बीकानेर में जगद्गुरु श्री वसंत विजयानंद गिरी जी के सान्निध्य में अलौकिक ‘देवी भागवत’ कथा
बीकानेर में जगद्गुरु श्री वसंत विजयानंद गिरी जी के सान्निध्य में अलौकिक 'देवी भागवत' कथा


- शुक्रवार को होगा 1008 किलो पेड़ों का भोग
बीकानेर, 26 मार्च । छोटीकाशी के नाम से विख्यात बीकानेर में इन दिनों आध्यात्मिक ऊर्जा का सैलाब उमड़ रहा है। गंगाशहर मार्ग स्थित अग्रवाल भवन परिसर में चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर कृष्णगिरी पीठाधीश्वर जगद्गुरु 1008 श्री वसंत विजयानंद गिरी जी महाराज के सान्निध्य में आयोजित ‘श्रीमद् देवी भागवत महापुराण कथा’ वैश्विक स्तर पर चर्चा का केंद्र बनी हुई है।


साक्षात हनुमान दर्शन और स्वत: प्रज्वलित होंगे दीपक
कथा के दौरान जगद्गुरु श्रीजी ने अत्यंत विस्मयकारी घोषणा की है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को सिद्ध साधना और शक्तिपात बीज मंत्रों के माध्यम से पंडाल में उपस्थित श्रद्धालुओं को पवनपुत्र हनुमानजी के साक्षात दर्शन होंगे। इतना ही नहीं, जो भक्त थॉट योगा (Thought Yoga) पर लाइव देख रहे हैं, उन्हें अपने घरों के मंदिर में घी का दीपक बिना जलाए रखना होगा, जो साधना की शक्ति से स्वत: प्रज्वलित होंगे। शनिवार को जगद्गुरु सूक्ष्म रूप में भक्तों के घर पहुंचकर उपस्थिति का आभास कराएंगे।


1008 किलो दूध के पेड़ों का महाभोग
राम नवमी के विशेष अवसर पर शुक्रवार को आयोजन स्थल पर निर्मित प्रभु सियाराम मंदिर में 1008 किलो से अधिक दूध के पेड़ों का भोग लगाया जाएगा। यह विशाल प्रसाद बाद में भंडारे के माध्यम से हजारों श्रद्धालुओं में वितरित किया जाएगा।
शक्ति और व्यसनमुक्ति का संदेश
अष्टमी तिथि पर मां महागौरी के प्रसंग की व्याख्या करते हुए महाराज श्री ने कहा कि “कृष्णगिरी वाली माता पद्मावती” की भक्ति अपार संपदा और शक्ति देने वाली है। उन्होंने युवाओं से व्यसनमुक्त समाज बनाने में भागीदारी निभाने और स्वदेशी उत्पादों (Make in India) को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि साधक का भाव शुद्ध और नि:स्वार्थ है, तो ब्रह्मांड की कोई भी शक्ति उससे दूर नहीं है।
श्रद्धालुओं का उमड़ा सैलाब, छोटा पड़ा पंडाल
बीकानेर में पहली बार हो रहे इस ऐतिहासिक विराट आयोजन में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा है। पिछले तीन दिनों से भीड़ इतनी अधिक है कि मुख्य पंडाल छोटा पड़ गया है। हजारों लोग परिसर के बाहर बैठकर एलईडी स्क्रीन के माध्यम से कथा श्रवण कर रहे हैं और भक्ति भजनों पर झूम रहे हैं।


