मास्टर प्लान में सुविधाओं के विस्तार हेतु पचीसिया ने मंत्री झाबर सिंह खर्रा को दिया ज्ञापन
मास्टर प्लान में सुविधाओं के विस्तार हेतु पचीसिया ने मंत्री झाबर सिंह खर्रा को दिया ज्ञापन


बीकानेर, 3 जून । राजस्थान सरकार द्वारा जारी मास्टर प्लान के तहत भू-उपयोग नीतियों में और अधिक जनोपयोगी व व्यावसायिक सुविधाओं के विस्तार की मांग को लेकर बीकानेर के औद्योगिक जगत ने सरकार का दरवाजा खटखटाया है। बीकानेर जिला उद्योग संघ के अध्यक्ष द्वारकाप्रसाद पचीसिया, उपाध्यक्ष अशोक सुराणा एवं राजीव शर्मा के एक प्रतिनिधिमंडल ने नगरीय विकास और स्वायत्त शासन विभाग (UDH) मंत्री झाबर सिंह खर्रा को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में राज्य सरकार की विकास नीतियों के अनुरूप वर्तमान मास्टर प्लान की उपविधियों में महत्वपूर्ण संशोधनों का पुरजोर आग्रह किया गया है।


ग्रामीण क्षेत्रों के विकास से मजबूत होगी अर्थव्यवस्था
मंत्री झाबर सिंह खर्रा को सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया कि नगरीय क्षेत्रों के सुनियोजित विकास के लिए विभाग द्वारा 14 अक्टूबर 2024 को ‘भू-उपयोग नियंत्रण हेतु विकास प्रोत्साहन एवं नियंत्रण उपविधियां’ अधिसूचना जारी की गई थी, जो वर्तमान में प्रभावी है। उद्योग संघ के अध्यक्ष द्वारकाप्रसाद पचीसिया ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा ग्रामीण क्षेत्रों से आता है। ऐसे में यदि इस अधिसूचना में व्यावहारिक संशोधन किए जाते हैं, तो नगरीय क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण व परिधि क्षेत्रों का भी समग्र और तीव्र विकास सुनिश्चित हो सकेगा।


व्यावसायिक और पर्यटन गतिविधियों के विस्तार की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि अधिसूचना के तहत वाणिज्यिक अनुमत गतिविधियों का दायरा बढ़ाया जाए।
कमर्शियल गतिविधियां: पेट्रोल पंप, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) चार्जिंग स्टेशन, बैंक, रेस्टोरेंट के साथ-साथ सामान्य व्यावसायिक दुकानें, इनफॉर्मल शॉपिंग, कमर्शियल व ऑफिस कॉम्प्लेक्स, आईटी ऑफिस, एटीएम, मैरिज गार्डन, बैंक्वेट हॉल, सिनेमा हॉल, मल्टीप्लेक्स और थोक व्यापार को भी इसमें अनिवार्य रूप से सम्मिलित किया जाए। इससे व्यापार बढ़ेगा और स्थानीय निकायों को भारी राजस्व प्राप्त होगा।
पर्यटन क्षेत्र: अनुमत श्रेणियों में होटल और गेस्ट हाउस के साथ-साथ रिसॉर्ट, मोटल तथा पर्यटन विभाग द्वारा पंजीकृत अन्य सभी प्रोजेक्ट्स को भी शामिल किया जाए।
ट्रांसपोर्ट हब: ट्रांसपोर्ट नगर, ट्रक टर्मिनल और बस टर्मिनल परिसर में पेट्रोल पंप के साथ-साथ क्लिनिक, डिस्पेंसरी, डायग्नोस्टिक सेंटर, लाइब्रेरी, अनाथालय, वृद्धाश्रम, धर्मशाला और सामुदायिक व धार्मिक भवनों को भी अनुमत श्रेणी में डाला जाए।
शैक्षणिक और चिकित्सा सुविधाओं के सरलीकरण पर जोर
ज्ञापन में ग्रामीण और परिधि नियंत्रण क्षेत्रों (Periphery Control Area) में उच्च शिक्षा और चिकित्सा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए विशेष सुझाव दिए गए:
शिक्षा क्षेत्र: सेकेंडरी व सीनियर सेकेंडरी स्कूलों के अलावा क्रेच, नर्सरी, प्राइमरी स्कूल, बी.एड. कॉलेज, आईटीआई तकनीकी प्रशिक्षण केंद्र, कोचिंग संस्थान, नर्सिंग कॉलेज, सामान्य डिग्री कॉलेज, इंजीनियरिंग व मेडिकल कॉलेज और विश्वविद्यालयों की स्थापना को अनुमत श्रेणी में लाया जाए।
चिकित्सा क्षेत्र: वर्तमान में अनुमत निजी अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के साथ-साथ क्लिनिक, आधुनिक डायग्नोस्टिक सेंटर, क्लीनिकल लैबोरेट्री, डे-केयर सेंटर, होम्योपैथी व आयुर्वेदिक हेल्थ सेंटर, योगा व नेचुरोपैथी सेंटर तथा नर्सिंग होम को भी इस श्रेणी में शामिल किया जाए ताकि ग्रामीण आबादी को घर के पास ही बेहतर इलाज मिल सके।
डबल इंजन सरकार से रोजगार और मूल्य संवर्धन की उम्मीद
बीकानेर जिला उद्योग संघ के पदाधिकारियों ने विश्वास जताया कि वर्तमान में केंद्र और राज्य में ‘डबल इंजन’ की सरकार होने से नीतियों का सरलीकरण आसानी से संभव है। ग्रामीण और परिधि क्षेत्रों में इन नागरिक सुविधाओं का विस्तार होने से न केवल देश व राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर मूल्य संवर्धन (Value Addition) होगा और युवाओं के लिए रोजगार के हजारों नए मार्ग सृजित होंगे। मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने प्रतिनिधिमंडल को इन सकारात्मक सुझावों पर गंभीरता से विचार करने और उचित नीतिगत कदम उठाने का आश्वासन दिया है।


