बीकानेर के सरकारी समाचार

बीकानेर के सरकारी समाचार
quicjZaps 15 sept 2025
STBA 5 JUNE 2026

जिला कलेक्टर निशांत जैन ने जिला परिषद कार्यालय का किया निरीक्षण, समयबद्ध कार्य निष्पादन के दिए निर्देश

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बीकानेर, 29 जून। जिला कलेक्टर निशांत जैन ने सोमवार को जिला परिषद कार्यालय का निरीक्षण कर विभिन्न शाखाओं की कार्यप्रणाली का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को गंभीरतापूर्वक कार्य करते हुए आमजन से जुड़े मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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निरीक्षण के दौरान जिला कलेक्टर ने विभिन्न शाखाओं के निस्तारित और लंबित प्रकरणों, विधानसभा प्रश्नों के जवाब की स्थिति, परिवादों तथा जांच संबंधी मामलों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी प्रकरणों का नियमानुसार एवं निर्धारित समय सीमा में निस्तारण किया जाए, जिससे आमजन को त्वरित राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि ग्रामीण सेवा शिविरों का प्रभावी संचालन एवं नियमित निरीक्षण किया जाए।

जिला कलेक्टर ने अटल ज्ञान केंद्रों के निर्माण एवं प्रगति कार्यों की प्रगति समीक्षा की। संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने संभाग स्तरीय क्वालिटी कंट्रोल लैब का निरीक्षण किया। यहां उपलब्ध आधुनिक उपकरणों की जानकारी ली तथा उनकी उपयोगिता और नियमित संचालन के संबंध में अधिकारियों से चर्चा की।

उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमित निरीक्षण एवं प्रभावी पर्यवेक्षण को आवश्यक बताया। जलग्रहण विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए जिले की रैंकिंग में सुधार लाने के लिए योजनाबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

इस अवसर पर जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीमती शैलजा पांडे, अधीक्षण अभियंता रामनिवास शर्मा, जलग्रहण के अधीक्षण अभियंता भूपसिंह, अधिशासी अभियंता अशोक गहलोत, परियोजना अधिकारी लेखा श्रीमती चन्द्रकला, सहायक लेखाधिकारी प्रथम सुधीर सुरोलिया, सहायक लेखाधिकारी द्वितीय कैलाश मेहरा, अधिशासी अभियंता मनीष पूनिया, सहायक अभियंता मुकेश आहूजा सहित जिला परिषद के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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जिला कलेक्टर ने केंद्रीय बस स्टैंड का किया निरीक्षण, साफ-सफाई व्यवस्था में सुधार के दिए निर्देश

बीकानेर, 29 जून। जिला कलेक्टर निशान्त जैन ने सोमवार को केंद्रीय बस स्टैंड का निरीक्षण किया और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने बस स्टैंड परिसर में साफ-सफाई, यात्री सुविधाओं, टिकट व्यवस्था तथा पूछताछ कक्ष के संचालन का निरीक्षण किया।

जिला कलेक्टर ने यहां से संचालित होने वाली बसों की जानकारी ली तथा टिकट खिड़की का अवलोकन किया। उन्होंने परिसर की साफ-सफाई में सुधार लाने के निर्देश देते हुए कहा कि आगामी 15 दिनों में व्यवस्थाओं में सुधार लाएं। उन्होंने कहा कि निर्धारित अवधि के बाद पुनः निरीक्षण किया जाएगा और व्यवस्था का मूल्यांकन किया जाएगा।

जिला कलेक्टर ने कहा कि यात्रियों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। आवश्यकता के अनुसार बस स्टैंड परिसर में पर्याप्त संख्या में डस्टबिन लगाने के निर्देश दिए, जिससे स्वच्छता व्यवस्था बेहतर बनी रहे। बस स्टैंड पर आने वाले यात्रियों को स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए।

