बीकानेर के सरकारी समाचार

बीकानेर के सरकारी समाचार
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  • पंचायती राज आम चुनाव: पोस्टर-बैनर छापने के नियम तय, उल्लंघन पर होगी कार्रवाई
  •  मजिस्ट्रेट निशान्त जैन ने दिए निर्देश
  • प्रत्येक चुनावी सामग्री पर मुद्रक और प्रकाशक का नाम-पता अनिवार्य
  • मुद्रण के तीन दिन में चार प्रतियां और निर्धारित घोषणा पत्र करवाना होगा जमा

बीकानेर, 15 अक्टूबर। पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव-2026 के मद्देनजर चुनाव प्रचार से संबंधित पोस्टर, पेम्फलेट, होर्डिंग, फ्लेक्स बोर्ड, बैनर, हैंडबिल और अन्य मुद्रित सामग्री के प्रकाशन एवं मुद्रण को लेकर नियमों की पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। जिला मजिस्ट्रेट श्री निशान्त जैन ने जिले के सभी मुद्रणालय संचालकों और प्रोपराइटर्स को लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 127-क के प्रावधानों की कड़ाई से पालना करने के निर्देश जारी किए हैं।

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राज्य निर्वाचन आयोग, राजस्थान द्वारा पंचायतीराज संस्थाओं के आम चुनाव-2026 के निर्वाचन कार्यक्रम की घोषणा के बाद जारी इन निर्देशों का उद्देश्य चुनाव प्रचार सामग्री के मुद्रण में पारदर्शिता बनाए रखना और नियमों के उल्लंघन को रोकना है।

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हर चुनावी सामग्री पर मुद्रक-प्रकाशक का नाम-पता जरूरी

निर्देशों के अनुसार प्रत्येक निर्वाचन पेम्फलेट, पोस्टर, होर्डिंग, फ्लेक्स बोर्ड, हैंडबिल, प्लेकार्ड और विज्ञापन सामग्री पर मुद्रक एवं प्रकाशक का नाम और पता स्पष्ट रूप से अंकित करना अनिवार्य होगा। चुनावी सामग्री के मुद्रण का कार्य शुरू करने से पहले प्रकाशक से निर्धारित प्रपत्र में घोषणा पत्र प्राप्त करना होगा। इस घोषणा पत्र पर प्रकाशक के हस्ताक्षर होने के साथ ही ऐसे दो व्यक्तियों का सत्यापन भी आवश्यक होगा, जो प्रकाशक को व्यक्तिगत रूप से जानते हों।

तीन दिन में जमा करवानी होंगी चार प्रतियां

जिला प्रशासन के निर्देशानुसार प्रत्येक चुनावी दस्तावेज के मुद्रण के तीन दिनों के भीतर निर्धारित घोषणा पत्र और मुद्रित सामग्री की चार प्रतियां जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय, बीकानेर में जमा करवानी होंगी। इसके साथ मुद्रित दस्तावेजों की प्रतियों की संख्या और मुद्रण कार्य के लिए ली गई कीमत से संबंधित सूचना भी निर्धारित प्रपत्र में प्रस्तुत करनी होगी।

प्रकाशक के घोषणा पत्र को मुद्रक द्वारा प्रमाणित कर जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय को भेजना होगा। प्रत्येक चुनावी दस्तावेज के संबंध में निर्धारित सूचना और मुद्रित सामग्री की प्रतियां अलग-अलग प्रस्तुत करनी होंगी। विभिन्न दस्तावेजों की जानकारी को एक साथ सामूहिक रूप से जमा करवाने के बजाय प्रत्येक सामग्री के लिए अलग प्रक्रिया अपनानी होगी।

नियमों के उल्लंघन पर होगी कार्रवाई

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 127-क तथा निर्वाचन आयोग के संबंधित आदेशों की अवहेलना करने पर संबंधित मुद्रणालय के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसमें प्रासंगिक नियमों के तहत मुद्रणालय का अनुज्ञापत्र समाप्त करने की कार्रवाई भी शामिल हो सकती है।

