बीकानेर नागोरी लोहार समाज का 15वां सामूहिक विवाह सम्मेलन 16 दिसंबर को , समाज की बैठक में हुआ फैसला
बीकानेर नागोरी लोहार समाज का 15वां सामूहिक विवाह सम्मेलन 16 दिसंबर को , समाज की बैठक में हुआ फैसला


- फिजूलखर्ची रोकने के लिए सम्मेलन में आतिशबाजी, डीजे और ढोल-ताशों पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध
- देश के विभिन्न शहरों से शामिल होंगी बारातें; संजोग भवन में आयोजित आम बैठक में समाज ने एकजुटता से लिए महत्वपूर्ण निर्णय
बीकानेर, 31 मई । बीकानेर नागौरी लोहार समाज की एक अत्यंत महत्वपूर्ण आम बैठक रविवार को पंडित धर्म कांटे के पास स्थित संजोग भवन में संपन्न हुई। समाज में फिजूलखर्ची पर अंकुश लगाने, सादगी को बढ़ावा देने और आपसी एकजुटता को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित इस बैठक में समाज के सैकड़ों वरिष्ठ नागरिकों, प्रबुद्धजीवियों और युवाओं ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया।


16 दिसंबर को हसनैन चैरिटेबल ट्रस्ट में जुटेगा समाज
बैठक के दौरान समाज हित में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर गहन चर्चा की गई। बैठक में सर्वसम्मति से यह ऐतिहासिक निर्णय लिया गया कि समाज का 15वां भव्य सामूहिक विवाह सम्मेलन आगामी बुधवार, 16 दिसंबर 2026 को हसनैन चैरिटेबल ट्रस्ट, बीकानेर के प्रांगण में आयोजित किया जाएगा। इस बड़े सामाजिक निर्णय की औपचारिक और आधिकारिक घोषणा समाज के वरिष्ठ सदस्य श्री अब्दुल जब्बार कालू जी ने मंच से की, जिसका उपस्थित सभी लोगों ने करतल ध्वनि से स्वागत किया।


बैठक में समाज के प्रबुद्धजनों ने रखे महत्वपूर्ण विचार
सादगी पर रहेगा विशेष जोर: बैठक को संबोधित करते हुए आरिफ काका ने समाज की गौरवशाली परंपराओं को रेखांकित किया। उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए घोषणा की कि समाज की सुदृढ़ परंपरा के अनुसार इस बार भी सामूहिक विवाह सम्मेलन में आतिशबाजी (पटाखे), डीजे, ढोल-ताशे बजाने तथा सड़कों पर नाच-गाने करने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। उन्होंने कहा कि सादगी, अनुशासन और मर्यादा ही हमारे समाज की वास्तविक पहचान है।
देशभर से जुटेंगी बारातें: वरिष्ठ सदस्य हाजी रफीक नेताजी ने बताया कि इस 15वें सामूहिक विवाह सम्मेलन का स्वरूप काफी व्यापक होगा। इसमें केवल स्थानीय ही नहीं, बल्कि देश के विभिन्न शहरों और राज्यों से बारातें शामिल होंगी, जो समाज की राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक एकता और अखंडता का एक अनुपम संदेश प्रस्तुत करेंगी।
सर्वसम्मति और सहयोग ही ताकत: समाज के सक्रिय सदस्य जाकिर नागौरी ने कहा कि सम्मेलन की तिथि और स्थान का चयन पूरी तरह लोकतांत्रिक तरीके से सबकी सहमति से तय किया गया है। वहीं हाजी अय्यूब ठंठेरा ने कहा कि इस विशाल आयोजन को हसनैन चैरिटेबल ट्रस्ट में पूरे समाज के तन-मन-धन के सहयोग से पूर्ण गरिमा के साथ संपन्न कराया जाएगा।
फिजूलखर्ची पर रोक और राष्ट्रसेवा: बैठक के अंत में इकबाल नागौरी ने सामूहिक विवाह की प्रासंगिकता पर बात करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में शादियों के नाम पर होने वाली फिजूलखर्ची और आर्थिक दिखावे पर प्रभावी रोक लगती है। यह न केवल गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को संबल देता है, बल्कि समाज में आर्थिक समरसता भी बढ़ाता है, जो एक प्रकार से राष्ट्रसेवा में महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने देश के अन्य सभी समाजों से भी अपील की कि वे इस अनुकरणीय पहल को अपने यहाँ अनिवार्य रूप से अपनाएं।
बैठक में यह रहे उपस्थित
इस ऐतिहासिक बैठक को सफल बनाने में समाज की अग्रणी विभूतियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। मंच और पांडाल में अब्दुल जब्बार कालू जी, मुजफ्फर बाबू जी, हाजी यूनुस, इकबाल नागोरी, हाजी आरिफ काका, रफीक नेताजी, जाकिर नागौरी, आमीन भोजावत, आसिफ नागोरी, चांद ईनाणा, नासिर खाटू, न्यामत रोल वाला, सलीम नागोरी, महबूब दाऊदी, मोहम्मद साबिर, बबलू पालना, अब्दुल रशीद, मनवर चौहान, मोहम्मद आसिफ सेठ, इमरान चौहान, नजमुद्दीन सहित समाज के सैकड़ों मौजिज अजीज, युवा और प्रबुद्धजन उपस्थित थे।



