एसके‌आरएयू‌- गोद लिए हुए गांव पेमासर में मूंगफली के मूल्य संवर्धित उत्पाद बनाने का दिया प्रशिक्षण

एसके‌आरएयू‌- गोद लिए हुए गांव पेमासर में मूंगफली के मूल्य संवर्धित उत्पाद बनाने का दिया प्रशिक्षण
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  • दीपावली के त्योहार को देखते हुए मिठाई बनाने व घर को सजाने का सामान बनाने का प्रशिक्षण भी दिया

बीकानेर, 23 अक्टूबर। स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय के गोद लिए हुए गांव पेमासर में सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय द्वारा कौशल विकास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसके अंतर्गत ग्रामीणों को मूंगफली के मूल्य संवर्धित उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही दीपावली त्योहार के मद्देनजर घर पर मिठाइयां बनाने व घर को सजाने के सामान बनाने का प्रशिक्षण भी गांव के लोगों को प्रदान किया गया। पंचायत भवन में आयोजित इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कुलपति डॉ अरुण कुमार, विशिष्ट अतिथि एसीईओ जिला परिषद दिलीप कुमार व सरपंच एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष एवं पेमासर गांव के सरपंच तोला राम कूकणा थे।इस अवसर पर सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा प्रदर्शनी का आयोजन भी रखा गया। साथ ही विद्यार्थियों ने अपने स्टार्टअप का प्रदर्शन भी किया।

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कार्यक्रम में कुलपति अरुण कुमार ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए इस प्रकार के कार्यक्रमों की सार्थकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कृषि विश्वविद्यालय की ओर से विभिन्न प्रकार के जो प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं। गांव के लोग खुद अपनी स्टॉल लगाएं। उत्पाद बेचें। एसीईओ दिलीप कुमार ने इन गतिविधियों को राजीविका से जोड़ने की बात कही जिससे ग्रामीणों को अधिक से अधिक लाभ मिल सके।

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सरपंच एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष एवं पेमासर गांव के सरपंच तोला राम कूकणा ने ग्रामीणों से आग्रह किया कि कौशल विकास कार्यक्रम के अंतर्गत दिए गए प्रशिक्षण के जरिए घर में ही विभिन्न सामग्री बनाकर बाजार में बेचकर धनोपार्जन करें। ताकि महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़े तथा वे आत्मनिर्भर भी बन सकें। इस अवसर पर जोधपुर कृषि विश्वविद्यालय के प्रसार निदेशक डॉ प्रदीप पगारिया, एसकेआरएयू के अनुसंधान निदेशक डॉ विजय प्रकाश, , निदेशक प्रसार डॉ पीएस. शेखावत, सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय अधिष्ठाता डॉ विमला ढुकवाल, कृषि महाविद्यालय अधिष्ठाता डॉ पी.के.यादव, कार्यक्रम में मंच संचालन डॉ मंजू राठौड़ व डॉ सुशील कुमार ने किया।

 

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