एक लाख कपड़े के बैग व 50 हजार लिफाफों का होगा वितरण
एक लाख कपड़े के बैग व 50 हजार लिफाफों का होगा वितरण


- पर्यावरण संरक्षण की दिशा में मदर्स एल. एस. कर्मा फाउंडेशन की अनूठी पहल
- उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने किया अभियान का आगाज; कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल ने पोस्टर का किया विमोचन
- प्लास्टिक मुक्त समाज के संकल्प के साथ राजस्थान के 15 जिलों में डॉक्टर सुमन चौधरी के नेतृत्व में चलेगा जन-जागरूकता अभियान
बीकानेर, 4 जून । पर्यावरण संरक्षण और ‘प्लास्टिक मुक्त समाज’ के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए मदर्स एल. एस. कर्मा फाउंडेशन ने एक बहुत बड़ी और अनूठी पहल की शुरुआत की है। फाउंडेशन द्वारा पिछले पांच वर्षों से लगातार चलाए जा रहे इस जन-जागरूकता अभियान को इस वर्ष और अधिक व्यापक रूप दिया गया है। राजस्थान की लोकप्रिय उपमुख्यमंत्री श्रीमती दीया कुमारी के कर-कमलों द्वारा इस पर्यावरण संरक्षण एवं जन-जागरूकता अभियान का विधिवत आगाज किया गया। वहीं, राज्य सरकार के कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल ने इस अभियान से जुड़े विशेष जागरूकता पोस्टर का विमोचन कर फाउंडेशन के प्रयासों की सराहना की।


श्रीमती लक्ष्मी देवी मंडा के निर्देशन में तैयार हुए 1.5 लाख इको-फ्रेंडली विकल्प
फाउंडेशन की संरक्षक श्रीमती लक्ष्मी देवी मंडा के दिशा-निर्देशन में एकल-उपयोग (सिंगल-यूज) प्लास्टिक के खात्मे के लिए एक वृहद कार्ययोजना तैयार की गई है। इस अभियान के तहत आम नागरिकों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने और प्लास्टिक थैलियों का विकल्प देने के उद्देश्य से पुराने कपड़ों से निर्मित एक लाख (1,00,000) कपड़े के थैले (बैग) और रद्दी अखबारों से तैयार किए गए 50 हजार (50,000) कागज के लिफाफों का निःशुल्क वितरण किया जाएगा।


डॉ. सुमन चौधरी के नेतृत्व में बीकानेर सहित 15 जिलों में गूंजेगा संदेश
फाउंडेशन की मुख्य सूत्रधार डॉ. सुमन चौधरी के नेतृत्व में यह महा-अभियान राजस्थान के लगभग 15 प्रमुख जिलों में एक साथ संचालित किया जा रहा है। इस अभियान के दायरे में बीकानेर, जयपुर, सीकर, चूरू, झुंझुनूं, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, सिरोही, जोधपुर, बाड़मेर, डीडवाना-कुचामन, भरतपुर और जालौर सहित कई अन्य जिले शामिल हैं।
डॉ. चौधरी ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य आमजन को सिंगल-यूज प्लास्टिक के घातक दुष्प्रभावों से अवगत कराना और उन्हें अपने दैनिक जीवन में कपड़े के थैलों व पुनः उपयोग में आने वाली सामग्रियों को अपनाने के लिए प्रेरित करना है। इस पहल के माध्यम से स्वच्छता, सतत विकास (सस्टेनेबल डेवलपमेंट) और हरित भविष्य के निर्माण में जनसहभागिता को बढ़ावा दिया जा रहा है।
विशिष्ट महिलाओं ने संभाली कमान, दिलाया पर्यावरण का संकल्प
अभियान के विभिन्न चरणों के तहत सार्वजनिक स्थानों, बाजारों और शिक्षण संस्थानों में बैग व लिफाफों का वितरण कर लोगों को प्लास्टिक का उपयोग पूरी तरह बंद करने का संकल्प दिलाया जा रहा है। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल किसी एक दिन का उत्सव या अभियान नहीं है, बल्कि यह देश के प्रत्येक जिम्मेदार नागरिक का निरंतर कर्तव्य है।
इस पुनीत कार्य में श्रीमती चंद्रकला, श्रीमती नीलम, उर्मिला चौधरी और राजकीय डूंगर महाविद्यालय की पूर्व प्रथम छात्रसंघ अध्यक्ष ज्योति चौधरी सहित कई महिला प्रतिनिधियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। इन सभी ने समाज को एकजुट कर इस हरित संकल्प को आगे बढ़ाने और हर घर तक कपड़े के थैले के उपयोग का संदेश पहुंचाने की बात कही।


