गंगा-जमुनी तहजीब का संगम-शायर शादजामी की स्मृति में सजेगा अदब का मंच

गंगा-जमुनी तहजीब का संगम-शायर शादजामी की स्मृति में कल सजेगा अदब का मंच
क्विक जेप्स विज्ञापन 13 oct 2026

बीकानेर, 19 अप्रैल । हिंदू-मुस्लिम एकता और साम्प्रदायिक सौहार्द के प्रतीक, प्रसिद्ध शायर हाफिज गुलाम रसूल ‘शादजामी’ की 12वीं पुण्यतिथि के अवसर पर बीकानेर की फिजाओं में शेरो-शायरी की महक घुलेगी। जामी उर्दू अकादमी द्वारा बुधवार, 22 अप्रैल को शहर के भीतरी इलाके शीतला गेट स्थित मोहल्ला दमामियान में एक विशाल कवि सम्मेलन और मुशायरे का आयोजन किया जा रहा है।

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साहित्यिक संगम: तीन भाषाओं की त्रिवेणी
संस्था के अलीमुद्दीन जामी ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि यह मुशायरा शादजामी साहब की अदबी विरासत को समर्पित है। इस महफिल में बीकानेर के हिंदी, उर्दू और राजस्थानी के दो दर्जन से अधिक प्रतिष्ठित रचनाकार अपनी रचनाएं प्रस्तुत करेंगे। यह आयोजन न केवल एक श्रद्धांजलि है, बल्कि बीकानेर की उस साझा संस्कृति का उत्सव भी है जिसका प्रतिनिधित्व शादजामी जीवनभर करते रहे।

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प्रमुख प्रतिभागी एवं संचालन
बुधवार रात 8:30 बजे से शुरू होने वाले इस सांस्कृतिक जलसे की अध्यक्षता वरिष्ठ शायर जाकिर अदीब करेंगे। कार्यक्रम के कुशल संचालन का जिम्मा जाने-माने साहित्यकार डॉ. ज़िया उल हसन कादरी को सौंपा गया है।

अकादमी ने शहर के अदब-प्रेमी नागरिकों से इस विशाल काव्य गोष्ठी में शिरकत करने की अपील की है, जहाँ कलाम के जरिए इंसानियत और मुहब्बत का पैगाम आम किया जाएगा।

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