रॉन्ग साइड दौड़ रहा था ट्रक: अब मालिक और चालक से वसूले जाएंगे 77.06 लाख रुपये का मुआवजा
रॉन्ग साइड दौड़ रहा था ट्रक: अब मालिक और चालक से वसूले जाएंगे 77.06 लाख रुपये का मुआवजा


- मोटरयान दुर्घटना दावा अधिकरण, बीकानेर का महत्वपूर्ण निर्णय
बीकानेर, 4 जून । बीकानेर के मोटरयान दुर्घटना दावा अधिकरण (MACT) ने एक सड़क दुर्घटना के मामले में ऐतिहासिक निर्णय सुनाते हुए पीड़ित परिवार के पक्ष में भारी मुआवजे का आदेश दिया है। न्यायालय ने ट्रक चालक की लापरवाही को घातक मानते हुए मृतक के परिजनों को 77,06,380 रुपये (सतहत्तर लाख छह हजार तीन सौ अस्सी रुपये) का मुआवजा देने का निर्देश दिया है।


दुर्घटना का घटनाक्रम
न्यायालय में पेश किए गए तथ्यों के अनुसार, यह मामला 17 मार्च 2022 का है। मृतक कन्हैयालाल (पुत्र मांगीलाल ब्राह्मण, निवासी बामनवाली, लूणकरणसर) अपनी कार (संख्या RJ07-CD-3607) से बीकानेर से अपने गांव जा रहे थे। रात्रि करीब 10:30 बजे जगदेववाला के पास सामने से आ रहे एक ट्रक (संख्या PB30-R-7643) ने लापरवाही और तेज गति से वाहन चलाते हुए कार को गलत दिशा (रॉन्ग साइड) में जाकर टक्कर मार दी। इस भीषण भिड़ंत में कन्हैयालाल को गंभीर चोटें आईं, जिसके कारण उनकी मृत्यु हो गई।


न्यायालय का फैसला: बिना बीमा के भारी दंड
न्यायाधीश अनवर अहमद चौहान (RHJS) ने मामले की सुनवाई करते हुए पाया कि दुर्घटना के समय ट्रक चालक गुरुप्रेम सिंह पूरी तरह से जिम्मेदार था। मामले में सबसे गंभीर तथ्य यह सामने आया कि संबंधित ट्रक का बीमा (Insurance) प्रभावी नहीं था।
न्यायालय ने अपने निर्णय में स्पष्ट किया कि बीमा न होने की स्थिति में मुआवजे की पूरी जिम्मेदारी वाहन के चालक और मालिक की होगी। अदालत ने चालक: गुरुप्रेम सिंह (पुत्र गुरदेव, निवासी श्री मुक्तसर साहिब, पंजाब), मालिक: गुरमेल सिंह (पुत्र रणजोध सिंह, निवासी भांगचेरी, पंजाब) को संयुक्त और पृथक रूप से उत्तरदायी माना है।
ब्याज सहित भुगतान का आदेश
अधिवक्ता ओम बिश्नोई ‘बोला’ ने मृतक के परिजनों की ओर से पैरवी करते हुए मुआवजे की मांग रखी थी। न्यायालय ने आदेश दिया कि कुल मुआवजा राशि 77,06,380 रुपये अदा की जाए। दावा प्रस्तुत करने की दिनांक से भुगतान की तिथि तक 07 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देय होगा।
महत्वपूर्ण संदेश: यह निर्णय उन वाहन स्वामियों के लिए एक बड़ी चेतावनी है जो बिना वैध बीमा के वाहन सड़कों पर उतारते हैं। दुर्घटना की स्थिति में बीमा कंपनी की अनुपस्थिति में पूरी हर्जाना राशि मालिक को अपनी निजी संपत्ति से चुकानी पड़ती है।