उन्होंने पूछताछ कक्ष को पूरी तरह सक्रिय एवं मुस्तैद रखने पर विशेष दिया। उन्होंने कहा कि यात्रियों को बसों के संचालन, समय-सारिणी और गंतव्य संबंधी आवश्यक जानकारी समय पर उपलब्ध कराई जाए, जिससे उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़े। उन्होंने अधिकारियों से समन्वय के साथ कार्य करते हुए बस स्टैंड की व्यवस्थाओं में गुणात्मक सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान उपखंड अधिकारी सुश्री महिमा कसाना तथा रोडवेज डिपो प्रबंधक श्रीमती इंदिरा गोदारा भी उपस्थित रहीं।
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जिला स्तरीय भामाशाह सम्मान समारोह आयोजित: 13 भामाशाह और 9 प्रेरक हुए सम्मानित

राष्ट्र निर्माण में शिक्षा की भूमिका महत्वपूर्ण, शैक्षणिक विकास में सहयोग देने वालों का योगदान सराहनीय: जिला कलक्टर

बीकानेर, 29 जून। तीसवां जिला स्तरीय भामाशाह सम्मान समारोह सोमवार को जिला परिषद सभागार में आयोजित हुआ। समारोह के दौरान 13 भामाशाहों और 9 प्रेरकों का सम्मान किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला कलक्टर निशान्त जैन थे। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण में शिक्षा की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। वहीं शिक्षा के विकास में सहयोग देना अपने आप में अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा 30 वर्षों से ऐसे भामाशाहों का सम्मान किया जाता है। इससे दूसरों को प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि मां के बाद शिक्षक ही ऐसा व्यक्ति होता है, जो अपने शिष्य को खुद से बेहतर बनाने का काम करता है। हमें ऐसे शिक्षकों के प्रति कृतज्ञ होना चाहिए।

जिला कलक्टर ने कहा कि बीकानेर में भामाशाहों की लम्बी श्रृंखला है। इनमें से अनेक लोग शिक्षा के क्षेत्र में अपना सहयोग दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि आगामी सालों में इस संख्या में और अधिक इजाफा करने के प्रयास हो। उन्होंने प्रेरकों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया। जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीमती शैलजा पांडे ने कहा कि बच्चों का शिक्षा का बेहतर वातावरण मिलेगा तो वे और अधिक अच्छा परिणाम दे सकेंगे। उन्होंने आह्वान किया कि बेटियों को भी शिक्षा के भरपूर अवसर दें।

माध्यमिक शिक्षा निदेशालय की संयुक्त निदेशक डाॅ. सुनीता चावला ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा प्रतिवर्ष एक करोड़ या इसे अधिक राशि का सहयोग करने वाले भामाशाहों को शिक्षा विभूषण, 30 लाख या इससे अधिक और एक करोड़ से कम राशि का सहयोग करने वालों को राज्य स्तर पर शिक्षा भूषण सम्मान से सम्मानित किया जाता है। इसी प्रकार एक लाख से लेकर 29 लाख 99 हजार 999 रुपए का सहयोग करने वालों को जिला स्तर पर शिक्षा श्री सम्मान दिया जाता है। इसी प्रकार 50 लाख से अधिक राशि के योगदान के लिए भामाशाह को प्रेरित करने वाले प्रेरक को राज्य तथा 5 से 50 लाख रुपए तक की राशि के योगदान के लिए भामाशाह को प्रेरित करने वाले प्रेरक को जिला स्तर पर सम्मानित किया जाता है।

जिला शिक्षा अधिकारी किशन दान चारण ने बताया कि प्रदेश में भामाशाहों द्वारा अब तक 1155.48 करोड़ तथा इस वर्ष 318 करोड़ रुपए शैक्षणिक उन्नयन के लिए दान किया गया है। उन्होंने बताया कि इस बार प्रदेश स्तर पर 154 भामाशहों और 99 प्रेरकों को सम्मानित किया गया है। उन्होंने स्वागत उद्बोधन दिया और कार्यक्रम की रूपरेखा बताई।

