हजारों खाली माचिसों की अद्भुत प्रदर्शनी

हजारों खाली माचिसों की अद्भुत प्रदर्शनी
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  • उछब थरपणा’ के समापन पर भानुप्रताप डूडी के अनूठे संग्रह ने मोह लिया मन

बीकानेर ,14 अप्रैल। बीकानेर के 539वें नगर स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में ‘राजस्थानी साफा, पाग-पगड़ी, कला संस्थान’ एवं ‘थार विरासत’ द्वारा आयोजित छह दिवसीय ‘उछब थरपणा’ समारोह का समापन मंगलवार को एक अनूठी प्रदर्शनी के साथ हुआ। लक्ष्मीनारायण रंगा सृजन-सदन में आयोजित इस प्रदर्शनी में युवा संग्रहकर्ता भानुप्रताप डूडी द्वारा संग्रहित हजारों खाली माचिस की डिब्बियों को प्रदर्शित किया गया, जो बीकानेर में अपने आप में पहला और अनूठा नवाचार रहा।

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बचपन की स्मृतियों को झकझोरता संग्रह

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प्रदर्शनी के उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार एवं व्यंग्यकार बुलाकी शर्मा ने कहा कि यह प्रदर्शनी व्यक्ति की स्मृतियों को झकझोर देने वाली है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, “इन हजारों माचिसों ने मेरे बचपन की यादें ताजा कर दीं, जब हम मित्रों में इन्हें संग्रहित करने की स्वस्थ प्रतिस्पर्धा रहती थी। ऐसी प्रदर्शनी नई पीढ़ी को अपने अतीत के दौर और उसके वैभव से रूबरू कराती है।”

ज्ञान और इतिहास का स्रोत

मुख्य अतिथि एवं राजस्थानी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति अकादमी के सचिव शरद केवलिया ने इसे युवा पीढ़ी के लिए ज्ञान का स्रोत बताया। उन्होंने कहा कि इन डिब्बियों पर अंकित देश-विदेश की घटनाओं, समसामयिक विषयों और महापुरुषों के चित्र हमारे संचित ज्ञान में नई चेतना का संचार करते हैं। वरिष्ठ साहित्यकार कमल रंगा ने भी इस नवाचार की प्रशंसा करते हुए कहा कि आज के दौर में जब माचिस का चलन करीब-करीब खत्म हो गया है, तब ऐसा संग्रह भविष्य के लिए ऐतिहासिक धरोहर है।

युवा पीढ़ी का भारी उत्साह

समारोह के संयोजक शिक्षाविद् राजेश रंगा ने अतिथियों का स्वागत किया। इस अद्भुत प्रदर्शनी को देखने के लिए सैकड़ों बालक-बालिकाएं उमड़े, जिन्होंने बड़े उत्साह के साथ भानुप्रताप डूडी से उनके संग्रह और रुचि के बारे में जानकारियां लीं।

गणमान्य जनों की उपस्थिति

इस अवसर पर भवानी सिंह राठौड़, हरिनारायण आचार्य, हेमलता व्यास, अंजू राव, चंपालाल गहलोत सहित शहर के अनेक साहित्यकारों, संस्कृतिकर्मियों और गणमान्य नागरिकों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। कार्यक्रम का संचालन कला विशेषज्ञ कृष्णचंद पुरोहित ने किया और आभार आशीष रंगा ने जताया।

 

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