शौर्य, स्वाभिमान और संस्कारों की धरती: राजस्थान’ विषयक संगोष्ठी 29 मार्च को, श्रीडूंगरगढ़ में जुटेगी विद्वानों की टोली
29 मार्च को, श्रीडूंगरगढ़ में जुटेगी विद्वानों की टोली


श्रीडूंगरगढ़/बीकानेर, 21 मार्च। राजस्थान स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में भाषा, साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में अग्रणी संस्था राष्ट्रभाषा हिन्दी प्रचार समिति, श्रीडूंगरगढ़ द्वारा एक भव्य समारोह का आयोजन किया जाएगा। आगामी 29 मार्च को ‘संस्कृति भवन’ में आयोजित होने वाली इस संगोष्ठी का मुख्य विषय ‘शौर्य, स्वाभिमान और संस्कारों की धरती: राजस्थान’ रखा गया है।


इतिहास और वर्तमान का होगा संगम
समिति के अध्यक्ष श्याम महर्षि ने कार्यक्रम की घोषणा करते हुए बताया कि राजस्थान की गौरवशाली परंपराओं को आधुनिक संदर्भ में रेखांकित करना इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य है। संस्था के मंत्री और साहित्यकार रवि पुरोहित ने कार्यक्रम की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि इस संगोष्ठी की अध्यक्षता प्रख्यात शिक्षाविद् और इतिहासकार डॉ. कमल कोठारी करेंगे।


विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
समारोह में देश-प्रदेश की जानी-मानी हस्तियां अपने विचार साझा करेंगी।
मुख्य अतिथि: प्रख्यात मोटिवेशनल स्पीकर डॉ. गौरव बिस्सा।
विशिष्ट अतिथि: कमांडेंट एवं सोशल एक्टिविस्ट सीमा हिंगोनिया।
मुख्य वक्ता: शिक्षाविद् एवं लेखक डॉ. चक्रवर्ती श्रीमाली, जो राजस्थान के इतिहास से लेकर वर्तमान तक के जीवंत मूल्यों पर व्याख्यान देंगे।
इन विषयों पर केंद्रित होगा व्याख्यान
डॉ. चक्रवर्ती श्रीमाली का संबोधन राजस्थान के मरुस्थल, पर्यावरण, सतत विकास और संघर्षपूर्ण इतिहास पर आधारित होगा। विशेष रूप से परंपरा से नेतृत्व की ओर अग्रसर नारी शक्ति और आधुनिक पहचान के स्वाभिमान जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
साहित्यकारों और विद्वानों का समागम
समारोह संयोजक और कवयित्री भगवती पारीक ने जानकारी दी कि 29 मार्च को प्रातः 10 बजे शुरू होने वाले इस कार्यक्रम में प्रदेश भर के साहित्यकार, इतिहासकार और प्रबुद्धजन सम्मिलित होंगे। यह आयोजन राजस्थान की सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक संस्कारों को नई पीढ़ी तक पहुँचाने की एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगा।
