्मीद के साथ उत्तम उपचार के लिए पहुंचते हैं। ऐसे संवेदनशील माहौल में, अस्पताल की साख और व्यवस्थाओं से जुड़ी किसी भी सकारात्मक या नकारात्मक सूचना, समाचार अथवा सोशल मीडिया पोस्ट का सीधा और गहरा असर सीधे तौर पर आमजन के विश्वास तथा उपचाराधीन मरीजों के मनोबल पर पड़ता है।
आरोप-प्रत्यारोप और भ्रामक पत्रकारिता से सजग रहने की जरूरत
अस्पताल प्रशासन ने हाल के दिनों में चिकित्सा शिक्षा संस्थानों और अस्पताल को लेकर सामने आ रही अपुष्ट जानकारियों व खबरों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में हमारा यह परम दायित्व है कि हम किसी भी एकतरफा सूचना को बिना सत्यापित किए न तो उस पर भरोसा करें और न ही उसे आगे फॉरवर्ड या प्रसारित करें।
अपील में रेखांकित किया गया है कि स्वस्थ लोकतंत्र के निर्माण में मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण और सराहनीय है, लेकिन पत्रकारिता का मूल सिद्धांत हमेशा निष्पक्षता, ठोस तथ्य और दोनों पक्षों के दृष्टिकोण को सुनना होता है। यदि किसी समाचार में केवल एकतरफा आरोप मढ़े गए हों और उसमें संबंधित प्रशासनिक पक्ष का स्पष्टीकरण या पक्ष शामिल न हो, तो पाठकों और दर्शकों को भी उसकी सत्यता को लेकर पूरी तरह सजग और विवेकशील रहना चाहिए।
सकारात्मक उपलब्धियों को भी मिले पूरा महत्व
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पीबीएम अस्पताल में चौबीसों घंटे हजारों की संख्या में कर्तव्यनिष्ठ चिकित्सक, नर्सिंगकर्मी, पैरामेडिकल स्टाफ और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी बेहद विपरीत परिस्थितियों में भी मानव सेवा के महायज्ञ में जुटे रहते हैं। सार्वजनिक व्यवस्थाओं में सुधार की गुंजाइश हमेशा बनी रहती है और प्रशासन हर प्रकार की रचनात्मक व सकारात्मक आलोचना का सदैव स्वागत करता है। परंतु, जब तथ्यों को दरकिनार कर केवल सनसनी फैलाने के उद्देश्य से आधी-अधूरी जानकारियां प्रस्तुत की जाती हैं, तो उससे समाज में केवल भ्रम, भय और अविश्वास का माहौल पैदा होता है।
पीबीएम प्रशासन की बीकानेर के नागरिकों से प्रमुख अपीलें
तथ्यों की जांच करें: किसी भी समाचार या दावे को अंतिम सत्य मानने से पहले उसके मूल स्रोत, विश्वसनीयता और धरातलीय तथ्यों की भली-भांति जांच अवश्य करें।
सोशल मीडिया पर नियंत्रण: वॉट्सऐप, फेसबुक या अन्य सोशल मीडिया मंचों पर बिना पुष्टि वाली या सनसनीखेज जानकारियों और अफवाहों को साझा करने से पूरी तरह बचें।
शिकायत का सही मंच: यदि अस्पताल की व्यवस्था, स्टाफ या इलाज से संबंधित कोई भी वास्तविक शिकायत या सुझाव हो, तो उसे सोशल मीडिया पर उछालने के बजाय सीधे संबंधित विभाग, पीबीएम अस्पताल प्रशासन अथवा सक्षम प्राधिकारी तक दर्ज करवाएं ताकि उस पर तुरंत सुधारात्मक कार्रवाई हो सके।
सकारात्मकता को दें बढ़ावा: चिकित्सा संस्थानों द्वारा किए जा रहे जटिल और सफल ऑपरेशनों, चिकित्सा की नई उपलब्धियों और दिन-रात किए जा रहे जनसेवा के बेहतरीन कार्यों को भी समाज के सामने उतना ही प्रमुखता से लाएं, जितना कमियों को लाया जाता है।
अंत में, डॉ. सुरेंद्र कुमार और डॉ. बी.सी. घीया ने साझा संदेश में कहा है कि पीबीएम अस्पताल बीकानेर और पूरे प्रदेश की एक अमूल्य सार्वजनिक धरोहर है। इस ऐतिहासिक संस्थान की साख, विश्वसनीयता और जनता के अटूट विश्वास को अक्षुण्ण बनाए रखना केवल प्रशासन की एकाकी जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह हम सभी बीकानेरवासियों का एक सामूहिक और नैतिक दायित्व है। एक जागरूक नागरिक बनें, तथ्यपरक सोच अपनाएं और अफवाहों को नकारते हुए सत्य का साथ दें।


