होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल टैंकर पर मिसाइल हमला, 3 भारतीय नाविक लापता, 21 को सुरक्षित बचाया; भारत सरकार ने कहा- स्थिति पर हमारी पैनी नजर
होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल टैंकर पर मिसाइल हमला, 3 भारतीय नाविक लापता



तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी, 10 जून। होर्मुज स्ट्रेट के पास मिसाइल हमले से ‘सेत्तेबेल्लो’ नाम के ऑयल टैंकर के इंजन रूम में आग लग गई। इस जहाज पर 28 लोग सवार थे, जिसमें से 24 भारतीय थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक 3 भारतीय अभी भी लापता हैं, जबकि 21 को बचा लिया गया। इस टैंकर पर पलाऊ देश का झंडा लगा हुआ था। हमले के वक्त ये ओमान के सोहार बंदरगाह से करीब 37 किलोमीटर दूर था। यह हमला किसने किया था, अभी इसकी जानकारी नहीं मिल पाई है। भारत सरकार ने हमले की कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने बताया कि ओमान स्थित भारतीय दूतावास मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और लोकल अधिकारियों के साथ चलाए जा रहे सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन में कॉर्डिनेट कर रहा है। यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने सबसे पहले ट्वीट करके इस हमले की जानकारी दी थी।


पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स…


1. अमेरिका ने ईरान पर हवाई हमले किए: होर्मुज स्ट्रेट के पास अमेरिकी अपाचे हेलिकॉप्टर गिरने के बाद अमेरिका ने ईरान पर जवाबी हमले किए। ट्रम्प ने आरोप लगाया कि हेलिकॉप्टर ईरान ने गिराया था, जबकि तेहरान ने हर हमले का जवाब देने की चेतावनी दी।
2. ट्रम्प बोले- 2 हफ्ते में ईरान पर ‘पूरी जीत’ का ऐलान करेंगे: रिपब्लिकन रैली में ट्रम्प ने दावा किया कि अमेरिका ईरान के खिलाफ बढ़त बनाए हुए है और अगले दो हफ्तों में “टोटल विक्ट्री” घोषित करेगा। उन्होंने कहा कि इससे तेल की कीमतें भी नीचे आएंगी।
3. इजराइल की चेतावनी- जरूरत पड़ी तो फिर करेंगे हमला: इजराइली सेना प्रमुख एयाल जामिर ने कहा कि हालिया ऑपरेशन सिर्फ शुरुआत थी। जरूरत पड़ने पर इजराइल ईरान पर और बड़े हमले करने के लिए तैयार है।
4. ट्रम्प-नेतन्याहू के रिश्तों में बढ़ी दूरी: ईरान-इजराइल तनाव के बीच ट्रम्प ने नेतन्याहू को चेताया कि संघर्ष बढ़ाने पर इजराइल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग पड़ सकता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि दोनों नेताओं के बीच मतभेद अब खुलकर सामने आने लगे हैं।
5. होर्मुज के पास अमेरिकी अपाचे हेलिकॉप्टर क्रैश: AH-64 अपाचे हेलिकॉप्टर होर्मुज स्ट्रेट के पास समुद्र में गिर गया। दोनों पायलट सुरक्षित बचा लिए गए। अमेरिकी सेना ने पहली बार समुद्र में ड्रोन बोट का इस्तेमाल कर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। हादसे की जांच जारी है।
एक्सपर्ट बोले- हिजबुल्लाह को लेकर अमेरिका अपना रुख बदल सकता है
बेरूत के सुरक्षा एक्सपर्ट अली रिज्क का कहना है कि ईरान के साथ समझौता करने के लिए अमेरिका लेबनान के मुद्दे पर थोड़ा नरम रुख अपना सकता है। उनके मुताबिक अमेरिका लेबनान की कुछ मांगों को मानने पर विचार कर रहा है। हालांकि रिज्क का कहना है कि इसका मतलब यह नहीं है कि अमेरिका अपनी पूरी नीति बदल रहा है। उनका मानना है कि ऐसा समझौता होने में अभी समय लगेगा और इसे हिजबुल्लाह के साथ-साथ ईरान की भी मंजूरी मिलनी जरूरी होगी। रिज्क के मुताबिक बातचीत आगे बढ़ रही है, लेकिन अभी कई अहम मुद्दों पर सहमति बननी बाकी है। इसलिए जल्द किसी बड़े समझौते की उम्मीद करना सही नहीं होगा।
ओमान के पास ऑयल टैंकर पर अमेरिकी मिसाइल हमले की आशंका
ओमान के तट के पास एक टैंकर में लगी आग को लेकर दावा किया जा रहा है कि यह अमेरिकी मिसाइल हमले का नतीजा हो सकती है। समुद्री सुरक्षा कंपनी एम्ब्रे का कहना है कि यह हमला ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नाकेबंदी से जुड़ा हो सकता है। एक अन्य सुरक्षा सूत्र ने भी रायटर को बताया कि जहाज पर संभवतः अमेरिकी मिसाइल लगी थी। हादसे के बाद चालक दल के दो सदस्य अब भी लापता हैं। जहाज पर कुल 28 लोग सवार थे, जिनमें 24 भारतीय नाविक शामिल थे। भारतीय अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि लापता दोनों नाविक भारतीय हैं या नहीं। यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (यूकेएमटीओ) के मुताबिक, पलाऊ के झंडे वाले इस केमिकल-ऑयल टैंकर के इंजन रूम में ओमान के सोहार बंदरगाह से करीब 37 किलोमीटर दूर आग लगी थी।
दक्षिणी लेबनान में इजराइल के हमले से 13 लोगों की मौत
दक्षिणी लेबनान में इजराइल के हमलों से 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि 15 अन्य घायल हुए हैं। लेबनान की सरकारी समाचार एजेंसी के मुताबिक हमले टायर शहर और उसके आसपास के कई इलाकों में किए गए।
रिपोर्ट के अनुसार, तिरदबा कस्बे में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ, जहां नौ लोगों की जान गई और सात लोग घायल हुए। वहीं दैर कानून कस्बे में तीन लोगों की मौत हुई और तीन अन्य घायल हो गए।
टायर शहर में भी इजराइली हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि पांच लोग घायल हुए हैं। हमले के बाद कई इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं और बचाव दल मलबा हटाकर लोगों की तलाश में जुटा है।
एक्सपर्ट बोले- हिजबुल्लाह को लेकर अमेरिका अपना रुख बदल सकता है
बेरूत के सुरक्षा एक्सपर्ट अली रिज्क का कहना है कि ईरान के साथ समझौता करने के लिए अमेरिका लेबनान के मुद्दे पर थोड़ा नरम रुख अपना सकता है। उनके मुताबिक अमेरिका लेबनान की कुछ मांगों को मानने पर विचार कर रहा है। हालांकि रिज्क का कहना है कि इसका मतलब यह नहीं है कि अमेरिका अपनी पूरी नीति बदल रहा है। उनका मानना है कि ऐसा समझौता होने में अभी समय लगेगा और इसे हिजबुल्लाह के साथ-साथ ईरान की भी मंजूरी मिलनी जरूरी होगी। रिज्क के मुताबिक बातचीत आगे बढ़ रही है, लेकिन अभी कई अहम मुद्दों पर सहमति बननी बाकी है। इसलिए जल्द किसी बड़े समझौते की उम्मीद करना सही नहीं होगा।