जिला प्रशासन ने सभी मुद्रणालय संचालकों से निर्वाचन संबंधी सामग्री के मुद्रण के दौरान निर्धारित कानूनी प्रावधानों, घोषणा पत्र और सूचना प्रस्तुत करने की प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करने को कहा है, जिससे पंचायती राज चुनाव की प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।
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  • राजकीय छात्रावासों की व्यवस्थाओं में सुधार की पहल ‘उन्नयन’
  • जिला कलक्टर के निर्देश पर गुरुवार को 22 अधिकारियों ने फिर किया छात्रावासों का निरीक्षण
  • पहले निरीक्षण से अब तक हुए बदलावों का लिया जायजा, विद्यार्थियों से किया संवाद, लिया फीडबैक

बीकानेर, 15 अक्टूबर। जिले के राजकीय छात्रावासों में आधारभूत सुविधाओं को और बेहतर बनाने, विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर में सुधार लाने तथा उनके व्यक्तित्व विकास को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा शुरू किए गए नवाचार ‘उन्नयन’ के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। जिला कलक्टर श्री निशान्त जैन की पहल पर यह पहल की गई। इसके तहत जिला कलक्टर सहित अन्य अधिकारियों ने 22 अगस्त को इन सभी छात्रावासों का निरीक्षण किया तथा विभिन्न कमियों और आवश्यकताओं का चिन्हीकरण करते हुए इन कमियों को दूर करने के निर्देश दिए गए। इसी श्रृंखला में गुरुवार को जिले के 22 अधिकारियों ने राजकीय छात्रावासों का पुनः निरीक्षण किया। पूर्व में दिए गए निर्देशों की पालना की समीक्षा की। यहां आवासित विद्यार्थियों से चर्चा की। छात्रावासों में उपलब्ध सुविधाओं, साफ-सफाई, आवास, भोजन एवं रसोई की स्थिति, सुरक्षा, खेलकूद एवं मनोरंजन आदि से जुड़ी व्यवस्थाएं देखी। बच्चों की पढ़ाई के बारे में जाना। गुरुवार को जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीमती शैलजा पांडे, उपखण्ड अधिकारी सुश्री महिमा कसाना, नगर निगम सचिव हेमेन्द्र नागर, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीमती ऋतुराज महला सहित अन्य विभिन्न उपखण्ड अधिकारियों, विकास अधिकारियों, तहसीलदारों और वरिष्ठ अधिकारियों ने इन छात्रावासों का निरीक्षण किया। साथ ही पूर्व एवं वर्तमान निरीक्षण के दौरान आए बदलाव से जुड़ी रिपोर्ट प्रस्तुत की। जिला कलक्टर ने बताया कि जिले में प्रारम्भ किया गया यह अभियान सतत रूप से जारी रहेगा तथा अधिकारियों द्वारा समय-समय पर इनका निरीक्षण किया जाएगा।
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  • राजस्थान में विशेष अभियान के तहत फॉर्म-6 के 4.80 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त

जयपुर, 15 अक्टूबर। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार राजस्थान में 1 अक्टूबर 2026 से 18-19 वर्ष आयु वर्ग के युवा मतदाताओं तथा मतदाता सूची में नाम जुड़वाने से वंचित रहे सभी पात्र व्यक्तियों के पंजीकरण हेतु विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री नवीन महाजन ने बताया कि 14 अक्टूबर 2026 तक राज्य में फॉर्म-6 के कुल 4,80,893 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें 18-19 आयु वर्ग के 2,67,946 तथा 20 वर्ष एवं अधिक आयु वर्ग के 2,12,947 आवेदन शामिल हैं।

महाजन ने बताया कि अभियान के अंतर्गत इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब (ELC), बूथ लेवल अधिकारियों, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों तथा स्वीप टीमों द्वारा समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत प्रत्येक विद्यालय एवं महाविद्यालय स्तर पर पहुंचकर पात्र युवा एवं नवमतदाताओं को जागरूक करने तथा उनका पंजीकरण सुनिश्चित करने के लिए विशेष कार्यवाही की जा रही है।

उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज करवाने से वंचित न रहे। पात्र नागरिक voters.eci.gov.in पोर्टल अथवा ECINET के माध्यम से ऑनलाइन Form-6 भरकर मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, संबंधित क्षेत्र के बूथ लेवल अधिकारी (BLO) के माध्यम से भी आवेदन किया जा सकता है।

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गरबा और दीपदान के जरिए मतदाताओं को किया जागरूक

पंचायत चुनाव में शत-प्रतिशत सहभागिता के लिए स्वीप प्रकोष्ठ की अनूठी पहल

बीकानेर, 15 अक्टूबर। आगामी पंचायत आम चुनाव 2026 में अधिकाधिक मतदाताओं की सहभागिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला निर्वाचन अधिकारी श्री निशांत जैन के आदेशानुसार तथा जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं स्वीप प्रकोष्ठ प्रभारी श्रीमती शैलजा पांडे के निर्देशन में मतदाता जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।

स्वीप सह प्रभारी एवं पीआरओ श्री सुरेश बिश्नोई ने बताया कि इसी क्रम में गुरुवार को पंचायत समिति मुख्यालयों एवं ग्राम पंचायत स्तर पर गरबा नृत्य और दीपदान के माध्यम से मतदाताओं को जागरूक किया गया। नवरात्र के अवसर पर रंग-बिरंगी पारंपरिक पोशाकों में ग्रामीण मतदाताओं ने गरबा नृत्य के जरिए मतदान का संदेश दिया। इन गतिविधियों के माध्यम से ग्रामीणों को आगामी पंचायत चुनाव में निर्भीक एवं निष्पक्ष रूप से अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया गया।

विभिन्न नवाचारों से दिया जा रहा मतदान का संदेश

स्वीप प्रकोष्ठ के समन्वयक श्री प्रशांत जोशी ने बताया कि मतदाता जागरूकता अभियान के तहत निर्धारित कैलेंडर के अनुसार विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इसके अंतर्गत वोट मैराथन, दिव्यांग एवं वृद्धजन मतदाता संवाद, मतदान जागरूकता रंगोली एवं मेहंदी तथा नारी शक्ति संवाद जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। इनका उद्देश्य मतदाताओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया के प्रति जागरूक करना तथा मतदान में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है।

प्रकोष्ठ के सह-समन्वयक श्री गोपाल जोशी ने बताया कि जिला निर्वाचन अधिकारी के निर्देशानुसार ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से मतदाता जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। इन प्रयासों के जरिए आमजन को आगामी पंचायत चुनाव में निर्भीक होकर अपने मताधिकार का प्रयोग करने तथा लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत बनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
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अंबेडकर डीबीटी वाउचर योजना के लिए आवेदन आमंत्रित, 30 नवंबर अंतिम तिथि

बीकानेर, 15 अक्टूबर। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित अम्बेडकर डीबीटी वाउचर योजना के तहत शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए ऑनलाइन आवेदन 30 नवम्बर तक प्रस्तुत किए जा सकेंगे।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के संयुक्त निदेशक श्री मनोज कुमार गहलोत ने बताया कि विभाग द्वारा इस योजनान्तर्गत जिला मुख्यालय पर संचालित समस्त राजकीय महाविद्यालयों में स्नातक एवं स्नातकोत्तर (केवल शैक्षणिक पाठ्यक्रमों) कला, विज्ञान एवं वाणिज्य संकाय हेतु) राजकीय महाविद्यालयों में अध्ययनरत छात्र (बालक) जो घर से दूर रहकर अन्य स्थान पर कमरा किराये पर लेकर (पेईंग गैस्ट के रूप में) अध्ययन करते हैं। उन छात्रों के आवास, भोजन एवं बिजली-पानी इत्यादि सुविधाओं के लिए पुनर्भरण राशि के रूप में अम्बेडकर डीबीटी वाउचर योजना के अन्तर्गत दो हजार रुपए प्रतिमाह प्रतिवर्ष (अधिकतम 10 माह हेतु) दिए जाने का प्रावधान है।

