महाराष्ट्र में सियासी भूचाल, अशोक खरात मामले में 5 नरबलि का संदेह, कांग्रेस का बड़ा हमला
नासिक में फर्जी ज्योतिषी अशोक खरात का 'इमली कांड' उजागर,तंत्र-मंत्र के नाम पर लाखों की ठगी और महिलाओं के यौन शोषण जैसे संगीन आरोप


नासिक/मुंबई, 26 मार्च । महाराष्ट्र की राजनीति में कथित ढोंगी बाबा अशोक खरात के मामले ने एक खौफनाक मोड़ ले लिया है। नासिक सत्र न्यायालय में अभियोजन पक्ष द्वारा किए गए खुलासे ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। सरकारी वकील ने अदालत को सूचित किया है कि पुलिस को अशोक खरात द्वारा 5 नरबलि (Human Sacrifice) दिए जाने का गहरा संदेह है। इस सनसनीखेज दावे के बाद अदालत ने आरोपी खरात को 5 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।


इस आपराधिक मामले के साथ ही राज्य में राजनीतिक युद्ध भी छिड़ गया है। कांग्रेस नेता हर्षवर्धन सपकाळ ने इस प्रकरण में सीधे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उनके मंत्रिमंडल पर तीखे प्रहार किए हैं। सपकाळ ने चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा कि यदि इस अघोरी मामले की निष्पक्ष जांच की जाए, तो वर्तमान सरकार के लगभग एक दर्जन मंत्री जेल की सलाखों के पीछे होंगे।


कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री फडणवीस को पिछले 6 महीनों से खरात की इन संदिग्ध और अघोरी गतिविधियों की जानकारी थी, लेकिन अपने सहयोगियों को बचाने के लिए वे चुप रहे। सपकाळ के अनुसार, अब इस मामले का उपयोग विरोधियों और सहयोगियों को राजनीतिक रूप से ब्लैकमेल करने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि जब कुछ सहयोगी नेताओं ने फडणवीस को पद से हटाने के लिए इस बाबा के जरिए तंत्र-मंत्र का सहारा लिया, तब जाकर पुलिसिया कार्रवाई शुरू की गई।
सरकारने भोंदू बाबा अशोक खरात प्रकरणात प्रामाणिकपणे कारवाई केली तर डझनभर मंत्री आणि दोन डझन अधिकारी जेलमध्ये जातील
अशोक खरातच्या इशानेश्वर मंदिराला देवेंद्र फडणवीस यांच्या सरकारने २०१८ साली १.५ कोटी रुपयांचा निधी दिला होता.
फडणवीसांच्या कार्यालयात त्यावेळी कार्यरत असणारे व आता… pic.twitter.com/bxVUo8LqOO
— Harshwardhan Sapkal (@INCHarshsapkal) March 25, 2026
आरोपों की फेहरिस्त यहीं खत्म नहीं होती। हर्षवर्धन सपकाळ ने चंद्रकांत पाटिल का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि उनके खरात से घनिष्ठ संबंध थे और मुख्यमंत्री बनने की चाह में उन्होंने अघोरी पूजा करवाई थी। इसके अतिरिक्त, वर्ष 2018 में फडणवीस सरकार द्वारा खरात के ईशानेश्वर मंदिर को 1.5 करोड़ रुपये का फंड दिए जाने और तत्कालीन सीएम कार्यालय के अधिकारी मिलिंद बोरीकर के साथ संबंधों पर भी सवाल उठाए गए हैं।
फिलहाल, पुलिस हिरासत में खरात से पूछताछ जारी है। नरबलि जैसे गंभीर संदेह और सत्ता पक्ष के बड़े नेताओं के नाम इस विवाद में जुड़ने से महाराष्ट्र की राजनीति में आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है।
