राजस्थान शिक्षक (प्रगतिशील) ने मुख्यमंत्री के नाम दिया 21 सूत्री मांग पत्र

राजस्थान शिक्षक (प्रगतिशील) ने मुख्यमंत्री के नाम दिया 21 सूत्री मांग पत्र
quicjZaps 15 sept 2025
STBA 5 JUNE 2026

बीकानेर, 24 जुलाई। राजस्थान शिक्षक (प्रगतिशील) के प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर आज बीकानेर में संगठन के 21 सूत्री मांग पत्र को अतिरिक्त कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट शहर उमेद सिंह रतनू के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

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ज्ञापन यतीश वर्मा प्रदेश महामंत्री, सुभाष आचार्य प्रदेश सलाहकार मंडल अध्यक्ष, आनंद पारीक जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में संगठन ने अतिरिक्त कलेक्टर को मांग पत्र सौंपा। इस मांग पत्र में नई पेंशन योजना से संबंधित केंद्र सरकार द्वारा बनाया गया कानून समाप्त कर नई पेंशन योजना के तहत केंद्र के पास जमा राशि राज्य सरकार को दी जावे।
संविदा कार्मिकों को स्थाई करने, विभिन्न ग्रेड के रिक्त पदों को शीघ्र नई भर्तियों के माध्यम से भरे जाने एवं कोविड काल में कर्मचारियों का महंगाई भत्ता जो रोका गया उसे वापस करने की मांग की गयी। इसके साथ ही शिक्षा मंत्री द्वारा हाल ही में विद्यालय में मोबाइल पर प्रतिबंध की जो बात कही गई यह पूरी तौर पर सही नहीं है। यदि इस पर सही मायने में अगर अमल हो गया तो राजस्थान सरकार के शिक्षा विभाग का प्रशासनिक तंत्र पूरी तौर पर समाप्त हो जाएगा। क्योंकि मंत्रालिक कर्मचारियों के पद पूरे राज्य भर में खाली है। शिक्षक शिक्षण कार्य के अतिरिक्त सम्पूर्ण शिक्षा विभाग के लिपिकीय कार्य एवं प्रशासनिक आधार पर जो भी काम किए जाने है वह शिक्षक की सहायता के बिना संभव नहीं है। कई सीनियर हायर सेकेंडरी स्कूल को थर्ड ग्रेड शिक्षक के सहारे ही चल रहे है। सभी पद खाली है, कई सीनियर सैकण्डरी विद्यालय है लेकिन उसे विद्यालय में सैकेंड ग्रेड, फर्स्ट ग्रेड के शिक्षक प्रिंसिपल के पद रिक्त है ऐसी हालत में पूरा शिक्षा तंत्र बिगड़ा हुआ है ।

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अन्य मांगो में आठवें वेतनमान का गठन किया जाना चाहिए, सरकार कर्मचारी कल्याण परिषद का गठन कर और शिक्षकों के लिए लाभदायक कार्य करे, प्रबोधकों को समय पर पदोन्नति का लाभ देवे, इसके साथ ही लंबे समय से शिक्षकों की अनेक मांगे जो चल रही है वह भी अधूरी पड़ी है। उन्हें पूरा किया जाए, समग्र शिक्षा के कार्यालयों में बिना पद के अनेक शिक्षक काम कर रहे हैं, शिक्षको का काम विद्यालय में विद्यार्थी को अध्ययन कराना है, विद्यालयों में विद्यार्थियों को पढ़ाने वाले नहीं है। लेकिन समग्र शिक्षा विभाग के अंदर हर जिला मुख्यालय पर 8 से 10 शिक्षकों को लगा रखा है और चुनाव कार्य के लिए अनेक शिक्षक अभी तक जमें हुए है। जो अत्यंत ही गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण है।

लैपटॉप और कम्प्यूटर के द्वारा विद्यालय की ऑनलाइन कम ग्रामीण दूर दराज में बहुत कठिन है इस तरह से अनेक प्रकार की शिक्षा से जुड़ी विद्यार्थियों से जुड़ी समस्याओं को लेकर आज 21 सूत्री मांग पत्र प्रदेश आह्वान के तहत बीकानेर में आज ज्ञापन दिया गया। संगठन ने राज्य सरकार से आह्वान किया कि तृतीय श्रेणी शिक्षकों के ने पिछले 10 सालों से स्थानांतरण नहीं कर रही है। डार्क जोन के नाम पर अनेकों के नाम पर तबादला नहीं कर रही है। लेकिन हकीकत यह है कि प्रतिवर्ष सैकड़ो शिक्षकों के तबादले तृतीय वेतन श्रृंखला के अलावा सरकार कर रही है इसलिए हम चाहते हैं सरकार प्रतिबंध हटाए और आम शिक्षकों के स्थानांतरण करें, शिक्षकों के साथ धोखा नहीं हो ।

संगठन के निम्नलिखित पदाधिकारी इस मौके पर ज्ञापन में साथ थे जिला मंत्री गोविंद भार्गव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष गोपाल पारीक, गुरु प्रसाद भार्गव, मोहम्मद अख्तर कामिल, जिला कोषाध्यक्ष असलम मोहम्मद समेजा, तहसील अध्यक्ष अजय भाटी, हनुमान प्रसाद वर्मा, कोलायत तहसील सभाध्यक्ष भंगा सिंह जी, राम रतन उपाध्याय, बीकानेर ब्लॉक मंत्री अशोक तंवर, फिरोज खान, प्रह्लाद राय, हनुमान प्रसाद,हरीश वाधवानी, सुभाष सोनी,विशेष शिक्षक नेता राजदीप सिंह यादव ज्ञापन देने वालों में शामिल थे।

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