तमिलनाडु में किंगमेकर कौन ?
तमिलनाडु में किंगमेकर कौन ?


चेन्नई, 5 मई। तमिलनाडु के 2026 विधानसभा चुनावों ने दशकों पुरानी दो-दलीय राजनीति (DMK और AIADMK) को पूरी तरह बदल दिया है। थिरु विजय की पार्टी तमिलगा वैत्री कषगम (TVK) सबसे बड़ी शक्ति बनकर उभरी है, लेकिन बहुमत के जादूई आंकड़े से दूर रहने के कारण अब गठबंधन की बिसात बिछने लगी है।


यहाँ वर्तमान स्थिति और संभावित समीकरणों का विस्तृत विश्लेषण दिया गया है।


नंबर गेम का गणित
कुल सीटें: 234, बहुमत का आंकड़ा: 118
TVK की स्थिति: 108 सीटें (विजय की एक सीट छोड़ने के बाद प्रभावी संख्या 107 रह जाएगी)। बहुमत के लिए जरूरी: 11 और सीटें।
क्या कांग्रेस बनेगी ‘किंगमेकर’?
राहुल गांधी द्वारा विजय को फोन करना महज शिष्टाचार नहीं, बल्कि राज्य में DMK-कांग्रेस गठबंधन (INDIA ब्लॉक) के भविष्य पर प्रश्नचिह्न है।
कांग्रेस की 5 सीटें: कांग्रेस की 5 सीटें विजय के लिए सबसे महत्वपूर्ण ‘कैच’ हो सकती हैं। यदि कांग्रेस TVK के साथ आती है, तो विजय के पास 112 सीटें हो जाएंगी। फिर भी उन्हें 6 और सीटों की दरकार होगी।
DMK का साथ छोड़ना: अगर कांग्रेस TVK को समर्थन देती है, तो इसका मतलब होगा DMK से दशकों पुराना नाता तोड़ना। राहुल गांधी का “युवाओं की आवाज” वाला बयान संकेत देता है कि कांग्रेस अब तमिलनाडु में नए और उभरते नेतृत्व के साथ अपनी खोई जमीन तलाशना चाहती है।
छोटे दल: सत्ता की चाबी किसके पास?
विजय को बहुमत के लिए कांग्रेस के अलावा अन्य छोटे दलों के ब्लॉक की जरूरत होगी। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार संभावित साथी ये हो सकते हैं:
1 PMK (डॉ. रामदास)- 04 यदि PMK साथ आती है, तो उत्तर तमिलनाडु का वोट बैंक विजय के पक्ष में मजबूत होगा।
2 VCK (थिरुमावलवन)02 दलित राजनीति का बड़ा चेहरा। अगर ये DMK गठबंधन छोड़ते हैं, तो विजय के लिए राह आसान होगी।
3 CPI और CPI(M)02 + 02 वामपंथी दल अमूमन DMK के साथ रहते हैं, लेकिन सत्ता के नए समीकरण उन्हें विचार करने पर मजबूर कर सकते हैं।
4 IUML- 02अल्पसंख्यक वोटों के प्रतिनिधि।
5 अन्य/निर्दलीय02 ये सबसे पहले सत्ता पक्ष के साथ जुड़ना पसंद करते हैं।
संभावित गठबंधन के विकल्प
विकल्प 1: ‘तीसरा मोर्चा’ सरकार (सर्वाधिक संभावित)
TVK (107) + कांग्रेस (05) + PMK (04) + निर्दलीय/अन्य (02) = 118.
यह समीकरण विजय को ठीक बहुमत के आंकड़े पर ले आता है। इसमें विजय को किसी बहुत बड़े दल (DMK या AIADMK) की शर्तों पर नहीं झुकना पड़ेगा।
विकल्प 2: धर्मनिरपेक्ष गठबंधन
TVK + कांग्रेस + वामपंथी दल + VCK + IUML.
यह गठबंधन भाजपा को दूर रखने के नाम पर बनाया जा सकता है, जो विजय की ‘सेकुलर-सोशल’ छवि के अनुकूल होगा।
चुनौतियां और मोड़
उपचुनाव का पेच: विजय को 14 दिनों में एक सीट खाली करनी होगी। उस सीट पर उपचुनाव होने तक उनकी प्रभावी संख्या कम रहेगी।
AIADMK का रुख: क्या AIADMK सत्ता से DMK को दूर रखने के लिए बाहर से TVK को समर्थन देगी? इसकी संभावना कम है क्योंकि विजय भविष्य में AIADMK के वोट बैंक के लिए ही सबसे बड़ा खतरा हैं।
राज्यपाल की भूमिका: सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते राज्यपाल आर.एन. रवि सबसे पहले विजय को ही सरकार बनाने का न्यौता देंगे। उन्हें बहुमत साबित करने के लिए समय मिलेगा, जिसमें छोटे दलों की ‘बाड़ाबंदी’ शुरू हो सकती है।
विजय ने सरकार बनाने का दावा पेश किया
सभी अटकलों के बीच, TVK के विजय ने राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर को पत्र लिखकर सरकार बनाने के लिए आमंत्रण मांगा है. विजय ने सरकार बनाने का दावा पेश किया है और राज्यपाल से शपथ ग्रहण के लिए बुलाने की अपील की है.
विजय बोले- दो हफ्ते में बहुमत साबित करेंगे
सूत्रों के मुताबिक, यह पत्र राजभवन को ईमेल के जरिए भेजा गया है. पत्र में विजय ने कहा है कि पार्टी दो हफ्ते के भीतर बहुमत साबित कर देगी. आज विजय के TVK कार्यालय में सुबह विजयी उम्मीदवारों से मिलने की संभावना है. तमिलनाडु के अनिश्चित भविष्य के बीच एक बात साफ है कि विजय की TVK ने अपने पहले ही चुनाव में DMK बनाम AIADMK की पारंपरिक राजनीति को बदल दिया है.
थार निष्कर्ष: विजय की सरकार बनने की सबसे ज्यादा संभावना कांग्रेस और क्षेत्रीय छोटे दलों (PMK, VCK) के साथ मिलकर एक ‘इंद्रधनुषी गठबंधन’ बनाने की है। राहुल गांधी का रुख साफ तौर पर “बदलाव” की ओर झुका हुआ नजर आ रहा है।