श्याम पंचारिया ने कहा कि भामाशाहों और प्रेरकों का सम्मान श्रेष्ठ परम्परा है। इससे दूसरों को प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश में शैक्षिक उन्नयन की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया जा रहा है। भामाशाहों और दानदाताओं के सहयोग से इसमें और अधिक गति आई है।

डाॅ. सत्यप्रकाश आचार्य ने कहा कि राजस्थान भामाशाहों और दानदाताओं का प्रदेश है। सदियों पूर्व भामाशाह द्वारा दिया गया दान और उनकी दानशीलता देश और दुनिया में विशेष पहचान रखती है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के लिए दिया गया दान कभी निष्फल नहीं जाता।

शिक्षा विभाग के पूर्व संयुक्त निदेशक डाॅ. विजय शंकर आचार्य ने कहा कि अपनी कमाई के धन को परहित, विशेषकर बच्चों की शिक्षा के लिए व्यय करना अत्यंत पुण्यदायी और फलदाई होता है। इसके लिए सभी भामाशाह साधुवाद के पात्र हैं। इससे पहले जिला कलक्टर सहित सभी अतिथियों ने मां सरस्वती और भामाशाह के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरूआत की।

इन भामाशाहों और प्रेरकों का हुआ सम्मान

कार्यक्रम के दौरान अनिल कुमार गोरा, बजरंग लाल राघानी, बलजीत सिंह बाजवा, चंद्रेश हर्ष, मंगतूराम जोशी, पूनम चंद सुथार, श्रीमती रचना शर्मा, रामलाल, रामलक्ष्मण गोदारा, संजय कुमार, श्रीमती सीमा शर्मा, सिराजुद्दीन और सुरेन्द्र कुमार को भामाशाह के रूप में सम्मानित किया गया। इसी प्रकार प्रेरक के रूप में मनेाज कुमार, किशनाराम कांटिया, भंवर सिंह बीका, सांवरमल गोदारा, बहादुर सिंह, पवन कुमार मोदी, रामस्वरूप जोशी, श्रीकृष्ण चौधरी और श्रीमती सुनीता चौधरी को प्रेरक के रूप में सम्मान दिया गया।

इनकी रही मौजूदगी

कार्यक्रम के दौरान सेवानिवृत्त संयुक्त निदेशक डाॅ. ओमप्रकाश सारस्वत, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी डाॅ. महेन्द्र शर्मा, एडीपीसी कृष्णकुमार बिश्नोई, उप जिला शिक्षा अधिकारी अनिल बोड़ा, रवि आचार्य सहित अनेक लोग मौजू रहे। कार्यक्रम का संचालन चंडीदान चारण ने किया।

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सांख्यिकी और आईटी के समन्वय से बढ़ी आंकड़ों की शुद्धता और उपयोगिता : जिला कलक्टर निशान्त जैन

बीसवें सांख्यिकी दिवस का जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित

बीकानेर, 29 जून। जिला कलक्टर निशान्त जैन ने कहा कि सांख्यिकी और सूचना प्रौद्योगिकी के समन्वय से सांख्यिकीय आंकड़ों के संकलन, विश्लेषण और उपयोग में तीव्रता तथा शुद्धता आई है। आज के आईटी युग में आंकड़ों का महत्व लगातार बढ़ रहा है और योजनाओं एवं विकास कार्यक्रमों के प्रभावी निर्धारण तथा मूल्यांकन में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका है।

जिला कलक्टर सोमवार को राजस्थान पशु विज्ञान एवं पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय के फैकल्टी हाउस सभागार में आयोजित 20वें जिला स्तरीय सांख्यिकी दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रो. पी.सी. महालनोबिस ने सांख्यिकी को वैज्ञानिक आधार प्रदान किया और उनकी अवधारणाओं ने विश्व स्तर पर सांख्यिकी के क्षेत्र में नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि सटीक आंकड़े सुशासन और प्रभावी नीति निर्माण की आधारशिला हैं।

