NEET UG में बीकानेर के होनहारों का जलवा, दिवाकर पुरोहित को ऑल इंडिया 868वीं और रासीसर की क्षिरिन को 1950वीं रैंक, पार्थ आचार्य का भी चयन
NEET UG में बीकानेर के होनहारों का जलवा, दिवाकर पुरोहित को ऑल इंडिया 868वीं और रासीसर की क्षिरिन को 1950वीं रैंक, पार्थ आचार्य का भी चयन


बीकानेर, 17 जुलाई । राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET UG) का परिणाम जारी होते ही बीकानेर शहर में जश्न और उत्साह का माहौल छा गया है। शहर के कई प्रतिभाशाली विद्यार्थियों ने इस प्रतिष्ठित परीक्षा में शानदार प्रदर्शन कर ऑल इंडिया स्तर पर बेहतरीन रैंक हासिल की है, जिसके चलते उन्हें पहली ही बार में सरकारी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश मिलना तय माना जा रहा है।


सफलता की इस सूची में बीकानेर के दिवाकर पुरोहित ने ऑल इंडिया स्तर पर 868वीं रैंक हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। इस उत्कृष्ट रैंक के आधार पर दिवाकर को अपने गृह जिले का प्रतिष्ठित सरकारी मेडिकल कॉलेज (एसपी मेडिकल कॉलेज) मिलने की पूरी संभावना है। दिवाकर के परिवार में डॉक्टरी का मजबूत पृष्ठभूमि रहा है; उनके बड़े भाई डॉ. सौरभ पुरोहित शिशु रोग विशेषज्ञ हैं और भाभी डॉ. प्रिया पुरोहित नेत्र रोग विशेषज्ञ हैं। घर में तीसरे सदस्य के डॉक्टर बनने की राह प्रशस्त होने पर परिजनों में बेहद खुशी का माहौल है।


वहीं, मूल रूप से रासीसर गांव की रहने वाली और बीकानेर में रहकर पढ़ाई करने वाली मेधावी छात्रा क्षिरिन गोदारा ने ऑल इंडिया 1950वीं रैंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। 12वीं कक्षा में 97.50 प्रतिशत अंक हासिल करने वाली क्षिरिन के पिता श्रीकृष्ण गोदारा ने बताया कि उनकी बेटी ने नियमित अध्ययन, कड़े अनुशासन और अपने लक्ष्य के प्रति अटूट समर्पण के बल पर यह सफलता हासिल की है। परिजनों को पूरी उम्मीद है कि इस रैंक के जरिए क्षिरिन का भी सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज, बीकानेर में चयन हो जाएगा।
इसके साथ ही, बीकानेर के प्रसिद्ध केमिस्ट्री लेक्चरर संजय आचार्य के पुत्र पार्थ आचार्य ने भी नीट में बाजी मारकर अपनी मेरिट के दम पर सरकारी मेडिकल कॉलेज में अपनी सीट पक्की कर ली है। पार्थ का परिवार भी लंबे समय से चिकित्सा और शिक्षा के क्षेत्र से जुड़ा रहा है। उनकी दो बहनें महिमा और श्रृष्टि आचार्य पहले से ही डॉक्टरी के पेशे में हैं, जबकि तीसरी बहन प्रियल आचार्य लॉ की पढ़ाई कर रही हैं। पार्थ की माता कुसुम आचार्य एक निजी स्कूल का संचालन करती हैं। होनहारों की इस शानदार उपलब्धि पर उनके घरों में बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।
NEET UG में ग्रामीण बीकानेर अंचल की प्रतिभाओं का शानदार प्रदर्शन: प्रह्लाद महिया को 728वीं ऑल इंडिया रैंक, अनुराधा राठौड़ बनेंगी गांव की पहली महिला डॉक्टर
राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET UG) के घोषित परिणामों में ग्रामीण क्षेत्रों के होनहार विद्यार्थियों ने अपनी लगन और कड़ी मेहनत के दम पर सफलता का परचम लहराया है। क्षेत्र के विभिन्न गांवों से आए मेधावी छात्र-छात्राओं की इस शानदार उपलब्धि से परिजनों, ग्रामीणों और पूरे अंचल में खुशी की लहर दौड़ गई है।
सफलता की इस कड़ी में दलचासर गांव के निवासी प्रह्लाद महिया (पुत्र लालचंद महिया) ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 720 में से 665 अंक प्राप्त किए हैं। प्रह्लाद ने ऑल इंडिया स्तर पर 728वीं रैंक हासिल कर अपने परिवार और गांव का नाम रोशन किया है। वहीं, इंदपालसर गुसाईसर गांव की अनुराधा राठौड़ ने 720 में से 650 अंक और ऑल इंडिया 1462वीं रैंक हासिल की है। अरुणाचल प्रदेश में तैनात उनके फौजी पिता भागीरथ सिंह भाटी ने अपनी बेटी की इस उपलब्धि पर गर्व जताया है। अनुराधा अपने गांव की पहली महिला डॉक्टर बनने जा रही हैं, जिसे ग्रामीणों ने क्षेत्र की अन्य बालिकाओं के लिए एक बड़ा प्रेरणास्रोत बताया है।
इसके अलावा, लोडेरा गांव के वासुदेव गोदारा (पुत्र शंकरलाल गोदारा) ने अपनी 12वीं कक्षा के साथ ही पहले ही प्रयास में 641 अंक हासिल कर सफलता पाई है। वासुदेव ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा आदर्श स्कूल, गुसाईसर बड़ा से पूरी की थी। सफलता के इस दौर में सांडसर निवासी राहुल गोदारा (पुत्र गोपालराम गोदारा) ने 603 अंक, कल्याणसर पुराना निवासी हर्षवर्धन महिया (पुत्र सूरजराम महिया) ने 591 अंक और सोनियासर मिठिया निवासी सुभाष ज्याणी (पुत्र मोटाराम ज्याणी) ने 575 अंक प्राप्त कर नीट परीक्षा में सफलता प्राप्त की है। इन सभी सफल विद्यार्थियों के घरों में जश्न का माहौल है और ग्रामीण व जानकार लगातार परिजनों को बधाइयां दे रहे हैं।


