संजय राउत के बयान पर महाराष्ट्र से दिल्ली तक सियासी घमासान, भाजपा का तीखा पलटवार
संजय राउत



नई दिल्ली, 15 जून। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय राउत द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई एक बेहद विवादित टिप्पणी के बाद देश का राजनीतिक पारा अचानक चढ़ गया है। दिल्ली से लेकर मुंबई तक सियासी गलियारों में तीखी बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है। यह पूरा विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब राजनीतिक हलकों में उद्धव गुट के कुछ सांसदों के पाला बदलने की अटकलें तेज हैं।


प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान संजय राउत ने प्रधानमंत्री मोदी की तुलना मुगल शासक औरंगजेब से करते हुए उन पर तीखा हमला बोला। राउत ने कहा कि देश की राजनीति में पहले कभी ऐसा ‘क्रूर’ नेतृत्व सामने नहीं आया है। उन्होंने आगे कहा कि देश ने जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, अटल बिहारी वाजपेयी और स्वयं बालासाहेब ठाकरे जैसे महान व उदार नेता देखे हैं, लेकिन मौजूदा नेतृत्व की कार्यशैली को देखकर डर का माहौल बनता है। अपने बयान को भौगोलिक संदर्भ देते हुए राउत ने कहा कि नरेंद्र मोदी उसी मिट्टी से आते हैं जहां औरंगजेब का जन्म हुआ था (उल्लेखनीय है कि औरंगजेब का जन्म गुजरात के दाहोद में हुआ था)।


अपमानजनक राजनीति और हताशा का आरोप: भाजपा
संजय राउत के इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बेहद कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हुए दिल्ली से मोर्चा संभाला। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने इस टिप्पणी पर पलटवार करते हुए विपक्षी गठबंधन को आड़े हाथों लिया।
संवैधानिक पद का अपमान: पूनावाला ने कहा कि विपक्ष प्रधानमंत्री मोदी के प्रति नफरत में इस कदर अंधा हो चुका है कि वह देश की जनता द्वारा चुने गए देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद की गरिमा को भी भूल गया है।
गुजरात की अस्मिता को ठेस: भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि संजय राउत ने इस बयान के जरिए न केवल देश के प्रधानमंत्री का, बल्कि पूरे गुजरात राज्य और वहां की जनता का अपमान किया है। उन्होंने कहा कि चुनावी मैदान में पीएम मोदी को हराने में नाकाम रहने के बाद विपक्ष अब पूरी तरह हताशा में इस तरह की अमर्यादित भाषा पर उतर आया है।
‘मोहब्बत’ के दावों के बीच 150 से अधिक गालियां
शहजाद पूनावाला ने विपक्षी गठबंधन (I.N.D.I.A.) की नीति और नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि अब तक पीएम मोदी के खिलाफ 150 से अधिक अपमानजनक शब्दों और अपशब्दों का इस्तेमाल किया जा चुका है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष के नेता एक तरफ तो ‘मोहब्बत की दुकान’ खोलने की बात करते हैं और दूसरी तरफ एक पिछड़े (ओबीसी) व गरीब परिवार से उठकर देश के शीर्ष पद पर पहुंचे प्रधानमंत्री के लिए ऐसी निंदनीय भाषा का प्रयोग करते हैं। भाजपा ने साफ किया कि देश की जनता इस अपमानजनक और गाली-गलौज की राजनीति को देख रही है और आने वाले चुनावों में इसका करारा जवाब देगी।


