बीकानेर के नालंदा स्कूल में गणगौर उत्सव की धूम: ‘प्रकृति संरक्षण का पर्व है गणगौर’—साहित्यकार कमल रंगा

बीकानेर के नालंदा स्कूल में गणगौर उत्सव की धूम: 'प्रकृति संरक्षण का पर्व है गणगौर'—साहित्यकार कमल रंगा
quicjZaps 15 sept 2025
STBA 5 JUNE 2026

बीकानेर, 18 मार्च । भारतीय नव संवत्सर 2083 की पूर्व संध्या पर बीकानेर के नालंदा पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल में ‘करुणा क्लब’ इकाई द्वारा गणगौर उत्सव का भव्य आयोजन किया गया। विद्यालय प्रांगण राजस्थानी संस्कृति के रंगों और पारंपरिक गीतों से सराबोर नजर आया, जहाँ नन्हे-मुन्ने बच्चों ने अपनी प्रस्तुतियों से भारतीय सभ्यता की जड़ों को मजबूत करने का संदेश दिया।

indication
L.C.Baid Childrens Hospiatl

गणगौर: प्रेम, समर्पण और प्रकृति का उत्सव
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित राजस्थानी भाषा के विख्यात साहित्यकार कमल रंगा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि गणगौर केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि प्रकृति संरक्षण का भी पर्व है। उन्होंने बताया कि इस त्योहार में गाए जाने वाले लोकगीत और नृत्य प्रकृति की सुंदरता का जश्न मनाते हैं। शिव-पार्वती (ईशर-गवर) की यह पूजा सुहागिनों के लिए अखंड सौभाग्य और बालिकाओं के लिए सुयोग्य वर की प्राप्ति का प्रतीक है, जो पारिवारिक प्रेम और समर्पण को प्रगाढ़ बनाती है।

pop ronak

संस्कृति के संरक्षण का अनूठा नवाचार
शाला प्राचार्य राजेश रंगा ने इस आयोजन को वर्तमान दौर के लिए अत्यंत प्रासंगिक बताया। उन्होंने कहा “आज जब युवा पीढ़ी पाश्चात्य संस्कृति की होड़ में अपने संस्कारों को भूल रही है, तब स्कूली बच्चों द्वारा ऐसे पारंपरिक उत्सव मनाना हमारी सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखने की दिशा में एक सराहनीय कदम है।”

गीत, नृत्य और मनमोहक प्रस्तुतियां
सांस्कृतिक प्रभारी हेमलता व्यास और सहप्रभारी प्रीति राजपूत के निर्देशन में छात्राओं ने अद्भुत प्रस्तुतियां दीं। जीवंत रूप: छात्रा आर्या जोशी और खुशी गहलोत ने ईशर-गवर का रूप धारण कर सबका मन मोह लिया।

पारंपरिक गायन: दीपिका छंगाणी, अर्चना और अन्य छात्राओं ने ‘बाड़ी वाला बाड़ी खोल…’ जैसे पारंपरिक गणगौर गीतों की सुमधुर प्रस्तुति दी।

मांडणे और सजावट: तनुश्री, कृतिका और वंदनी सहित कई छात्राओं ने गवर माता के सुंदर मांडणे मांडकर अपनी कला का प्रदर्शन किया।

शिक्षिकाओं का उत्साह: विद्यालय की अध्यापिकाओं ने भी ‘घुड़ले’ के गीतों पर सामूहिक नृत्य कर उत्सव के आनंद को दोगुना कर दिया।

कार्यक्रम का संचालन विभा रंगा ने किया, जबकि करुणा क्लब के प्रभारी हरिनारायण आचार्य ने क्लब की वर्षभर की गतिविधियों पर प्रकाश डाला। अंत में आशीष रंगा ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

 

sesumo school
sjps