प्रारम्भिक शिक्षा निदेशालय के निदेशक (सांख्यिकी) लड्डूलाल पहाड़िया ने कहा कि विश्वसनीय सांख्यिकीय आंकड़े किसी भी सरकार की योजनाओं की सफलता का आधार होते हैं। उन्होंने कहा कि बदलते समय में डेटा की गुणवत्ता और समयबद्ध उपलब्धता पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है।

आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के संयुक्त निदेशक धर्मपाल सिंह खींचड़ ने विभाग की गतिविधियों एवं उपलब्धियों की जानकारी देते हुए कहा कि विभाग आधुनिक तकनीक के माध्यम से आंकड़ों के संकलन और विश्लेषण को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने सांख्यिकी दिवस की थीम के अनुरूप प्रशासनिक आंकड़ों के बेहतर उपयोग पर भी जोर दिया।

मुख्य आयोजना अधिकारी अमर सिंह चांदोलिया ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि सांख्यिकी दिवस का उद्देश्य आमजन और विभिन्न विभागों में सांख्यिकी के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने बताया कि प्रशासनिक आंकड़ों के समुचित उपयोग से योजनाओं की प्रभावशीलता और पारदर्शिता बढ़ाई जा सकती है।

इस अवसर पर पांचू के ब्लॉक सांख्यिकी अधिकारी संदीप कुमार ने इस वर्ष की थीम ‘अनलॉकिंग द पोटेंशियल ऑफ एडमिनिस्ट्रेटिव डाटा’ तथा महावीर प्रसाद ओझा ने जीवनांक सांख्यिकी विषय पर विस्तृत जानकारी दी।

कार्यक्रम के दौरान जिला कलक्टर ने आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग द्वारा प्रकाशित ‘बीकानेर जिला : एक दृष्टि-2026’ पुस्तक का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि जिले के महत्वपूर्ण आंकड़ों एवं तथ्यों का संकलन करने वाली यह पुस्तक प्रशासन, शोधार्थियों तथा आमजन के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।

कार्यक्रम का संचालन सेवानिवृत्त सांख्यिकी अधिकारी बलविंद्र सिंह चुघ ने किया। इस अवसर पर आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग की सहायक निदेशक श्रीमती ममता बिश्नोई, पूर्व संयुक्त निदेशक रमेश कुमार व्यास, उपनिदेशक सुभाष चौधरी, श्रीमती अखिला जोरा, सांख्यिकी अधिकारी छगना राम मेघवाल, बृज भूषण व्यास, जुगल किशोर जोशी, सहायक प्रोग्रामर भरत सोलंकी सहित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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91 वर्षीय वृद्धा को दोबारा मिला सामाजिक सुरक्षा पेंशन का सहारा

लाभार्थी के घर पहुंच दिया संबल

बीकानेर, 29 जून।  मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर चलाए जा रहे ग्रामीण सेवा शिविर आमजन के लिए लाभदायक साबित हो रहे हैं। ऐसा ही एक दृश्य सोमवार को रीडी में आयोजित शिविर के दौरान देखने को मिला, जब सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अधिकारियों ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए 91 वर्षीय वृद्ध महिला बादू देवी पत्नी जैसाराम मेघवाल के घर पहुंचकर पेंशन सत्यापन की प्रक्रिया पूरी कराई। वृद्ध महिला की पेंशन पिछले दो वर्षों से सत्यापन नहीं होने के कारण बंद थी। अधिक आयु एवं शारीरिक अस्वस्थता के चलते उनके लिए कार्यालय पहुंचना संभव नहीं था, जिससे उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।

मामले की जानकारी मिलने पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के छात्रावास अधीक्षक स्वयं वृद्ध महिला के घर पहुंचे। उन्होंने आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन करते हुए मौके पर ही ई-केवाईसी एवं पेंशन सत्यापन की समस्त प्रक्रिया पूर्ण करवाई।

