पापड़ उद्योग की विशिष्ट कार्यप्रणाली को ध्यान में रखते हुए श्रम विभाग सहानुभूतिपूर्वक विचार करे: वेद प्रकाश अग्रवाल
पापड़ उद्योग की विशिष्ट कार्यप्रणाली को ध्यान में रखते हुए श्रम विभाग सहानुभूतिपूर्वक विचार करे: वेद प्रकाश अग्रवाल



बीकानेर, 16 जून। बीकानेर पापड़ भुजिया उद्योग के अध्यक्ष तथा बीकानेर व्यापार उद्योग मण्डल के उपाध्यक्ष वेद प्रकाश अग्रवाल के नेतृत्व में औद्योगिक संगठनों के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने संभागीय संयुक्त श्रम आयुक्त से मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने संयुक्त श्रम आयुक्त का दुपट्टा पहनाकर व गुलदस्ता भेंट कर आत्मीय सम्मान किया। वार्ता के दौरान पापड़ उद्योग में कार्यरत महिलाओं की मजदूरी दरों तथा उनकी विशिष्ट कार्य व्यवस्था से संबंधित नीतिगत विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई और उद्योग की वास्तविक जमीनी परिस्थितियों से प्रशासन को अवगत करवाया गया।


बंधनरहित और पूर्णतः स्वतंत्र है गृह उद्योग का स्वरूप
संभागीय संयुक्त श्रम आयुक्त के साथ हुई इस महत्वपूर्ण वार्ता में बीकानेर पापड़ भुजिया उद्योग संस्थान के अध्यक्ष वेद प्रकाश अग्रवाल ने उद्योग का पक्ष रखते हुए स्पष्ट किया कि पापड़ निर्माण पूरी तरह से एक ‘गृह उद्योग’ का स्वरूप लिए हुए है।


स्वेच्छा से कार्य: इस कुटीर उद्योग में बहुत बड़ी संख्या में महिलाएं अपनी व्यक्तिगत सुविधा, पारिवारिक आवश्यकता और उपलब्ध समय के अनुसार पूरी तरह स्वेच्छा से कार्य करती हैं।
कोई निश्चित अवधि नहीं: इन कामकाजी महिलाओं को किसी भी प्रकार के प्रशासनिक बंधन, कड़े पर्यवेक्षण (निगरानी) अथवा किसी निश्चित कार्य अवधि (ड्यूटी आवर्स) के दायरे में नहीं रखा जाता है। वे पूर्णतः स्वतंत्र रहकर अपने-अपने घरों से ही इस कार्य को संपादित करती हैं।
प्रत्यक्ष नियोजन नहीं, महिलाएं अपनी इच्छा से चुनने को स्वतंत्र
संस्थान द्वारा श्रम विभाग के आला अधिकारियों के समक्ष यह तथ्य पुरजोर तरीके से रखा गया कि अधिकांश पापड़ निर्माण औद्योगिक इकाइयों द्वारा इन महिलाओं को प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से अपने यहाँ नियमित कर्मचारी के रूप में नियोजित नहीं किया जाता है।
महिलाओं पर किसी भी प्रकार का नियंत्रण या अनिवार्य कार्य व्यवस्था लागू नहीं होती। वे अपनी इच्छा और सहूलियत के अनुसार एक ही समय में विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के लिए कार्य करने को स्वतंत्र होती हैं, जिससे वे अपनी आजीविका और पारिवारिक आय में बढ़ोतरी कर सकें। किसी भी फैक्ट्री या इकाई द्वारा उन्हें एक निश्चित समय या सीमा तक कार्य करने के लिए कभी बाध्य नहीं किया जाता।
सहानुभूतिपूर्वक और न्यायोचित निर्णय की अपील: बीकानेर पापड़ भुजिया उद्योग संस्थान ने श्रम विभाग से पुरजोर आग्रह किया है कि पापड़ उद्योग की इस अनूठी और पारंपरिक कार्यप्रणाली एवं इसके गृह उद्योग की मूल प्रकृति को ध्यान में रखते हुए ही मजदूरी दरों व नियमों पर विचार किया जाए। संस्थान ने इन प्रस्तुत तथ्यों के आधार पर सहानुभूतिपूर्वक और न्यायोचित निर्णय लेने की मांग की है, ताकि उद्योग की निरंतरता बनी रहे और इससे जुड़े हजारों परिवारों के आर्थिक हित प्रभावित न हों।
इस महत्वपूर्ण सांगठनिक वार्ता के अवसर पर किशन लाल बोथरा, कमल बोथरा, दाऊ लाल अग्रवाल, श्रम संयुक्त आयुक्त महेन्द्र खड़गावत, ईएसआई विभाग से प्रयाग जी, फैक्ट्री एवं बॉयलर विभाग से सृष्टि जी, ईपीएफ डिपार्टमेंट के वरिष्ठ अधिकारीगण तथा श्रम विभाग के सचिव धनेश माकर मुख्य रूप से मौजूद रहे। इसके अतिरिक्त बैठक में बीछवाल इंडस्ट्रियल एरिया, रानी बाजार इंडस्ट्रियल एरिया के कपड़ा व पापड़ व्यवसायी तथा करणी नगर इंडस्ट्रियल एरिया के सभी प्रमुख उद्यमियों ने भी उपस्थित होकर अपनी-अपनी व्यावहारिक समस्याएं और सुझाव अधिकारियों के समक्ष रखे।