उन्होंने बताया कि योजना का लाभ शैक्षणिक सत्र 2026-27 में राजकीय महाविद्यालय की स्नातक अथवा स्नातकोत्तर कक्षाओं में नियमित रूप से अध्ययनरत एमबीसी, एसटी, एससी, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस और माइनारिटी के छात्रों को देय होगा। डीबीटी वाउचर योजना में लाभांवित होने वाले विद्यार्थियों की माता पिता की आय एससी, एसटी, एमबीसी के लिए 2.50 लाख रुपए, ओबीसी के लिए 1.50 लाख रुपए एवं ईडब्ल्यूएस के लिए 1 लाख रुपए अधिकतम निर्धारित की गई है। आवेदन प्रस्तुत किए जाने की ऑनलाईन व्यवस्था लागू की गई है। इच्छुक छात्र द्वारा ई-मित्र/एस.एस.ओ. आई.डी. के माध्यम से पोर्टल पर जनआधार कार्ड के माध्यम से http://sso.rajasthan.gov.in एवं http://sjms.rajasthan.gov.in पर आवेदन किया जा सकता है।

उन्होंने बताया कि आवेदन के समय अभ्यर्थी द्वारा सक्षम अधिकारी द्वारा जारी मूल निवास प्रमाण-पत्र, जिला मुख्यालय स्थित राजकीय महाविद्यालय में नियमित अध्ययनरत होने का प्रमाण-पत्र, स्व-प्रमाणित किराये के मकान का प्रमाण-पत्र/किराये के रसीद की प्रति, गत वर्ष उत्तीर्ण कक्षा की अंकतालिका की प्रति अपलोड़ करनी होगी। इसके अलावा अभ्यर्थी की आधार संख्या, अभ्यर्थी की जाति, परिवार की आय, अभ्यर्थी स्वयं का बैंक खाता संख्या, आदि अभ्यर्थी के जनाधार वेब सर्विस के माध्यम से ऑनलाईन करने होंगे।
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अनियमितताएं पाए जाने 3 मेडिकल स्टोर्स के अनुज्ञापत्र निलंबित

बीकानेर, 15 अक्टूबर। जांच के दौरान विभिन्न अनियमितताएं पाए जाने पर 3 मेडिकल स्टोर्स के अनुज्ञापत्र निलम्बित किए गए हैं।

अनुज्ञापन प्राधिकारी एवं सहायक औषधि नियंत्रक श्री देवेंद्र कुमार केदावत ने बताया कि पाबू बारी जस्सूसर गेट स्थित जनागल मेडिकोज का अनुज्ञापत्र 15 से 19 अक्टूबर तक 5 दिनों के लिए, मण्डी बेरियावाली, खाजूवाला स्थित जेहान फार्मेसी का अनुज्ञापत्र 21 से 23 अक्टूबर तक 3 दिनों के लिए, मोमासर बास श्रीडूंगरगगढ़ स्थित रिषि मेडिकोज का अनुज्ञापत्र 21 से 30 अक्टूबर तक 10 दिनों के लिए निलंबित किए गए हैं।
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  • कृषि विभाग (आत्मा) द्वारा महिला किसान दिवस के अवसर पर महिला किसान संगोष्ठी आयोजित
  • महिला किसानों की भागीदारी से बदलेगी कृषि की तस्वीर

बीकानेर, 15 अक्टूबर। कृषि विभाग (आत्मा) द्वारा महिला किसान दिवस के अवसर पर गुरुवार को महिला किसान संगोष्ठी का कार्यक्रम आत्मा सभागार, कृषि भवन परिसर में आयोजित किया गया।

