बीकानेर में चैत्र प्रतिपदा की पूर्व संध्या पर ‘मिनी अयोध्या’ सा नजारा, 11 हजार दीपकों से जगमगाया सूरसागर झील परिसर
11 हजार दीपकों से जगमगाया सूरसागर झील परिसर


बीकानेर, 18 मार्च । भारतीय नववर्ष (विक्रम संवत 2083) के स्वागत में बुधवार शाम बीकानेर का ऐतिहासिक सूरसागर झील परिसर भक्ति और रोशनी के अनूठे संगम का साक्षी बना। वीर सावरकर पर्यावरण सेवा समिति द्वारा आयोजित भव्य दीपोत्सव में 11 हजार दीपकों की झिलमिलाहट ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया।


स्वास्तिक और ‘जय श्रीराम’ की आकृतियों से सजी झील
कार्यक्रम के दौरान दीपकों को विशेष क्रम में सजाकर स्वास्तिक, ‘जय श्रीराम’ और ‘ओम्’ की भव्य आकृतियां बनाई गईं। शाम ढलते ही जब हजारों दीप प्रज्वलित हुए, तो सूरसागर का दृश्य अयोध्या के दीपोत्सव की याद दिला रहा था। इस अवसर पर भव्य आतिशबाजी की गई और महाआरती के साथ सनातनी परंपरा के अनुसार नववर्ष का अभिनंदन किया गया। उपस्थित जनसमूह को प्रसाद वितरित कर मंगल कामनाएं दी गईं।


जन-भागीदारी का अनूठा उदाहरण
समिति के संस्थापक सदस्य और पूर्व पार्षद उम्मेद सिंह राजपुरोहित ने बताया कि इस आयोजन को सफल बनाने के लिए व्यापक स्तर पर जन-भागीदारी सुनिश्चित की गई थी। कार्यक्रम से कई दिन पूर्व ही आसपास के मोहल्लों में घर-घर रुई वितरित की गई थी, जहाँ महिलाओं और बच्चों ने उत्साहपूर्वक दीपों की बत्तियां तैयार कीं। बुधवार शाम को भी बड़ी संख्या में आमजन ने स्वयं दीपक जलाकर इस उत्सव में अपनी आहुति दी।
प्रमुख अतिथियों की उपस्थिति
दीपोत्सव का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथि बीकानेर पूर्व विधायक सिद्धि कुमारी और विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. सत्यप्रकाश आचार्य ने दीप प्रज्वलन कर किया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्रीय कार्यवाह जसवंत खत्री, विभाग प्रचारक चंपेश जी और डूंगर कॉलेज के पूर्व प्राचार्य दिग्विजय सिंह भी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
आयोजन को सफल बनाने में समिति अध्यक्ष मदन मोदी, विजय सिंह पड़िहार, मोहित राजपुरोहित, अजय खत्री सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भूमिका निभाई। इस भव्य आयोजन ने बीकानेर के सांस्कृतिक वैभव को एक नई ऊंचाई प्रदान की है।

