बिहार में ऐतिहासिक बदलाव सम्राट चौधरी चुने गए भाजपा विधायक दल के नेता; 15 अप्रैल को लेंगे मुख्यमंत्री पद की शपथ
बिहार में ऐतिहासिक बदलाव सम्राट चौधरी चुने गए भाजपा विधायक दल के नेता; 15 अप्रैल को लेंगे मुख्यमंत्री पद की शपथ



पटना,14 अप्रैल। बिहार की राजनीति में आज एक नया और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे और राज्यसभा जाने के फैसले के बाद, भारतीय जनता पार्टी ने राज्य की कमान संभालने की दिशा में निर्णायक कदम उठाया है। मंगलवार को पटना में आयोजित भाजपा विधायक दल की बैठक में सम्राट चौधरी को सर्वसम्मति से नेता चुन लिया गया है। अब सम्राट चौधरी बिहार के अगले मुख्यमंत्री होंगे।


शिवराज सिंह चौहान ने की आधिकारिक घोषणा


भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान मंगलवार को पटना पहुंचे। हाई-प्रोफाइल बैठक के बाद उन्होंने सम्राट चौधरी के नाम पर मुहर लगाते हुए कहा, “विधायकों की राय के बाद सम्राट चौधरी को सर्वसम्मति से नेता चुना गया है। उनके नेतृत्व में बिहार विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा।” बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, बीएल संतोष और विनोद तावड़े जैसे दिग्गज नेता भी मौजूद रहे।
सम्राट चौधरी की पहली प्रतिक्रिया
विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया (X) पर अपनी पहली प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने केंद्रीय नेतृत्व का आभार जताते हुए लिखा:
“यह मेरे लिए केवल एक पद नहीं, बल्कि बिहार की जनता की सेवा और उनके सपनों को साकार करने का एक पवित्र अवसर है। मैं पूर्ण निष्ठा और ईमानदारी के साथ जन-जन की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का संकल्प लेता हूं।”
शपथ ग्रहण समारोह
बिहार की कमान अब पूरी तरह सम्राट चौधरी के हाथों में होगी। वे 15 अप्रैल 2026 (बुधवार) को सुबह 11 बजे लोकभवन में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। यह पहली बार है जब भाजपा अपने नेतृत्व में बिहार में सरकार बनाने जा रही है।
राजनीतिक सफर: RJD से CM की कुर्सी तक
57 वर्षीय सम्राट चौधरी का राजनीतिक सफर बेहद दिलचस्प रहा है:
शुरुआत: मुंगेर जिले से आने वाले सम्राट चौधरी दिग्गज नेता शकुनी चौधरी के बेटे हैं। उन्होंने 1990 में सक्रिय राजनीति शुरू की।
मंत्री पद का अनुभव: वे 1999 में राबड़ी देवी सरकार में कृषि मंत्री, 2014 में जीतन राम मांझी सरकार में शहरी विकास मंत्री और एनडीए सरकार में पंचायती राज मंत्री रह चुके हैं।
भाजपा में कद: साल 2018 में भाजपा में शामिल होने के बाद वे प्रदेश अध्यक्ष और प्रतिपक्ष के नेता रहे। वर्तमान में वे उपमुख्यमंत्री के रूप में गृह विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
नीतीश कुमार द्वारा राज्यपाल को इस्तीफा सौंपने के बाद अब बिहार में सत्ता का केंद्र पूरी तरह बदल गया है, जिससे राज्य के राजनीतिक समीकरणों में बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है।
