विश्व युद्ध की आहट: पश्चिम एशिया में महासंग्राम शुरू; अमेरिका-इजराइल का ईरान पर भीषण हमला, जवाब में दुबई और अमेरिकी बेस पर दागीं मिसाइलें
विश्व युद्ध की आहट


तेहरान/यरूशलेम, 28 फरवरी 2026। पश्चिम एशिया (Mid-East) से इस वक्त की सबसे बड़ी और भयावह खबर सामने आ रही है। शनिवार सुबह अमेरिका और इजराइल ने एक साझा सैन्य कार्रवाई करते हुए ईरान पर ‘प्रीएम्पिव स्ट्राइक’ (संभावित खतरे को रोकने हेतु हमला) की है। इजराइल ने इस ऑपरेशन को ‘लियोन्स रोर’ (शेर की दहाड़) नाम दिया है। इस हमले के बाद ईरान ने भी कड़ा पलटवार करते हुए इजराइल और दुबई सहित खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलों की बरसात कर दी है। पूरा क्षेत्र अब एक भीषण पूर्णकालिक युद्ध की कगार पर खड़ा है।


ईरान में तबाही: 24 छात्राओं समेत 40 की मौत
शनिवार तड़के हुए इस हमले में इजराइली और अमेरिकी वायुसेना ने ईरान के रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया।


प्रमुख निशाने: ईरान का खुफिया मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, परमाणु ऊर्जा संगठन और सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह खामेनेई का कार्यालय।
हताहत: ईरानी न्यूज एजेंसी ‘इरना’ के अनुसार, इन हमलों में अब तक 40 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें एक कॉलेज की 24 छात्राएं भी शामिल हैं। करीब 45 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। सुरक्षा के लिहाज से खामेनेई को किसी अज्ञात सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया है।
ईरान का पलटवार: 400 मिसाइलों से दहला दुबई और अमेरिकी बेस
ईरान ने इस हमले का जवाब देने में देरी नहीं की। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने जवाबी कार्रवाई में करीब 400 मिसाइलें दागी हैं।
अमेरिकी ठिकानों पर प्रहार: ईरान ने केवल इजराइल ही नहीं, बल्कि कुवैत, कतर, बहरीन और सऊदी अरब में स्थित अमेरिकी मिलिट्री बेसों को भी निशाना बनाया है।
दुबई पर हमला: ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के सबसे प्रमुख शहर दुबई को भी निशाना बनाया है, जिससे वैश्विक व्यापार और पर्यटन जगत में हड़कंप मच गया है।
इजराइल में ‘स्पेशल इमरजेंसी’: बंकरों में पहुंचे लोग
हमले के बाद इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने पूरे देश में विशेष आपातकाल (Special Emergency) लागू कर दिया है।
अलर्ट: पूरे देश में युद्ध के सायरन गूंज रहे हैं और नागरिकों के मोबाइल पर एडवांस अलर्ट भेजे गए हैं। नागरिकों को खुले इलाकों से हटकर बंकरों या सुरक्षित स्थानों पर रहने का आदेश दिया गया है।
पाबंदियां: इजराइल ने अपना हवाई क्षेत्र (Airspace) बंद कर दिया है। स्कूल-कॉलेज अनिश्चितकाल के लिए बंद हैं और सभी सार्वजनिक कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं।
डोनाल्ड ट्रंप का सख्त रुख: “खतरे को खत्म करना जरूरी”
यह सैन्य कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु हथियारों को लेकर बातचीत चल रही थी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस जॉइंट एक्शन की पुष्टि करते हुए कहा कि ईरान का मिसाइल प्रोग्राम अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए बड़ा खतरा बन गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस कार्रवाई का मकसद ईरान की मिसाइल क्षमता को पूरी तरह तबाह करना है ताकि भविष्य के किसी भी बड़े खतरे को टाला जा सके।
दुनिया पर संकट: क्या शुरू होगा तृतीय विश्व युद्ध?
पश्चिम एशिया में भड़की यह आग अब केवल दो देशों तक सीमित नहीं रही है। दुबई और अमेरिकी बेसों पर हमले के बाद वैश्विक राजनीति में तनाव चरम पर है। अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों को डर है कि यदि रूस और चीन जैसे देश इस विवाद में सीधे कूदते हैं, तो यह तीसरे विश्व युद्ध की शुरुआत हो सकती है। फिलहाल, पूरी दुनिया की नजरें ईरान के अगले कदम और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।
