संस्कार निर्माण में गीता अति महत्वपूर्ण- स्वामी विमर्शानंदगिरि


बीकानेर, 30 नवंबर । परम पूज्य ब्रह्मलीन स्वामी श्री संवित् सोमगिरिजी महाराज की प्रेरणा एवं आशीर्वाद से आज श्रीलालेश्वर महादेव मन्दिर, शिवमठ, शिवबाड़ी, बीकानेर में गीता ज्ञान लेख परीक्षा का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। मंदिर के अधिष्ठाता स्वामी श्रीविमर्शानन्दगिरि जी महाराज के सान्निध्य में यह परीक्षा प्रातः 11:00 बजे से 12:00 बजे तक कक्षा 11 और 12 के विद्यार्थियों के लिए आयोजित हुई।



गीता ज्ञान लेख परीक्षा: ‘चरित्र निर्माण में गीता का महत्व’
परीक्षा का विषय: ‘चरित्र निर्माण में गीता का महत्व’ रखा गया था।
शब्द सीमा: अधिकतम 2000 शब्द निर्धारित की गई।
पुरस्कार: प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को क्रमशः ₹2100, ₹1100 एवं ₹500 का नकद पुरस्कार, प्रशस्ति पत्र एवं संवित् साहित्य प्रदान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, पाँच विद्यार्थियों को प्रोत्साहन स्वरूप ₹250 नकद पुरस्कार दिया जाएगा।



स्वामी जी का आशीर्वाद और संदेश
मंदिर अधिष्ठाता स्वामी श्रीविमर्शानन्दगिरि जी महाराज ने विद्यार्थियों को आशीर्वाद देते हुए गीता के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मानवता का अभ्युदय और इसी जन्म में भगवान की प्राप्ति के लिए भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन से जो संवाद किया, उसे ब्रह्मऋषि वेदव्यास जी ने अपनी मेधा शक्ति से श्लोकबद्ध कर दिया। स्वामी जी ने विद्यार्थियों को विशेष रूप से संबोधित करते हुए कहा कि “विद्यार्थी जीवन में गीता का महत्व अति-महत्वपूर्ण हो जाता है, क्योंकि यह संस्कार, संकल्प, अनुशासन, इच्छा शक्ति, ज्ञान शक्ति के साथ-साथ मन को एकाग्र करने हेतु अति महत्वपूर्ण है।”
अगली कड़ी: गीता भाषण परीक्षा का होगा आयोजन
मानव प्रबोधन प्रन्यास के विजेन्द्र सिंह भाटी ने आगामी कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि बुधवार, 24 दिसंबर 2025 को प्रातः 10:00 बजे गीता भाषण परीक्षा का आयोजन किया जाएगा।
भाषण का विषय: ‘गीता और कर्मयोग’
नियम: इस परीक्षा में प्रत्येक विद्यालय से अधिकतम दो विद्यार्थी ही आवेदन कर सकते हैं।
भाषण पुरस्कार: प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को क्रमशः ₹3100, ₹2100 और ₹1100 का नकद पुरस्कार दिया जाएगा, साथ ही 5 विद्यार्थियों को प्रोत्साहन स्वरूप ₹500 नकद, प्रशस्ति पत्र एवं संवित् साहित्य प्रदान किया जाएगा।
विशेष सम्मान: जिस विद्यालय के प्रतिभागियों के सर्वाधिक अंक होंगे, उस विद्यालय को श्री रामचन्द्र गौरी मुंशी स्मृति चल वैजयन्ति प्रदान की जाएगी।








