बीकानेर में शर्मसार करती मानवीय संवेदना, जंगल के खंडहर में फेंका नवजात, चींटियों से लिपटे बच्चे की रोने की आवाज सुनकर ग्रामीणों ने बचाई जान

बीकानेर में शर्मसार करती मानवीय संवेदना, जंगल के खंडहर में फेंका नवजात
quicjZaps 15 sept 2025
STBA 5 JUNE 2026

बीकानेर, 17 जुलाई । राजस्थान के बीकानेर जिले के रणजीतपुरा गांव में शुक्रवार सुबह इंसानियत को ताक पर रखने वाला एक बेहद दुखद मामला सामने आया है। जन्म के महज कुछ ही घंटे बाद अज्ञात लोगों ने एक नवजात शिशु को जंगल के बीच स्थित एक खंडहर में लावारिस हालत में फेंक दिया। झाड़ियों और चींटियों के बीच पड़े मासूम के रोने की आवाज सुनकर वहां से गुजर रहे ग्रामीणों ने उसकी जान बचाई और तुरंत स्थानीय स्वास्थ्य विभाग को इसकी सूचना दी।

indication
L.C.Baid Childrens Hospiatl

शुक्रवार सुबह करीब 6:30 बजे रणजीतपुरा गांव के पास से गुजर रहे ग्रामीणों को झाड़ियों में बने एक खंडहर से बच्चे की चीख-पुकार सुनाई दी। किसी अनहोनी की आशंका के चलते ग्रामीणों ने पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर डिलीवरी के संबंध में पूछताछ की। वहां कोई डिलीवरी न होने की पुष्टि के बाद ग्रामीणों ने तुरंत खंडहर में मासूम के पड़े होने की जानकारी स्वास्थ्यकर्मियों को दी। सूचना मिलते ही केंद्र की एएनएम मधु श्रीवास्तव तुरंत कपड़े लेकर मौके पर पहुंचीं और चींटियों से घिरे नवजात को सुरक्षित उठाकर स्वास्थ्य केंद्र ले आईं।

pop ronak

स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार के दौरान नवजात की सफाई की गई, उसके शरीर से चींटियां हटाई गईं और उसे दूध पिलाया गया। प्राथमिक जांच में डॉक्टरों ने बताया कि बच्चे का वजन लगभग ढाई किलोग्राम है और उसकी स्थिति पूरी तरह से स्थिर है। हालांकि, खंडहर में फेंके जाने के कारण उसके चेहरे और हाथों पर चींटियों के काटने तथा शरीर पर हल्की खरोंचों व चोट के निशान पाए गए हैं। फिलहाल नर्सिंग स्टाफ पूरी तत्परता के साथ बच्चे की देखभाल में जुटा हुआ है।

घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र के बाहर जमा हो गए। इस निर्मम कृत्य को अंजाम देने वाले परिजनों का अब तक कोई सुराग नहीं लग पाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए रणजीतपुरा पुलिस थाना टीम ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के लोगों और संदिग्धों से पूछताछ कर रही है, ताकि नवजात को इस हालत में छोड़कर भागने वाले दोषियों की पहचान कर उन्हें कानून के दायरे में लाया जा सके।

sesumo school
sjps