सूर्यगुण पुष्पांजलि’ पुस्तक का विमोचन, कल गज-राज और ढोल-ताशों के साथ निकलेगी भगवान भास्कर की भव्य रथ यात्रा
सूर्यगुण पुष्पांजलि' पुस्तक का विमोचन


बीकानेर, 24 जनवरी। प्रत्यक्ष देव भगवान सूर्यनारायण की आराधना के महापर्व ‘सूर्य सप्तमी’ की पूर्व संध्या पर शनिवार को बीकानेर का परकोटा भक्तिमय रंग में रंगा नजर आया। श्री लक्ष्मीनाथ मंदिर प्रांगण में ‘सूर्यगुण पुष्पांजलि’ पुस्तक का गरिमामयी लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर शाकद्वीपीय समाज के प्रबुद्धजनों ने सूर्य देव की महिमा का गुणगान करते हुए रविवार को होने वाले मुख्य महोत्सव के लिए शहरवासियों को आमंत्रित किया।


वाहन रैली से गूँजा ‘जय भास्कर’ का जयघोष
लोकार्पण समारोह के दौरान संबोधित करते हुए बलदेव शर्मा ने कहा कि सूर्य देव साक्षात शक्ति के पुंज हैं और शाकद्वीपीय समाज के लिए माघ शुक्ल सप्तमी का दिन आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक है। रवि रश्मि युवा संगठन के प्रणव भोजक ने बताया कि पुस्तक विमोचन के पश्चात एक विशाल वाहन रैली निकाली गई। यह रैली श्री लक्ष्मीनाथ मंदिर से रवाना होकर भुजिया बाजार, सेवगों का चौक और जसोलाई सहित विभिन्न क्षेत्रों से गुजरी। रैली के माध्यम से समाज ने पारंपरिक वेशभूषा में जयकारे लगाते हुए आमजन को शोभायात्रा में शामिल होने का न्योता दिया।


कल सुबह 9 बजे निकलेगी शाही शोभायात्रा
रविवार, 25 जनवरी को सूर्य सप्तमी महोत्सव का मुख्य आकर्षण भगवान सूर्य की भव्य रथ यात्रा होगी।
रूट चार्ट: रथ यात्रा सुबह 9 बजे लक्ष्मीनाथ मंदिर से प्रारंभ होकर चूड़ी बाजार, भट्टड़ों का चौक, सेवगों का चौक, साले की होली, जसोलाई, मोहता चौक, आसानिया चौक, रांगड़ी चौक और बड़ा बाजार होते हुए पुनः मंदिर प्रांगण पहुंचेगी।
विशेष आकर्षण: शोभायात्रा में ऊंट, घोड़े, ढोल-ताशे और पारंपरिक वाद्ययंत्र शामिल होंगे। समाज के युवा और बुजुर्ग ‘जय भास्कर’ के जयघोष के साथ केसरिया ध्वज थामे पदयात्रा करेंगे।
आयोजन में इनकी रही उपस्थिति
पुस्तक लोकार्पण के अवसर पर दयाशंकर शर्मा, किशन कुमार, अजय, हरीश, गणेशदास, उत्तम शर्मा, मोहित शर्मा और राजेश शर्मा सहित समाज के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। वक्ताओं ने समाज की युवा पीढ़ी से अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ने का आह्वान किया।
