मुंबई में प्रेक्षाध्यान की गूंज- कांदिवली के सहकार ग्राम में दूगड़ दंपति के सान्निध्य में संपन्न हुई भव्य कार्यशाला
मुंबई में प्रेक्षाध्यान की गूंज- कांदिवली के सहकार ग्राम में दूगड़ दंपति के सान्निध्य में संपन्न हुई भव्य कार्यशाला



मुंबई, 7 जून। कांदिवली के अशोक नगर स्थित सहकार ग्राम परिसर में ‘योग क्षेम वर्ष’ के उपलक्ष्य में प्रेक्षा फाउंडेशन के तत्वावधान में एक भव्य प्रेक्षाध्यान जन जागृति अभियान का आयोजन किया गया। वरिष्ठ प्रेक्षा ध्यान प्रशिक्षक दूगड़ दंपति (श्रीमती विमला देवी एवं श्री पारसमल दूगड़) के कुशल मार्गदर्शन में चल रहे इस अभियान की श्रृंखला में सहकार ग्राम फेडरेशन के गार्डन ग्राउंड में शाम 5:00 बजे एक विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। 300 परिवारों वाले इस विशाल परिसर में अभियान को सफल बनाने के लिए विमला पटेल, अश्विन भाई वोरा, सुश्री नम्रता, श्रीमती विरानी और अब्दुल्ला जी सहित अनेक समर्पित कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर लोगों को प्रेक्षाध्यान व योग के वैज्ञानिक महत्व की जानकारी दी, जिसके फलस्वरूप बड़ी संख्या में स्थानीय निवासियों ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक अपनी सहभागिता दर्ज कराई।


कार्यशाला का शुभारंभ वरिष्ठ प्रेक्षा प्रशिक्षिका श्रीमती विमला देवी दूगड़ एवं शांताबेन विमला पटेल द्वारा पवित्र मंगल भावना और सुमधुर प्रेक्षागीत के संगान के साथ हुआ। इसके पश्चात श्रीमती दूगड़ ने उपस्थित साधकों को प्रेक्षाध्यान के अत्यंत महत्वपूर्ण प्रयोगों— ‘दीर्घ श्वास प्रेक्षा’ तथा ‘समताल श्वास प्रेक्षा’ का गहन अभ्यास करवाया। कार्यक्रम के अगले चरण में सहकार ग्राम फेडरेशन की ओर से वरिष्ठ प्रशिक्षक श्री दूगड़ का शाल ओढ़ाकर भावभीना सम्मान व अभिनंदन किया गया, जबकि श्रीमती पटेल ने उपस्थित जनसमुदाय को दूगड़ दंपति के लंबे आध्यात्मिक सफर का परिचय दिया।


समारोह को संबोधित करते हुए वरिष्ठ प्रेक्षा प्रशिक्षक पारसमल दूगड़ ने इस राष्ट्रव्यापी अभियान के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “युगदृष्टा आचार्य श्री महाप्रज्ञ जी द्वारा अन्वेषित और वर्तमान में अनुशास्ता आचार्य श्री महाश्रमण जी की पावन अनुकंपा से संचालित इस प्रेक्षाध्यान पद्धति को हर घर और हर द्वार तक पहुंचाना हमारा मुख्य संकल्प है। हमारा लक्ष्य है कि इस अभियान के माध्यम से जन-जन को शारीरिक व मानसिक आरोग्यता का अमूल्य उपहार मिले और लोग स्वयं के पुरुषार्थ से स्वयं का साक्षात्कार कर सकें।” उन्होंने गौरव व्यक्त करते हुए बताया कि मुंबई के विभिन्न अंचलों में आयोजित होने वाला यह इस श्रृंखला का 7वां सफल कार्यक्रम है और इस अभियान की गूंज अब मुंबई के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर भी सुनाई दे रही है।
कार्यशाला के उत्तरार्ध में साधकों को प्रेक्षाध्यान के चार मुख्य सहायक अंगों— आसन, प्राणायाम, विशेष ध्वनि और विभिन्न मुद्राओं का व्यावहारिक प्रयोग करवाया गया। दूगड़ ने उपस्थित नागरिकों और नए साधकों की प्रेक्षाध्यान से जुड़ी विभिन्न जिज्ञासाओं और शंकाओं का अत्यंत सरल व शानदार ढंग से समाधान किया। इस अभियान के तहत डिजिटल माध्यमों का भी बड़ा सहयोग लिया जा रहा है, जिसमें ‘श्री घोघारी विशा श्रीमाली जैन महिला मंडल फेडरेशन’ तथा ‘श्री जैन नारी शक्ति तमिलनाडु’ जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं के सौजन्य से ‘ज़ूम’ (Zoom) ऐप पर अखिल भारतीय स्तर के ऑनलाइन कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त, प्रेक्षाध्यान के ये विशेष सत्र दैनिक रूप से देश के प्रमुख टीवी चैनल ‘जियो फाइबर 4087 महोत्सव’ पर प्रतिदिन प्रातः 7:45 बजे नियमित रूप से प्रसारित किए जा रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि इस प्रतिष्ठित प्रेक्षाध्यान योग साधना केंद्र का ऐतिहासिक शुभारंभ आज से करीब तीन दशक पूर्व 20 अक्टूबर 1997 को इसी सहकार ग्राम परिसर की ‘शत्रुंजय बिल्डिंग’ की छत (टेरेस) से हुआ था। आज वर्षों की निरंतर साधना के बाद इस छोटे से केंद्र को एक विशाल और घने वटवृक्ष के रूप में रूपांतरित देखकर समस्त सहकार ग्राम वासी अत्यंत भावुक व गद्गद नजर आए और उन्होंने दूगड़ दंपति सहित सभी कार्यकर्ताओं के इस अथक व सार्थक श्रम की भूरि-भूरि प्रशंसा की।


