आवारा कुत्तों का आतंक, ननिहाल आए मासूम को नोंचकर किया लहूलुहान, पीबीएम अस्पताल में हालत गंभीर
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बीकानेर (नोखा) 13 अप्रैल | नोखा के पांचू क्षेत्र में आवारा श्वानों (कुत्तों) का आतंक अब जानलेवा साबित हो रहा है। रविवार शाम को श्वानों के एक हिंसक झुंड ने एक मासूम बच्चे पर उस वक्त हमला कर दिया जब वह घर के बाहर खेल रहा था। इस हमले में बच्चा बुरी तरह घायल हो गया है, जिसे गंभीर हालत में बीकानेर के पीबीएम अस्पताल रेफर किया गया है।


खेलते समय किया जानलेवा हमला


जानकारी के अनुसार, राजवीर पुत्र रामलाल डूडी इन दिनों पांचू स्थित अपने ननिहाल आया हुआ था। रविवार शाम जब वह ढाणी के बाहर खेल रहा था, तभी अचानक आवारा कुत्तों के झुंड ने उसे घेर लिया। कुत्तों ने मासूम को जमीन पर गिराकर उसके चेहरे और शरीर के अन्य हिस्सों को बुरी तरह नोंच डाला। बच्चे की चीख सुनकर पहुंचे परिजनों और ग्रामीणों ने बड़ी मुश्किल से उसे कुत्तों के चंगुल से छुड़ाया।
पीबीएम अस्पताल में उपचार जारी
लहूलुहान हालत में बच्चे को तुरंत पांचू के राजकीय अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी नाजुक स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे बीकानेर रेफर कर दिया। फिलहाल मासूम राजवीर पीबीएम अस्पताल में भर्ती है, जहां उसकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
प्रशासन की अनदेखी से ग्रामीणों में आक्रोश
इस घटना ने स्थानीय प्रशासन और ग्राम पंचायतों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि:
- क्षेत्र में आवारा कुत्तों की संख्या अनियंत्रित रूप से बढ़ रही है।
- पूर्व में मवेशियों पर हमले के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए।
- अब स्थिति यह है कि लोग बच्चों को घर से बाहर अकेले भेजने में डर रहे हैं।
शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में हिंसक कुत्तों की समस्या विकराल हो चुकी है। ऊपनी में चार साल के बालक पर हुए हमले के मात्र डेढ़ महीने बाद यह दूसरी बड़ी घटना है। स्थानीय निकायों और ग्राम पंचायतों की उदासीनता के कारण मासूमों का जीवन खतरे में है। यदि प्रशासन अब भी नहीं जागा, तो ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकना असंभव होगा।


