देश को दहलाने की बड़ी साजिश नाकाम, दिल्ली पुलिस ने पकड़े 8 आतंकी; लाल किला और मंदिर थे निशाने पर
देश को दहलाने की बड़ी साजिश नाकाम, दिल्ली पुलिस ने पकड़े 8 आतंकी; लाल किला और मंदिर थे निशाने पर


नई दिल्ली, 23 फरवरी। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक राष्ट्रव्यापी ऑपरेशन के दौरान 8 संदिग्ध आतंकवादियों को गिरफ्तार कर देश पर मंडरा रहे एक बड़े खतरे को टाल दिया है। जांच में खुलासा हुआ है कि ये आतंकी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और प्रतिबंधित संगठन लश्कर-ए-तैयबा के इशारे पर भारत में बड़े हमलों की फिराक में थे। पकड़े गए आरोपियों में से 7 अवैध बांग्लादेशी नागरिक हैं, जो फर्जी पहचान पत्र के सहारे भारत के अलग-अलग हिस्सों में छिपे हुए थे।


आतंकी नेटवर्क का भंडाफोड़


बंगाल से तमिलनाडु तक छापेमारीइस बड़ी सफलता की शुरुआत 7 फरवरी को हुई थी, जब दिल्ली और कोलकाता के मेट्रो स्टेशनों पर ‘फ्री कश्मीर’ जैसे भड़काऊ पोस्टर लगाए गए थे।
शुरुआती गिरफ्तारी
पुलिस ने सबसे पहले पश्चिम बंगाल से उमर फारूक और राबिल-उल-इस्लाम को दबोचा।
तिरुपुर कनेक्शन: इन दोनों से मिली सूचना के आधार पर तमिलनाडु के तिरुपुर जिले की एक गारमेंट फैक्ट्री में छापेमारी की गई। वहां से 6 और संदिग्ध पकड़े गए, जो नकली आधार कार्ड का इस्तेमाल कर मजदूरी कर रहे थे।
बरामदगी: पुलिस ने इनके पास से 8 मोबाइल फोन और 16 सिम कार्ड बरामद किए हैं, जिनका उपयोग विदेशी हैंडलर्स से बात करने के लिए किया जा रहा था।लश्कर और हाफिज सईद से जुड़े तारजांच की परतें खुलने पर पता चला कि इस पूरे मॉड्यूल का मास्टरमाइंड बांग्लादेश में बैठा शब्बीर अहमद है।
पुराना अपराधी: शब्बीर भारत में पहले भी एक ब्लास्ट केस में सजा काट चुका है और रिहा होने के बाद बांग्लादेश भाग गया था।
बदले की साजिश: खुफिया अलर्ट के अनुसार, पाकिस्तान ने फरवरी में अपनी एक मस्जिद में हुए धमाके का झूठा आरोप भारत पर मढ़ते हुए लश्कर सरगना हाफिज सईद की मदद से बदला लेने की योजना बनाई थी। इनके निशाने पर दिल्ली का लाल किला और कई प्रतिष्ठित मंदिर थे, जिनकी रेकी भी की जा चुकी थी।
साजिश का क्रम: कैसे बुना गया जाल?
- 7 फरवरी को दिल्ली और कोलकाता में कश्मीर को लेकर भड़काऊ पोस्टर लगाए गए।
- 2. दिल्ली पुलिस ने जांच शुरू की और बंगाल से दो लोगों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में तमिलनाडु का लिंक मिला। तमिलनाडु रेडतिरुपुर से मोहम्मद शाहिद, उज्ज्वल और अन्य पकड़े गए.
- 3. तिरुपुर की एक गारमेंट फैक्ट्री से बाकी लोग पकड़े गए। इनके पास से नकली आधार कार्ड मिले।
- 4. पता चला कि इन सबका मास्टरमाइंड शब्बीर है, जो बांग्लादेश से बैठकर लश्कर और हाफिज सईद की मदद से नेटवर्क चला रहा था।
फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों को रिमांड पर लेकर हथियारों की सप्लाई चेन और अन्य स्लीपर सेल्स के बारे में पूछताछ कर रही है।