सत्यापन पूरा होते ही वृद्ध महिला की सामाजिक सुरक्षा पेंशन पुनः प्रारंभ कर दी गई। इससे उन्हें नियमित आर्थिक सहायता मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ और उनकी दैनिक जरूरतों को पूरा करने में राहत मिलेगी।

पेंशन दोबारा शुरू होने पर वृद्ध महिला एवं उनके परिजनों ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग का आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि इन शिविरों के दौरान प्रशासन घर पहुंचकर सरकारी योजनाओं का लाभ दे रहा है। उससे उन्हें संबल मिला है।
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ग्रामीण सेवा शिविर में दूर हुई नाम संबंधी वर्षों पुरानी त्रुटि, किसान को मिला उसका अधिकार

बीकानेर, 29 जून। ग्राम पंचायत धूपालिया निवासी छेलाराम पुत्र जेठाराम के लिए सोमवार का दिन नई उम्मीद और राहत लेकर आया। वर्षों से राजस्व रिकॉर्ड में नाम की त्रुटि के कारण वे विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित थे।

जमाबंदी के खाता संख्या 44, 326 एवं 320 में उनका नाम ‘श्यामसुंदर पुत्र जेठाराम’ दर्ज था, जबकि उनके आधार कार्ड, जनाधार एवं अन्य दस्तावेजों में नाम ‘छेलाराम पुत्र जेठाराम’ अंकित था। नाम में इस भिन्नता के कारण उन्हें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, खाद-बीज अनुदान सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा था।

ग्रामीण सेवा शिविर में पहुंचकर छेलाराम ने धारा 136 के अंतर्गत नाम शुद्धि हेतु प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत किया। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पटवारी द्वारा तत्काल रिपोर्ट तैयार की गई तथा गिरदावर द्वारा मौके पर जांच की गई। जांच के दौरान तहसीलदार नोखा चंद्रशेखर टांक ने मौके पर उपस्थित ग्रामीणों एवं सहखातेदारों से चर्चा की।

सभी सहखातेदारों की सहमति प्राप्त की गई। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि श्री मांगू सिंह ने बताया कि गांव में प्रार्थी को आम बोलचाल में ‘श्यामा’ के नाम से पुकारा जाता है, जबकि उनके आधिकारिक दस्तावेजों में नाम छेलाराम दर्ज है। उपस्थित ग्रामीणों, सरपंच एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी इस तथ्य की पुष्टि की कि दोनों नाम एक ही व्यक्ति के हैं।

इसके पश्चात मौके पर ही मौका फर्द तैयार कर नाम शुद्धि की अनुशंसा की गई, जिस पर शिविर प्रभारी द्वारा तत्काल आदेश जारी किए गए। आदेश जारी होते ही राजस्व रिकॉर्ड में आवश्यक संशोधन की प्रक्रिया पूर्ण कर दी गई। वर्षों से चली आ रही समस्या का समाधान होने पर छेलाराम ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, प्रशासनिक अधिकारियों एवं ग्रामीण सेवा शिविर का आभार व्यक्त किया। अब उनके लिए सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने का मार्ग पूरी तरह प्रशस्त हो गया है।

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ग्रामीण सेवा शिविर में पेयजल समस्या का हुआ समाधान, वार्डवासियों के चेहरे खिले

बीकानेर, 29 जून।  ग्रामीण सेवा शिविर–2026 के तहत सोमवार को ग्राम पंचायत पूगल में आयोजित शिविर के दौरान जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने वार्ड संख्या 9 की लंबे समय से चली आ रही पेयजल समस्या का समाधान कर ग्रामीणों को बड़ी राहत प्रदान की। उपखण्ड स्तरीय जनसुनवाई के दौरान वार्ड संख्या 9 के निवासियों ने पेयजल संकट के संबंध में परिवाद प्रस्तुत किया था। इस पर जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके का निरीक्षण किया तथा आवश्यकतानुसार नई पाइपलाइन आंशिक रूप से बिछाकर पेयजल आपूर्ति सुचारू कर दी।

