बीकानेर में तीरंदाजी दिग्गजों का महाकुंभ
बीकानेर में तीरंदाजी दिग्गजों का महाकुंभ



- गुरु गणेश लाल व्यास के 35 वर्षों के निस्वार्थ समर्पण को शिष्यों ने किया सलाम
- 7 अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों सहित कई पूर्व चैंपियन सम्मानित
बीकानेर, 11 जून। द्रोणाचार्य शिक्षण प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान तथा संशोधन अघोर एवं पर्यावरण संरक्षण समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 10 दिवसीय निःशुल्क तीरंदाजी शिविर का भव्य समापन हुआ। इस समापन समारोह का मुख्य आकर्षण उन महान और वरिष्ठ तीरंदाजों का जुटान रहा, जिन्हें द्रोणाचार्य संस्थान के गुरु गणेश लाल व्यास ने पिछले 35 वर्षों के अपने सफर में तराशा है। इस अवसर पर खेल से लेकर सरकारी सेवाओं तक में परचम लहरा रहे शिष्यों ने शिरकत कर अपने गुरु के निस्वार्थ समर्पण को सलाम किया।


35 वर्षों की साधना: 1990 से अब तक का सफर


तीरंदाजी के क्षेत्र में गुरु गणेश लाल व्यास का योगदान बीकानेर संभाग के लिए एक मील का पत्थर साबित हुआ है। उन्होंने वर्ष 1990 में बेहद सीमित संसाधनों के साथ एक छोटे स्तर पर इस अभियान की शुरुआत की थी। पिछले 35 सालों के अपने निरंतर और निस्वार्थ कार्यकाल में उन्होंने बिना रुके बच्चों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण दिया। उनकी इस अनवरत साधना की बदौलत बीकानेर के साथ-साथ श्रीगंगानगर, पदमपुर, विजयनगर, रायसिंहनगर और हनुमानगढ़ जैसे क्षेत्रों से 7 अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी (जिनमें एक महिला खिलाड़ी शामिल हैं) और दर्जनों राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार हुए, जो आज विभिन्न सरकारी सेवाओं में सर्वोच्च पदों पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
पूर्व दिग्गजों और वरिष्ठ खिलाड़ियों का हुआ सम्मान
प्रतिभा सम्मान के इस विशेष और गरिमामयी अवसर पर पिछले 15 से 20 सालों से तीरंदाजी के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाने वाले कई पूर्व खिलाड़ियों को उनकी खेल उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वाले दिग्गजों में हरदीप सिंह राजपूत, अनिल चांगरा, श्याम सुंदर स्वामी, भंवर लाल व्यास, जय प्रकाश व्यास, विक्रम रंगा, अनिल जोशी, क्रांति रंगा और अभिलाषा व्यास शामिल रहे।
इनके साथ ही दीपक रावत, रविकांत भाटी, योगेश्वर व्यास, सुनीता व्यास, सविता व्यास, चंद्र प्रकाश सेवग, आनंद स्वामी, रामनिवास चौधरी, दिनेश, यशवर्धन पुरोहित और आशीष आचार्य को भी स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया।
बीकानेर में खुलेंगे द्रोणाचार्य संस्थान के नए केंद्र
समारोह के दौरान संस्थान के सचिव राहुल व्यास ने गुरु गणेश लाल व्यास के प्रति आभार जताते हुए कहा कि आज बीकानेर और पूरे राजस्थान में तीरंदाजी का जो खुशनुमा माहौल है और इस खेल ने जो अहम मुकाम हासिल किया है, वह गुरु गणेश जी के अप्रत्यक्ष मार्गदर्शन की ही देन है। वहीं, प्रशिक्षक लोकेश व्यास ने संस्थान की आगामी योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वर्तमान में द्रोणाचार्य तीरंदाजी संस्थान बीकानेर में दो स्थानों पर अपनी निरंतर सेवाएं दे रहा है। भविष्य में इस खेल को और अधिक जमीनी स्तर पर बढ़ावा देने के लिए शहर के विभिन्न क्षेत्रों में संस्थान के कुछ और नए केंद्र खोले जाएंगे।
गणमान्य जनों की रही गरिमामयी उपस्थिति
इस ऐतिहासिक खेल महाकुंभ में खेल प्रेमियों के साथ-साथ शहर के अनेक प्रबुद्ध नागरिक और गणमान्य लोग साक्षी बने। कार्यक्रम में सोमनारायण पुरोहित, हुकुम चंद ओझा, मदन मोहन छंगाणी, शिव शंकर छंगानी, भुवनेश्वर ओझा और योग गुरु दीपक शर्मा सहित तमाम अतिथियों ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और बीकानेर को तीरंदाजी का गढ़ बनाने का संकल्प दोहराया।


