बीकानेर में हाईकोर्ट खंडपीठ की मांग तेज: बार एसोसिएशन ने सौंपा 195वां ज्ञापन
बीकानेर में हाईकोर्ट खंडपीठ की मांग तेज


न्यायालय परिसर की दुर्दशा पर भी जताया रोष


बीकानेर, 17 मार्च । बीकानेर में राजस्थान उच्च न्यायालय की खंडपीठ (High Court Bench) स्थापित करने की दशकों पुरानी मांग को लेकर अधिवक्ताओं ने एक बार फिर हुंकार भरी है। मंगलवार को बार एसोसिएशन, बीकानेर के अध्यक्ष अजय कुमार पुरोहित के नेतृत्व में जिला प्रशासन और न्यायपालिका के माध्यम से सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाई गई।


195वां ज्ञापन: “न्याय के लिए दूरी बनी बाधा”
बार एसोसिएशन ने अपनी सतत मुहिम के तहत आज 195वां ज्ञापन प्रेषित किया। यह ज्ञापन जिला कलेक्टर के माध्यम से माननीय राज्यपाल को और जिला एवं सत्र न्यायाधीश के माध्यम से माननीय मुख्य न्यायाधीश, राजस्थान उच्च न्यायालय को भेजा गया।
तर्क: अधिवक्ताओं का कहना है कि जोधपुर स्थित उच्च न्यायालय की बीकानेर से अधिक दूरी के कारण आम जनता को समय और धन की भारी हानि उठानी पड़ती है।
तथ्य: ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि जोधपुर उच्च न्यायालय में लंबित अधिकांश प्रकरण बीकानेर संभाग और पड़ोसी जिलों से संबंधित हैं, इसलिए बीकानेर में खंडपीठ की स्थापना जनहित में अत्यंत आवश्यक है।
न्यायालय परिसर की अव्यवस्थाओं पर प्रशासन को घेरा
खंडपीठ की मांग के साथ-साथ बार एसोसिएशन ने वर्तमान न्यायालय परिसर की बदहाल स्थिति पर भी कड़ी नाराजगी व्यक्त की। अधिवक्ताओं ने मुख्य रूप से निम्नलिखित समस्याओं को उठाया:
पार्किंग एवं अतिक्रमण: पुराने न्यायालय परिसर में पार्किंग स्थल की अव्यवस्था, कचरा और बढ़ते अतिक्रमण से पक्षकारों और वकीलों को परेशानी हो रही है।
जर्जर शौचालय: BSNL कार्यालय और स्टाम्प विक्रेताओं के समीप स्थित शौचालय जर्जर अवस्था में हैं, जिससे वहां गंदगी का अंबार लगा है।
प्रशासनिक सुस्ती: बार एसोसिएशन ने अवगत कराया कि जिला प्रशासन ने तीन माह पूर्व निर्देश दिए थे, लेकिन धरातल पर अब तक कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं हुई है।
प्रमुख अधिवक्ताओं की उपस्थिति
इस अवसर पर बार अध्यक्ष अजय कुमार पुरोहित, उपाध्यक्ष लेखराम धत्तरवाल, रक्षपाल बिश्नोई, धर्मेन्द्र वर्मा, मनीष गौड़ और सहायक सचिव मुखराम कुकणा सहित वरिष्ठ अधिवक्ता नारायण चौपड़ा, सुरेंद्रपाल शर्मा, भंवर बिश्नोई, मनीराम विष्नोई, सकिना बानो, ताराचन्द उपाध्याय और दिव्या सोढ़ा आदि उपस्थित रहे।
