उद्योगों एवं परिवहन क्षेत्र को पर्याप्त डीजल उपलब्ध कराने की मांग, व्यापार मंडल ने मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
उद्योगों एवं परिवहन क्षेत्र को पर्याप्त डीजल उपलब्ध कराने की मांग, व्यापार मंडल ने मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन


- बीकानेर व्यापार उद्योग मंडल ने मुख्यमंत्री से की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु हस्तक्षेप की मांग
बीकानेर, 4 जून। प्रदेश में उद्योगों और परिवहन क्षेत्र के समक्ष अचानक उत्पन्न हुए डीजल संकट को लेकर बीकानेर व्यापार उद्योग मंडल ने गहरी चिंता व्यक्त की है। मंडल के अध्यक्ष जुगल राठी ने इस गंभीर समस्या के समाधान हेतु राजस्थान के माननीय मुख्यमंत्री को एक विस्तृत ज्ञापन प्रेषित किया है, जिसमें पेट्रोल पंपों पर डीजल की किल्लत और इसके कारण चरमराती आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) में तुरंत हस्तक्षेप करने का आग्रह किया गया है।


उत्पादन और उद्यमी दोनों पर आर्थिक चोट
मंडल अध्यक्ष जुगल राठी ने बताया कि बीकानेर सहित प्रदेश के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों से डीजल की उपलब्धता को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही हैं। कई क्षेत्रों में पेट्रोल पंपों द्वारा डीजल की बिक्री पर अघोषित सीमा तय कर दी गई है या विभिन्न प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं। राठी ने स्पष्ट किया कि गैस आपूर्ति में तकनीकी व्यवधान और बढ़ती लागत के कारण वर्तमान में अधिकांश औद्योगिक इकाइयां डीजल आधारित जनरेटर और मशीनों पर निर्भर हैं। पर्याप्त ईंधन न मिलने से न केवल उत्पादन कार्य बाधित हो रहा है, बल्कि उद्यमियों को भारी आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।


परिवहन तंत्र पर प्रतिकूल प्रभाव: संजय जैन
मंडल के सचिव संजय जैन सांड ने परिवहन क्षेत्र की चुनौतियों को रेखांकित करते हुए कहा कि लंबी दूरी का माल ढोने वाले ट्रकों और भारी मालवाहक वाहनों को उनकी क्षमता के अनुरूप डीजल नहीं मिल पा रहा है। ईंधन की इस कमी के कारण कच्चे माल की फैक्ट्रियों तक पहुंच और तैयार माल की बाजार तक सप्लाई की पूरी चेन प्रभावित हो रही है। समय पर डिलीवरी न होने से व्यापारियों और परिवहनकर्ताओं के बीच विवाद की स्थितियां भी बन रही हैं, जो व्यापारिक हितों के लिए नुकसानदेह है।
निगरानी और निर्बाध आपूर्ति की मांग
बीकानेर व्यापार उद्योग मंडल ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि:
- जिला प्रशासन और तेल विपणन कंपनियों (OMCs) को तत्काल प्रभाव से आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं।
- औद्योगिक क्षेत्रों के समीपवर्ती पंपों और हाईवे पर स्थित केंद्रों पर डीजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
- डीजल वितरण व्यवस्था की नियमित निगरानी की जाए ताकि कोई कृत्रिम कमी (आर्टिफिशियल शॉर्टेज) पैदा कर कालाबाजारी न कर सके।
अर्थव्यवस्था का आधार है ईंधन: वेद अग्रवाल
मंडल के उपाध्यक्ष वेद अग्रवाल ने कहा कि उद्योग और परिवहन किसी भी राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ होते हैं। यदि इन क्षेत्रों को समय पर ईंधन नहीं मिला, तो पूरी आर्थिक गतिविधि ठप हो सकती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार इस ज्ञापन पर संज्ञान लेकर शीघ्र ही सकारात्मक कदम उठाएगी, जिससे बीकानेर सहित पूरे प्रदेश के उद्योग जगत को राहत मिल सकेगी।


