तमिलनाडु में सुपरस्टार विजय ने विधानसभा में साबित किया बहुमत, 144 विधायकों का मिला समर्थन
तमिलनाडु में सुपरस्टार विजय ने विधानसभा में साबित किया बहुमत,


चेन्नई, 13 मई। अभिनेता से राजनेता बने सी. जोसेफ विजय ने तमिलनाडु विधानसभा में अपना पहला शक्ति परीक्षण (फ्लोर टेस्ट) सफलतापूर्वक पास कर लिया है। भारी राजनीतिक ड्रामे और तीखी बहस के बीच विजय सरकार के समर्थन में 144 वोट पड़े, जो 234 सदस्यीय सदन में बहुमत के आंकड़े (118) से कहीं अधिक है। इस जीत के साथ ही राज्य में विजय के नेतृत्व वाली ‘टीवीके’ (TVK) सरकार की जड़ें मजबूत हो गई हैं।


सदन में हाई-वोल्टेज ड्रामा और DMK का वॉकआउट
विश्वास मत के दौरान सदन में मुख्यमंत्री विजय और उदयनिधि स्टालिन के बीच तीखी नोकझोंक देखी गई। उदयनिधि के नेतृत्व वाली DMK ने सरकार पर ‘हॉर्स ट्रेडिंग’ (विधायकों की खरीद-फरोख्त) के आरोप लगाते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया। इन आरोपों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री विजय ने चुटीले अंदाज में कहा कि उनकी सरकार “हॉर्स ट्रेडिंग नहीं कर रही, बल्कि घोड़े की रफ्तार से विकास के पथ पर दौड़ रही है।”


AIADMK में बड़ी टूट, विपक्ष पस्त
इस फ्लोर टेस्ट ने विपक्षी दल AIADMK की आंतरिक कलह को उजागर कर दिया है। ई.के. पलानीस्वामी (EPS) के दावों के विपरीत, पार्टी के 47 में से 25 विधायकों ने बागी रुख अपनाते हुए विजय सरकार का समर्थन किया। एस.पी. वेलुमणि के नेतृत्व में उभरे इस गुट ने न केवल सरकार को मजबूती दी, बल्कि AIADMK के भीतर एक बड़ी टूट के संकेत भी दे दिए हैं।
गठबंधन का गणित और वोटिंग की स्थिति
फ्लोर टेस्ट के दौरान सत्ता पक्ष को कांग्रेस, CPI, CPI (M), VCK और IUML जैसे दलों का पूरा साथ मिला। दूसरी ओर विजय (TVK): 108 सीटों के साथ सबसे बड़ा दल।समर्थन: कुल 144 विधायकों का वोट मिला।
तटस्थ (Abstain): भाजपा और पीएमके (PMK) के 4 विधायक वोटिंग से दूर रहे।
DMK: 59 विधायकों के साथ दूसरी सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद वॉकआउट कर गई।
4 मई को आए चुनाव परिणामों के बाद 10 मई को शपथ लेने वाले मुख्यमंत्री विजय ने इस जीत के साथ विपक्ष की चुनौतियों का कड़ा जवाब दिया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि भविष्य में AIADMK इस बिखराव को कैसे संभालती है।


