हॉस्टल में 7वीं के छात्र ने जीवनलीला समाप्त की; इकलौते बेटे की मौत पर परिजनों ने जताया संदेह
हॉस्टल में 7वीं के छात्र ने जीवनलीला समाप्त की; इकलौते बेटे की मौत पर परिजनों ने जताया संदेह


सीकर में शिक्षा नगरी को झकझोर देने वाली घटना


सीकर, 2 मार्च । राजस्थान के सीकर जिले से एक अत्यंत हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ एक निजी स्कूल के हॉस्टल में रहने वाले 13 वर्षीय छात्र ने कथित तौर पर सुसाइड कर लिया। मूल रूप से मध्य प्रदेश का रहने वाला यह छात्र यहाँ रहकर 7वीं कक्षा में पढ़ाई कर रहा था। घटना रविवार रात की बताई जा रही है, जिसके बाद सोमवार को परिजनों ने मौके पर पहुँचकर मामले को संदिग्ध बताते हुए जांच की मांग की है।


मां से मिलने के कुछ ही घंटों बाद उठाया खौफनाक कदम
पुलिस और छात्रावास सूत्रों के अनुसार, घटनाक्रम रविवार दोपहर से शुरू हुआ जब छात्र की मां उससे मिलने हॉस्टल आई थी।
आखिरी मुलाकात: दोपहर में मां अपने बेटे से मिलकर खाटूश्यामजी दर्शन के लिए निकल गई। किसी को आभास भी नहीं था कि यह उनकी आखिरी मुलाकात होगी।
समय और स्थान: रात करीब 7 से 8 बजे के बीच, जब कमरे के अन्य छात्र खाना खाने के लिए मैस में गए थे, तब छात्र ने खिड़की से बेल्ट का फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली। जब साथी छात्र वापस लौटे, तब घटना का खुलासा हुआ।
इकलौता चिराग बुझने से परिवार में कोहराम; संदिग्ध मौत की आशंका
मृतक छात्र अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था और उसके पिता मध्य प्रदेश में खेती करते हैं। सोमवार को जब परिजन मध्य प्रदेश से सीकर पहुँचे, तो उन्होंने घटनास्थल का मुआयना किया और छात्र की मौत पर गहरे सवाल खड़े किए।
परिजनों का पक्ष: परिवार का कहना है कि मामला सामान्य सुसाइड का नहीं बल्कि संदिग्ध है। उन्होंने पुलिस से निष्पक्ष जांच की गुहार लगाई है।
पुलिस की कार्रवाई: सदर थाना पुलिस ने मेडिकल बोर्ड से शव का पोस्टमार्टम करवाया है। सब इंस्पेक्टर मनोज कुमार यादव ने बताया कि परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर गहन जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि क्या छात्र पर पढ़ाई का दबाव था या कोई अन्य कारण।
हॉस्टल सुरक्षा और काउंसलिंग पर फिर उठे सवाल
सीकर जैसे एजुकेशन हब में एक छोटे बच्चे द्वारा उठाए गए इस कदम ने छात्रावासों में बच्चों की सुरक्षा और उनके मानसिक स्वास्थ्य की निगरानी पर फिर से सवालिया निशान लगा दिए हैं। पुलिस के पहुँचने से पहले ही शव को नीचे उतार लिए जाने की बात भी जांच के दायरे में है। फिलहाल, पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और सहपाठियों के बयानों का इंतजार कर रही है ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
