ACB की बड़ी स्ट्राइक में ED का हेड कॉन्स्टेबल 13 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार, CA को आरोपी बनाने की दे रहा था धमकी
ACB की बड़ी स्ट्राइक में ED का हेड कॉन्स्टेबल 13 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार


सीकर/जयपुर, 1 मार्च। राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की जयपुर टीम ने शनिवार को सीकर में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) के एक हेड कॉन्स्टेबल को भारी भरकम रिश्वत राशि के साथ दबोच लिया। आरोपी उत्तम पांडे को कल्याण सर्किल स्थित अशोका होटल से 13 लाख रुपये की घूस लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। आरोपी ने एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) को केस में फंसाने का डर दिखाकर कुल 20 लाख रुपये की डिमांड की थी।


होटल के बाहर बिछाया जाल: डमी नोटों से फंसा आरोपी
एसीबी के अनुसार, पीड़ित CA ने शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी उत्तम पांडे उसे लगातार धमकियां दे रहा था।


रिश्वत का गणित: आरोपी ने मामला रफा-दफा करने के लिए 20 लाख रुपये मांगे थे, जिसमें से 2 लाख रुपये वह पहले ही वसूल चुका था।
ट्रैप की रणनीति: एसीबी ने जाल बिछाते हुए पीड़ित को 11 लाख रुपये के डमी नोट और 2 लाख रुपये असली (कुल 13 लाख) देकर भेजा। जैसे ही हेड कॉन्स्टेबल ने होटल के बाहर यह राशि स्वीकार की और अंदर जाने लगा, घात लगाए बैठी एसीबी टीम ने उसे दबोच लिया।
चंडीगढ़ ED का मामला और वॉट्सएप कॉलिंग का खेल
जांच में सामने आया कि यह पूरा मामला चंडीगढ़ ED में दर्ज एक जांच से जुड़ा है।
समन की तामील: चंडीगढ़ ED में ‘मोहम्मद शकील’ (QFX कंपनी) के खिलाफ मामला दर्ज है, जिसकी जांच असिस्टेंट डायरेक्टर अतुल गुप्ता कर रहे हैं।
साजिश: आरोपी उत्तम पांडे समन की तामील करवाने सीकर आया था। उसने पीड़ित CA से संपर्क कर उसे डराया कि वह उसे भी इस मामले में आरोपी बना देगा। पकड़े जाने से बचने के लिए आरोपी केवल वॉट्सएप कॉल के जरिए ही रुपयों की डिमांड करता था।
30 दिसंबर से चल रही थी निगरानी
परिवादी ने 30 दिसंबर 2025 को एसीबी में इस भ्रष्टाचार की रिपोर्ट दी थी। एसीबी ने तकनीकी सर्विलांस और सत्यापन के बाद शनिवार को इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। आरोपी उत्तम पांडे खुद को ईडी का बड़ा अधिकारी बताकर रौब झाड़ता था। फिलहाल एसीबी की टीम आरोपी से पूछताछ कर रही है और इस मामले में विभाग के अन्य अधिकारियों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।
