बीकानेर में घर-घर पाइप गैस का सपना 4 साल बाद भी हवा, LPG संकट के बीच प्रोजेक्ट की खुली पोल
बीकानेर में घर-घर पाइप गैस का सपना 4 साल बाद भी हवा



बीकानेर, 27 मार्च 2026। संभाग मुख्यालय पर उद्योगों, सीएनजी पंपों और रसोई तक पाइपलाइन से गैस (PNG) पहुँचाने का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट चार साल बाद भी फाइलों और अधूरे वादों में अटका हुआ है। केंद्र सरकार द्वारा सितंबर 2022 में आवंटित इस प्रोजेक्ट की समयसीमा 2024 तय की गई थी, लेकिन हकीकत यह है कि आज 2026 में भी शहर के एक भी घर में घरेलू गैस आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है।


समय सीमा खत्म, प्रगति शून्य
प्रोजेक्ट के तहत बीछवाल औद्योगिक क्षेत्र में रीको द्वारा भूखंड आवंटन और अन्य सरकारी रियायतें निजी फर्म को उपलब्ध कराई गई थीं। लक्ष्य था कि 2024 तक बीकानेर के घरों, फैक्ट्रियों और वाहनों के लिए निर्बाध गैस आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। चार साल का लंबा समय बीत जाने के बाद भी बुनियादी ढांचा (Infrastructure) तैयार नहीं हो पाया है, जिससे घरेलू स्तर पर आपूर्ति शून्य बनी हुई है।


फीस वसूली पर उठे सवाल
हैरानी की बात यह है कि गैस कंपनी ने शहर के कई रिहायशी इलाकों में उपभोक्ताओं से कनेक्शन फॉर्म भरवाकर अग्रिम शुल्क जमा करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी। बिना पाइपलाइन बिछाए और बिना टेस्टिंग के जनता से पैसा वसूलने की इस पहल ने कंपनी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय निवासियों में इसे लेकर भारी संशय और आक्रोश की स्थिति है।
LPG संकट ने बढ़ाई चिंता
हालिया पश्चिम एशिया (ईरान-इजरायल) तनाव के कारण उत्पन्न LPG संकट और संभावित किल्लत की खबरों ने इस देरी को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। उपभोक्ताओं का कहना है कि यदि पाइपलाइन प्रोजेक्ट समय पर पूरा होता, तो सिलेंडर की निर्भरता कम होती और संकट के समय राहत मिलती। फिलहाल, बीकानेर की जनता अभी भी पारंपरिक सिलेंडरों के भरोसे ही है।