इसमें बड़ी संख्या में नवाचारी प्रगतिशील कृषि व उद्यानिकी महिला किसानों ने वैज्ञानिकों व कृषि अधिकारियों के साथ संवाद किया। कार्यक्रम का आयोजन परियोजना निदेशक आत्मा श्री बनवारी लाल डाबला की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। इस अवसर पर श्री डाबला ने कहा कि महिला कृषि की प्लानिंग में आगे आए व निर्णायक की भूमिका से कृषि अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाए।
उद्यान विभाग के सहायक निदेशक श्री मुकेश गहलोत ने बताया कि खेतों में अंकुरित होने वाला हर बीज केवल अन्न का वादा नहीं, बल्कि किसी महिला किसान के श्रम, अनुभव और प्रकृति के साथ पीढ़ियों के संवाद का परिणाम भी है। बुवाई से कटाई, पशुपालन से बीज संरक्षण और खाद्य प्रसंस्करण से परिवार की पोषण सुरक्षा तक महिलाओं की भूमिका कृषि की आधारशिला है। 15 अक्टूबर को महिला किसान दिवस महिलाओं के कृषि योगदान को रेखांकित करने और उनकी क्षमता को नए अवसरों से जोड़ने का महत्त्वपूर्ण अवसर है। महिलाएं खेतों में श्रम के साथ पशुधन प्रबंधन, बागवानी, मत्स्य पालन, बीज संरक्षण और कृषि उपज के प्रसंस्करण में भी महत्वपूर्ण योगदान देती है। महिला किसान कृषि छात्रा, कृषि वैज्ञानिक, कृषि उद्यमी के रूप में कृषि अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। महिला कृषि पर्यवेक्षक श्रीमती सुमन बाजिया, श्रीमती कविता महला ने महिला किसान दिवस पर सहभागी महिला किसानों को कृषि में महिला की भूमिका व नेतृत्व पर प्रेरक उद्बोधन दिया।

कृषि अनुसंधान अधिकारी श्री अशोक साहू ने रबी फसलों की उन्नत किस्मों के बारे में बताया। सेवानिवृत्ति उपनिदेशक कृषि श्री अमर सिंह ने पैकेज आफ प्रैक्टिसेज के बारे में व रबी फसल महोत्सव के बारे में बताया। कृषि अधिकारी उद्यान श्री रमेश भाम्भू ने कृषि-उद्यान विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के बारे में व किचन गार्डनिंग के बारे में बताया। महिला कृषक संगोष्ठी कार्यक्रम में सहायक कृषि अधिकारी श्री राजेंद्र पहाड़िया, श्री देवेन्द्र सिंह, श्री रविंद्र मीणा, श्रीमती सोमा देवी, श्रीमती कविता महला, श्रीमती सुमन बाजिया व बडी संख्या में प्रगतिशील महिला किसान आदि उपस्थित रहे।
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  • एनआरसीसी में राष्ट्रीय महिला किसान दिवस पर कृषक-वैज्ञानिक संवाद आयोजित
  • ऊँटनी के दूध के मूल्य संवर्धन, स्वच्छ दुग्ध उत्पादन एवं वैज्ञानिक पशुपालन से महिला किसानों को जोड़ने की पहल

बीकानेर, 15 अक्टूबर। भाकृअनुप–राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केंद्र (एनआरसीसी) में राष्ट्रीय  महिला किसान दिवस के अवसर पर गुरुवार को कृषक-वैज्ञानिक संवाद एवं विभिन्न जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले के जोड़बीड़ ग्रामीण क्षेत्र की 32 महिला किसानों सहित कुल 39 किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिला किसानों को वैज्ञानिक तकनीकों, आधुनिक पशुपालन पद्धतियों तथा ऊँटनी के दूध से मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार करने की संभावनाओं से जोड़कर उनकी आजीविका के अवसरों को बढ़ावा देना रहा।

केंद्र के निदेशक डॉ. अनिल कुमार पूनिया ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान महिला किसानों को केंद्र की उष्ट्र डेयरी, डेयरी प्रौद्योगिकी एवं प्रसंस्करण इकाई, उष्ट्र बाड़ों तथा उष्ट्र संग्रहालय का भ्रमण करवाया गया। इस दौरान विशेषज्ञ वैज्ञानिकों ने उष्ट्रपालन, स्वच्छ दूध उत्पादन, ऊँटनी के दूध से विभिन्न मूल्यवर्धित उत्पादों के निर्माण, चारा उत्पादन तथा ऊँटों के स्वास्थ्य एवं उचित प्रबंधन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान कीं।

