70 करोड़ की हेरोइन मामले में नया मोड़, सर्जरी के बाद भी आरोपी बेहोश, मोबाइल और वाहन नंबर से सुराग तलाश रही पुलिस


बीकानेर, 22 अप्रैल । जिले के पूगल क्षेत्र में सड़क हादसे के बाद स्कूटी से 70 करोड़ रुपए की हेरोइन मिलने के मामले में जांच एजेंसियां उलझती नजर आ रही हैं। मुख्य आरोपी खेताराम, जो पाली जिले के सोजत का निवासी है, उसकी बुधवार को पीबीएम अस्पताल के सुपर स्पेशलिटी सेंटर में न्यूरो सर्जरी की गई, लेकिन ऑपरेशन के बाद भी वह अब तक अचेत (बेहोश) है।


स्कूटी में छिपे थे मौत के 27 पैकेट
उल्लेखनीय है कि मंगलवार को एक सड़क हादसे में घायल हुए खेताराम की जब पुलिस ने तलाशी ली, तो उसकी स्कूटी की डिग्गी से करीब 14 किलोग्राम हेरोइन बरामद हुई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत 70 करोड़ रुपए आंकी गई है। बैग में 27 छोटे पैकेटों में यह खेप छिपाकर रखी गई थी। इतनी बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ की बरामदगी ने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं।


डॉक्टरों की निगरानी में आरोपी
खेताराम के सिर में गंभीर चोट होने के कारण उसकी स्थिति नाजुक बनी हुई है। डॉ. दिनेश सोढ़ी की टीम ने उसकी जटिल न्यूरो सर्जरी की है, लेकिन आरोपी के होश में न आने के कारण पुलिस उससे पूछताछ नहीं कर पा रही है। जब तक आरोपी बयान देने की स्थिति में नहीं आता, तब तक इस तस्करी के पीछे के असली नेटवर्क का खुलासा होना मुश्किल लग रहा है।
जांच की कड़ियां: मोबाइल और वाहन नंबर
पुलिस अब तकनीकी साक्ष्यों पर निर्भर है। जिस स्कूटी से वह पाली से खाजूवाला के सीमावर्ती क्षेत्र तक पहुंचा, उसके नंबर के आधार पर असली मालिक और रूट की पहचान की जा रही है। साथ ही, आरोपी का मोबाइल भी पुलिस के कब्जे में है, लेकिन फोन लॉक होने के कारण उसके संपर्कों और लोकेशन की जानकारी जुटाने में बाधा आ रही है।
बीएसएफ ने भी संभाली कमान
मामला अंतरराष्ट्रीय सीमा के नजदीक होने और ड्रग्स की इतनी बड़ी खेप मिलने के कारण बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) भी सक्रिय हो गई है। बीएसएफ और पुलिस की टीमें संयुक्त रूप से यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह हेरोइन सीमा पार से आई थी या इसके पीछे पंजाब या अन्य राज्यों का कोई बड़ा ड्रग सिंडिकेट काम कर रहा है।
