हिन्दी पत्रकारिता के 200 वर्ष पर बीकानेर में पत्रकार परिवारों का हुआ भव्य सम्मान
हिन्दी पत्रकारिता के 200 वर्ष पर बीकानेर में पत्रकार परिवारों का हुआ भव्य सम्मान


- ‘जार’ के बैनर तले आयोजित कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकारों ने साझा किए अनुभव, दिया जिम्मेदार पत्रकारिता का संदेश
- बीकानेर की पत्रकारिता के इतिहास को संकलित करने और एआई (AI) जैसी तकनीकी चुनौतियों के प्रति सजग रहने पर दिया जोर
बीकानेर, 31 मई। हिन्दी पत्रकारिता के गौरवशाली 200 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक उपलक्ष्य में जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन ऑफ राजस्थान (जार) की बीकानेर इकाई की ओर से शनिवार सायं को एक विशेष एवं गरिमामयी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अंत्योदय नगर स्थित रमेश इंग्लिश स्कूल के परिसर में आयोजित इस समारोह में बीकानेर के उन महान स्वतंत्रता सेनानी पत्रकार परिवारों का भावभीना अभिनंदन किया गया, जिन्होंने देश के स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान अपनी तीखी लेखनी के माध्यम से जन-जागरण किया और राष्ट्र की आजादी के यज्ञ में अपनी सक्रिय आहुति दी थी।


इन अमर सेनानी पत्रकार परिवारों का हुआ अभिनंदन
कार्यक्रम के दौरान बीकानेर की माटी के उन जांबाज पत्रकारों और स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों को मंच पर शॉल, श्रीफल और अभिनंदन पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी पत्रकारिता के मूल्यों को जीवित रखा। इनमें प्रमुख शौकत उस्मानी,रघुवरदयाल गोयल,दाऊदयाल आचार्य ,वैद्य मघाराम, रामनारायण शर्मा , मूलचंद पारीक, अंबालाल माथुर, शंभुदयाल सक्सेना, गंगादास कौशिक परिवार के प्रतिनिधि रूप से शामिल थे।


इसके साथ ही, बीकानेर की समकालीन पत्रकारिता में लंबे समय तक अपनी उल्लेखनीय सेवाएं देने वाले वरिष्ठ पत्रकार नारायण दास रंगा को भी उनके विशिष्ट योगदान के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया। समारोह में स्वतंत्रता सेनानी पत्रकारों का विस्तृत और प्रेरणादायी जीवन परिचय श्याम नारायण रंगा ने प्रस्तुत किया, जबकि सम्मान में दिए गए अभिनंदन पत्र का वाचन पत्रकार मनोज व्यास द्वारा किया गया।
वरिष्ठ पत्रकारों ने कहा ‘तथ्यों की शुद्धता और तकनीक से सामंजस्य आज की जरूरत’
समारोह के मुख्य सत्र में शहर के कई दिग्गज और वरिष्ठ पत्रकारों ने वर्तमान दौर की पत्रकारिता, इसकी चुनौतियों और भावी दिशा को लेकर अपने गहरे अनुभव साझा किए।
राजीव हर्ष (वरिष्ठ पत्रकार): उन्होंने नए दौर के संवाददाताओं को सीख देते हुए कहा कि समाचारों के संकलन और प्रकाशन में तथ्यों की शत-प्रतिशत शुद्धता (क्रॉस-वेरिफिकेशन) और उसके कानूनी पहलुओं का विशेष ध्यान रखना चाहिए। सनसनीखेज खबरों के बजाय जिम्मेदारी और संतुलन ही पत्रकारिता की असली ताकत है। उन्होंने जीवन के अनुभव साझा करते हुए बताया कि कभी अच्छी खबर को रोकना भी जिम्मेदारी का अहसास करवाता है।
लूणकरण छाजेड़ (वरिष्ठ पत्रकार): उन्होंने बदलते समय के साथ पत्रकारिता में आ रहे तकनीकी बदलावों को रेखांकित किया। छाजेड़ ने कहा कि पत्रकारिता अब पूरी तरह एक डिजिटल और नए दौर में प्रवेश कर चुकी है। ऐसे में आज के पत्रकारों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी अत्याधुनिक तकनीकों को सीखने के साथ-साथ उससे पैदा होने वाली नैतिक चुनौतियों के प्रति भी हर पल सजग रहना होगा। उन्होंने एक महत्वपूर्ण सुझाव देते हुए कहा कि बीकानेर की समृद्ध पत्रकारिता के गौरवशाली इतिहास को एक पुस्तक के रूप में संकलित और प्रकाशित करने का प्रयास तुरंत शुरू होना चाहिए।
हेम शर्मा (पत्रकार): उन्होंने पत्रकार संगठनों के बीच आपसी बिखराव को चिंताजनक बताते हुए एकजुटता की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पत्रकार हितों की रक्षा और सुरक्षा के लिए सभी को एक साझा मंच पर आकर कार्य करना होगा। पत्रकारिता में नैतिकता बनाये रखने की आवशयकता के साथ किसी का टूल ना बनने की बात कही , उन्होंने कहा की पत्रकार किसी व्यक्ति या पार्टी अथवा संस्था का प्रवकता नहीं होना चाहिए।
शिवचरण शर्मा (वरिष्ठ पत्रकार): उन्होंने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए भावुक अंदाज में बताया कि आज की तरह पहले इंटरनेट या मोबाइल की सुविधाएं नहीं थीं। सीमित संसाधनों और कड़े पहरों के बावजूद पत्रकार खबरों को संपादकों तक समय पर पहुंचाने के लिए दिन-रात कितनी हाड़-तोड़ मेहनत किया करते थे।
हरीश बी. शर्मा (पत्रकार): उन्होंने कहा कि वरिष्ठ और युवा पीढ़ी के पत्रकारों के बीच संवाद की खाई नहीं होनी चाहिए। लगातार वैचारिक आदान-प्रदान से ही नई पीढ़ी पत्रकारिता के मूल मूल्यों, मर्यादाओं और सामाजिक दायित्वों को बेहतर तरीके से समझ सकेगी। उन्होंने वरिष्ठ पत्रकारों से कहा कि आपको नयी पीढ़ी को समय समय पर सजग करते रहना चाहिए तथा नयी पीढ़ी के पत्रकारों को आगाह किया की अपने वरिष्ठ पत्रकारों का सम्मान करते हुए हमेशा सीखने का प्रयास करते रहना चाहिए।
पत्रकारों के लिए आयोजित होंगे विशेष ट्रेनिंग कैंप: विशाल स्वामी
‘जार’ के जिला महासचिव विशाला स्वामी ने संगठन की आगामी कार्ययोजना को सामने रखते हुए कहा कि जार केवल एक संगठन नहीं, बल्कि पत्रकारों की कार्यकुशलता बढ़ाने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने घोषणा की कि आने वाले समय में बीकानेर के युवा पत्रकारों के लिए तकनीकी और विधिक (लीगल) पहलुओं पर विशेष ट्रेनिंग और कार्यशालाएं (Workshops) आयोजित की जाएंगी ताकि वे आज के दौर में और बेहतर काम कर सकें।
कार्यक्रम की शुरुआत ‘जार’ के पदाधिकारियों द्वारा अतिथियों के स्वागत से हुई। पूरे कार्यक्रम का कुशल और प्रभावी मंच संचालन पत्रकार अरविंद व्यास ने किया, जबकि समारोह के अंत में सभी आगंतुकों, पत्रकार परिवारों और अतिथियों का हृदय से आभार अनुराग हर्ष व जीतू बीकानेरी ने व्यक्त किया।


