बीकानेर की रम्मत परंपरा के प्रसिद्ध लोकगीत कलाकार सुशील कुमार सेवग ‘लालजी’ का निधन, शोक की लहर
सुशील कुमार सेवग




बीकानेर, 25 सितंबर। बीकानेर की विश्वविख्यात रम्मत परंपरा के प्रसिद्ध लोकगीत कलाकार, रियासतकालीन वंशानुगत पुजारी परिवार के सदस्य एवं शाकद्वीपीय मग ब्राह्मण समाज के रत्न सुशील कुमार सेवग उर्फ ‘लालजी’ का 24 सितंबर की मध्यरात्रि 69 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन का समाचार मिलते ही बीकानेर के सांस्कृतिक जगत, लोककलाकारों और शाकद्वीपीय समाज में शोक की लहर दौड़ गई।


सुशील कुमार सेवग का अंतिम संस्कार धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ किया गया, जहां उनके पुत्र मनमोहन सेवग ने उन्हें मुखाग्नि दी। वे अपने पीछे एक पुत्र और दो पुत्रियों से भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं।


बीकानेर की समृद्ध रम्मत कला और लोक संस्कृति के संवर्धन में उनके अतुलनीय योगदान को याद करते हुए विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियों ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उनके निधन पर पूर्व मंत्री व वरिष्ठ नेता डॉ. बुलाकीदास कल्ला, विक्रम कल्ला, पूर्व जिलाध्यक्ष यशपाल गहलोत, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. डी.पी. शर्मा, मारुनायक मंडल के अजय देराश्री, रघु जोशी, बल्लू जोशी तथा घेवर जी भादानी ने अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
इसके साथ ही राजस्थान प्रांतीय शाकद्वीपीय ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष गणेशदास सेवग, महासचिव राजेश शर्मा, भाई बंधु ट्रस्ट की अध्यक्षा श्रीमती कामिनी विमल भोजक मैया, शाकद्वीपीय ब्राह्मण बंधु ट्रस्ट के अध्यक्ष आर.के. शर्मा, वरिष्ठ समाजसेवी दुर्गादत्त भोजक, श्रीराम शर्मा, वरिष्ठ साहित्यकार हरीश बी. शर्मा, पूर्व पार्षद नितिन वत्सस, बीकानेर शाकद्वीपीय समाज के अध्यक्ष दयाशंकर शर्मा उर्फ लड्डू एवं पूर्व पार्षद दुलीचंद सेवग सहित समाज के अनेक गणमान्य जनों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना की तथा शोकाकुल परिवार को संबल प्रदान करने की अरदास की।
