नौतपा की भीषण गर्मी के बीच बदला मौसम का मिजाज; छत्तरगढ़ और आस-पास के गांवों में ओलावृष्टि से बढ़ी ठंडक
नौतपा की भीषण गर्मी के बीच बदला मौसम का मिजाज; छत्तरगढ़ और आस-पास के गांवों में ओलावृष्टि से बढ़ी ठंडक


- बीकानेर शहर में शाम को छाए बादलों के झुंड; मौसम विभाग ने जारी किया 40 से 50 किमी/घंटा की रफ्तार से आंधी-बारिश का येलो अलर्ट
बीकानेर, 29 मई। पिछले कई दिनों से नौतपा की प्रचंड तपिश और 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर के रिकॉर्ड तोड़ पारे से जूझ रहे बीकानेर जिले के बाशिंदों के लिए आज दोपहर बाद प्रकृति ने बड़ी राहत भेजी। जिले के छत्तरगढ़ क्षेत्र में अचानक मौसम का मिजाज बदला और आसमान में काली घटाएं छाने के साथ ही मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया। इस दौरान छत्तरगढ़ और आस-पास के ग्रामीण इलाकों में काफी देर तक झमाझम बारिश के साथ ओले भी गिरे, जिससे समूचा इलाका शीतलहर की आगोश में आ गया।


नौतपा के बीच ओलावृष्टि से मिली बड़ी राहत
गौरतलब है कि इन दिनों सूर्य देव के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश के कारण ‘नौतपा’ चल रहा है, जिसके चलते पूरा मारवाड़ भीषण लू और झुलसाने वाली गर्मी की चपेट में था। दोपहर के समय बीकानेर की सड़कों पर कर्फ्यू जैसा सन्नाटा पसरा रहता था। ऐसे में छत्तरगढ़ में हुई इस आकस्मिक ओलावृष्टि और तेज बारिश ने झुलसते जनजीवन को संजीवनी देने का काम किया है। बारिश के बाद तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों ने चैन की सांस ली है।


बीकानेर शहर में मंडराए बादल, धूलभरी हवाओं का दौर शुरू
छत्तरगढ़ में मौसम बदलने के बाद इसका असर बीकानेर जिला मुख्यालय पर भी देखने को मिला। शुक्रवार शाम होते-होते बीकानेर शहर के आसमान में भी सघन बादलों का झुंड डेरा जमाने लगा। तेज और कड़कड़ाती गर्म हवाओं (लू) की जगह अचानक ठंडी और धूलभरी हवाओं के झोंकों ने ले ली, जिससे शहरवासियों में भी झमाझम बारिश की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। मौसम में आए इस अचानक बदलाव से शाम के समय बाजारों और छतों पर लोगों की आवाजाही बढ़ गई।
मौसम विभाग का येलो अलर्ट (Yellow Alert)
बदलते घटनाक्रम के बीच मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) ने शाम को बीकानेर जिले के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आगामी कुछ घंटों के भीतर बीकानेर शहर सहित जिले के कई हिस्सों में तेज गर्जना के साथ मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान एहतियात बरतने की सलाह दी गई है, क्योंकि क्षेत्र में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी धूलभरी आंधी और तेज हवाएं चलने की पूरी संभावना बनी हुई है। प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि तेज आंधी के दौरान पेड़ों और ढीले साइनबोर्ड्स के नीचे खड़े होने से बचें।



