पीबीएम ट्रॉमा सेंटर में प्रदेश की पहली ‘ऑर्थो बायोलॉजिकल क्लिनिक’ का लोकार्पण
पीबीएम ट्रॉमा सेंटर में प्रदेश की पहली 'ऑर्थो बायोलॉजिकल क्लिनिक' का लोकार्पण



- बिना ऑपरेशन होगा जोड़ों का इलाज
बीकानेर,14 अप्रैल। बीकानेर के चिकित्सा इतिहास में आज एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। पीबीएम अस्पताल से संबद्ध चुनीलाल सोमानी राजकीय ट्रॉमा सेंटर में मंगलवार को राजस्थान की पहली अत्याधुनिक ऑर्थो बायोलॉजिकल रिजनरेटिव केयर (OBRC) क्लिनिक का विधिवत लोकार्पण किया गया। यह केंद्र जोड़ों के दर्द और स्पोर्ट्स इंजरी से जूझ रहे मरीजों के लिए वरदान साबित होगा।


स्वस्थ होने की आंतरिक शक्ति का उपयोग


मुख्य अतिथि संभागीय आयुक्त विश्राम मीणा ने क्लिनिक का उद्घाटन करते हुए कहा कि इस लैब का सीधा लाभ आमजन और जोड़ों के दर्द से पीड़ित बुजुर्गों को मिलेगा। उन्होंने क्लिनिक में बिना ऑपरेशन घुटनों के इलाज की आधुनिक प्रक्रिया का अवलोकन भी किया। ट्रॉमा सेंटर निदेशक एवं क्लिनिक मुख्य प्रभारी डॉ. बी.एल. खजोटिया ने तकनीक की जानकारी देते हुए बताया कि ‘ऑर्थोबायोलॉजिक्स’ पद्धति में शरीर के भीतर छिपी “स्वस्थ होने की शक्ति” का उपयोग किया जाता है। इसमें मरीज के अपने सेल्स का उपयोग कर क्षतिग्रस्त ऊतकों (tissues) को ठीक किया जाता है, जिससे जटिल ऑपरेशनों की आवश्यकता कम हो जाती है।
भामाशाहों और शोध अनुदान का सहयोग
डॉ. खजोटिया ने बताया कि इस क्लिनिक के लिए मशीनें राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (RUHS) के रिसर्च ग्रांट, नोखा के कुलरिया परिवार और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के CSR फंड से उपलब्ध करवाई गई हैं। कार्यक्रम के दौरान भामाशाहों और सहयोगियों का सम्मान भी किया गया।
प्रमुख विशेषताएं और सुविधाएं:
बिना ऑपरेशन उपचार: क्लिनिक प्रभारी डॉ. अजय कपूर ने बताया कि जीएफसी (GFC) पद्धति आर्थराइटिस की प्राथमिक अवस्था में बिना ऑपरेशन के अत्यंत प्रभावी है।
नया अनुसंधान: पीबीएम अधीक्षक डॉ. बी.सी. घीया के अनुसार, यह क्लिनिक स्पोर्ट्स मेडिसिन और चिकित्सा शोध के क्षेत्र में बीकानेर को वैश्विक पहचान दिलाएगा।
संचालन समय: ट्रॉमा सेंटर सीएमओ डॉ. एल.के. कपिल ने जानकारी दी कि यह क्लिनिक प्रत्येक मंगलवार को ट्रॉमा सेंटर के कमरा नंबर 26 में संचालित की जाएगी।
समारोह में डॉ. रेखा आचार्य ने इसे सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज की बड़ी उपलब्धि बताया। कार्यक्रम का संयोजन वरिष्ठ लेखक अशफ़ाक कादरी ने किया। इस अवसर पर डॉ. प्रताप सिंह, डॉ. समीर पंवार, डॉ. पी.डी. वर्मा और डॉ. सुरेंद्र चोपड़ा सहित अनेक चिकित्सा विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
