बीकानेर ने 200वीं बार उठाई हाईकोर्ट बेंच की आवाज—अब आश्वासन नहीं, ठोस निर्णय चाहिए
बीकानेर ने 200वीं बार उठाई हाईकोर्ट बेंच की आवाज—अब आश्वासन नहीं, ठोस निर्णय चाहिए



बीकानेर, 17 अगस्त । बीकानेर संभाग मुख्यालय पर राजस्थान उच्च न्यायालय की स्थाई खंडपीठ स्थापित करने की मांग को लेकर बार एसोसिएशन बीकानेर द्वारा 17 अगस्त को 200वां ज्ञापन सौंपा गया। यह ज्ञापन महामहिम राज्यपाल को जिला कलेक्टर के माध्यम से और मुख्य न्यायाधिपति को जिला एवं सत्र न्यायाधीश के माध्यम से प्रेषित किया गया।


अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल ने अतिरिक्त जिला कलेक्टर (नगर) और जिला एवं सत्र न्यायाधीश से मुलाकात कर अपनी मांग दोहराई। प्रतिनिधिमंडल में बार एसोसिएशन के सचिव हेमंत सिंह चौहान, उपाध्यक्ष रक्षपाल विश्नोई, लेखराम धत्तरवाल, धर्मेंद्र वर्मा, सहायक सचिव गणेश टाक सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2009 में भी इस मांग को लेकर अधिवक्ताओं ने 125 दिनों तक न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया था।



बार एसोसिएशन बीकानेर के अध्यक्ष अजय कुमार पुरोहित ने कहा कि 200वां ज्ञापन संभाग की वर्षों पुरानी न्यायोचित मांग और निरंतर संघर्ष का दस्तावेज है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब ज्ञापनों की संख्या बढ़ाने की नहीं, बल्कि ठोस और सकारात्मक निर्णय लेने की जरूरत है। यदि इस मांग पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो संभाग स्तर पर अधिवक्ताओं की बैठक बुलाकर आगामी बड़े आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी।
सचिव हेमंत सिंह चौहान ने बताया कि प्रत्येक माह की 17 तारीख को ‘प्रोटेस्ट-डे’ के रूप में मनाकर इस मांग को जीवित रखा जा रहा है। ज्ञापन में यह भी रेखांकित किया गया कि रियासतकाल में 1922 से 1949 तक बीकानेर में उच्च न्यायालय संचालित था और उसका ऐतिहासिक भवन आज भी उपलब्ध है। वर्तमान में संभाग के दूरस्थ इलाकों से आमजन को लगभग 500 किलोमीटर की यात्रा तय करनी पड़ती है। एसोसिएशन ने राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 की धारा 51(3) के तहत कार्रवाई कर बीकानेर में स्थाई हाईकोर्ट बेंच की स्थापना की पुरजोर मांग की है।

