दिल्ली एयरपोर्ट पर विमानों के बीच जमीनी टक्कर; बाल-बाल बचे यात्री, DGCA ने शुरू की जांच

दिल्ली एयरपोर्ट पर विमानों के बीच जमीनी टक्कर
shreecreates
quicjZaps 15 sept 2025
bothra school , gangashahar

नई दिल्ली, 16 अप्रैल। देश के सबसे व्यस्त इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI) के टर्मिनल-1 पर आज दोपहर एक बड़ा विमान हादसा टल गया। टैक्सी करते समय दो अलग-अलग एयरलाइंस के विमान आपस में टकरा गए, जिससे दोनों विमानों को काफी नुकसान पहुँचा है। हालांकि, सुखद पहलू यह रहा कि विमानों में सवार सभी यात्री और चालक दल के सदस्य पूरी तरह सुरक्षित हैं।

indication
L.C.Baid Childrens Hospiatl

कैसे हुआ हादसा?

pop ronak

यह घटना दोपहर लगभग 2:15 बजे एप्रन एरिया में हुई। जानकारी के अनुसार, स्पाइसजेट (SG-124) का बोइंग B737-700 विमान लेह से उड़ान भरकर दिल्ली पहुँचा था और लैंडिंग के बाद पार्किंग बे की ओर बढ़ (टैक्सी कर) रहा था। इसी दौरान, वहां पहले से स्थिर खड़ा आकासा एयर (QP-1406) का विमान, जो हैदराबाद जाने के लिए तैयार था, उससे स्पाइसजेट का विमान टकरा गया।

विमानों को पहुँचा भारी नुकसान

टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि स्पाइसजेट के विमान का दायां विंगलेट (Right Winglet) बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। वहीं, आकासा एयर के विमान के पिछले हिस्से यानी बाएं हॉरिजॉन्टल स्टेबलाइजर (Tail) को गंभीर नुकसान पहुँचा है। सुरक्षा के मद्देनजर दोनों विमानों को तुरंत ‘ग्राउंडेड’ कर दिया गया है और उनकी उड़ानों पर रोक लगा दी गई है।

यात्रियों की सुरक्षा और वैकल्पिक व्यवस्था

आकासा एयर ने बयान जारी कर बताया कि विमान उस समय पूरी तरह स्थिर (Stationary) स्थिति में था। घटना के तुरंत बाद प्रोटोकॉल का पालन करते हुए विमान को वापस पार्किंग एरिया में ले जाया गया और सभी यात्रियों को सुरक्षित उतार लिया गया। एयरलाइन अब प्रभावित यात्रियों को हैदराबाद भेजने के लिए वैकल्पिक उड़ानों की व्यवस्था कर रही है।

सख्त कार्रवाई: पायलट और ATC कर्मी सस्पेंड

इस गंभीर चूक को देखते हुए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने शुरुआती कार्रवाई करते हुए स्पाइसजेट के संबंधित पायलटों और उस समय ड्यूटी पर मौजूद एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) अधिकारी को जांच पूरी होने तक ड्यूटी से हटा (Off-rostered) दिया है।

प्रारंभिक तौर पर इस घटना को ग्राउंड हैंडलिंग और समन्वय की कमी का मामला माना जा रहा है। व्यस्त हवाई अड्डों पर टार्मैक सुरक्षा प्रोटोकॉल में हुई इस बड़ी चूक ने विमान संचालन की सुरक्षा प्रणालियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।