महिला किसानों का सशक्तीकरण ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती का आधार
केंद्र के निदेशक डॉ. अनिल कुमार पूनिया ने वैज्ञानिकों के माध्यम से अपना संदेश देते हुए कहा कि कृषि एवं पशुधन प्रबंधन के क्षेत्र में महिला किसानों का योगदान ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण है। महिलाओं को वैज्ञानिक तकनीकों और आधुनिक ज्ञान से जोड़कर उनकी आजीविका को मजबूत करने के साथ परिवार एवं समाज की आर्थिक समृद्धि को भी बढ़ावा दिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि महिला किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एनआरसीसी वैज्ञानिक जानकारी और तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

मूल्यवर्धित उत्पादों से आय के नए अवसरों पर जोर
केंद्र की वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं कार्यक्रम समन्वयक डॉ. बसंती ज्योत्सना ने बताया कि कार्यक्रम का आयोजन ‘समृद्ध राष्ट्र के लिए महिला किसानों का सशक्तीकरण’ विषय के अंतर्गत किया गया। इसका प्रमुख उद्देश्य पशुपालन व्यवसाय में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए उन्हें वैज्ञानिक जानकारी एवं तकनीकी नवाचारों से जोड़ना था। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के दौरान ऊँटनी के दूध से विभिन्न मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार करने की संभावनाओं ने महिला किसानों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। इसके माध्यम से उन्हें दूध के बेहतर उपयोग, उत्पाद विविधीकरण तथा आय के नए अवसरों के प्रति प्रोत्साहित किया गया।

चारा उत्पादन एवं पशु स्वास्थ्य प्रबंधन की दी जानकारी
केंद्र की वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. प्रियंका गौतम ने चरागाह इकाई (जीएफयू) के भ्रमण के दौरान कृषि क्षेत्र में उगाई जा रही विभिन्न फसलों तथा चारा उत्पादन संबंधी गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने हरे चारे के उत्पादन, पशुओं के लिए संतुलित चारा प्रबंधन तथा उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग से जुड़े महिला किसानों के प्रश्नों का वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समाधान करते हुए उपयोगी सुझाव दिए।

केंद्र की डेयरी प्रौद्योगिकी एवं प्रसंस्करण इकाई में वैज्ञानिक डॉ. मितुल कुमार ने ऊँटनी के दूध से तैयार किए जाने वाले विभिन्न दुग्ध उत्पादों का प्रदर्शन किया। उन्होंने दूध के गुणधर्मों, उससे तैयार होने वाले उत्पादों तथा स्वच्छ दूध उत्पादन की वैज्ञानिक विधियों के बारे में विस्तार से बताया। इस गतिविधि के माध्यम से महिला किसानों को दुग्ध प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन की संभावनाओं से परिचित करवाया गया।

पशुपालन की व्यावहारिक समस्याओं पर वैज्ञानिकों से किया संवाद
केंद्र की वैज्ञानिक डॉ. स्वागतिका प्रियदर्शिनी एवं डॉ. अरुणा कुनियाल ने पशु चिकित्सा विशेषज्ञों के रूप में ऊँटों के स्वास्थ्य, रोगों से बचाव तथा उचित प्रबंधन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी। संवाद के दौरान महिला पशुपालकों ने पशुपालन व्यवसाय में आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों एवं समस्याओं को साझा किया। वैज्ञानिकों ने उनकी जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए पशुओं के बेहतर स्वास्थ्य, देखभाल एवं प्रबंधन के लिए आवश्यक सुझाव प्रदान किए।

कार्यक्रम के माध्यम से महिला किसानों को वैज्ञानिक पशुपालन, स्वच्छ दुग्ध उत्पादन, चारा प्रबंधन एवं ऊँटनी के दूध के मूल्य संवर्धन संबंधी नवाचारों के प्रति जागरूक करते हुए उनकी आजीविका को अधिक सुदृढ़ एवं आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रोत्साहित किया गया।

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