शिविर के दौरान उपखण्ड अधिकारी दिव्या बिश्नोई ने वार्ड संख्या 9 के विभिन्न घरों का औचक निरीक्षण कर पेयजल आपूर्ति का सत्यापन किया। निरीक्षण में पाया गया कि समस्या का प्रभावी समाधान हो चुका है और सभी घरों में नियमित पेयजल आपूर्ति हो रही है।

समस्या के समाधान पर ग्रामीण विनोद सुथार, राजाराम झौरड़, मोतीराम, पप्पूराम नायक, प्रेम स्वामी, नेमदास स्वामी सहित वार्डवासियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा और प्रशासनिक अधिकारियों का आभार व्यक्त किया।

ग्रामीणों ने कहा कि ग्रामीण सेवा शिविर के माध्यम से उनकी वर्षों पुरानी पेयजल समस्या का त्वरित समाधान हुआ, जिससे अब उन्हें नियमित एवं सुचारु पेयजल आपूर्ति मिल रही है।
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विकास कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष जोर, सभी कार्यालयों में ई-फाइलिंग शत-प्रतिशत लागू करने के निर्देश

एडीएम सिटी ने ली विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठक

बीकानेर, 29 जून। अतिरिक्त जिला कलक्टर (शहर) श्रीमती रीना छींपा की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में चिकित्सा, जल संसाधन, पीएचईडी, जेडीवीवीएनएल, आरवीपीएनएल, आरयूआईडीपी, आरएसआरडीसी, आयोजना, सार्वजनिक निर्माण विभाग सहित विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में विभागवार प्रगति की समीक्षा करते हुए एडीएम सिटी ने विकास कार्यों में गुणवत्ता, समयबद्धता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।एडीएम सिटी ने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए जनहित से जुड़े मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता दें तथा प्रत्येक परियोजना की नियमित मॉनिटरिंग कर निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण करना सुनिश्चित करें।

बैठक में श्रीमती छींपा ने सभी विभागों को अपने कार्यालयों में ई-फाइलिंग व्यवस्था शत-प्रतिशत लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यालय कार्यों का त्वरित एवं पारदर्शी निष्पादन सुनिश्चित करने के लिए ई-ऑफिस प्रणाली का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाए तथा लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण हो।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में एडीएम सिटी ने मुख्यमंत्री आयुष्मान योजना, जनस्वास्थ्य कार्यक्रमों तथा चिकित्सा संस्थानों में उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने अस्पतालों में साफ-सफाई, मरीजों को बेहतर उपचार तथा शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पीबीएम अस्पताल से संबंधित व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई।

जेडीवीवीएनएल की समीक्षा के दौरान एडीएम सिटी ने सड़क निर्माण के बाद होने वाली खुदाई को न्यूनतम रखने, सड़क कटाई के बाद निर्धारित समय में पुनर्स्थापना सुनिश्चित करने तथा सभी कार्यों का समुचित समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्युत संबंधी कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग तथा लंबित कार्यों का शीघ्र निस्तारण करने पर भी जोर दिया।

आरवीपीएनएल की समीक्षा में जीएसएस निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली गई। अधिकारियों ने बताया कि विभिन्न जीएसएस परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है। एडीएम सिटी ने निर्माण कार्यों में तेजी लाने, 132 केवी जीएसएस सहित अन्य परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने तथा भूमि संबंधी प्रकरणों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही नए जीएसएस के लिए भूमि चिन्हित करने की कार्यवाही में तेजी लाने को कहा।

पीएचईडी की समीक्षा के दौरान विभागीय अधिकारियों को पेयजल परियोजनाओं एवं पाइपलाइन विस्तार कार्यों को गति देने, पेयजल आपूर्ति निर्बाध बनाए रखने तथा भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।

आरएसआरडीसी के परियोजना निदेशक ने बताया कि लालगढ़ ओवरब्रिज का निर्माण कार्य जुलाई माह तक पूरा हो जाएगा। इसके अलावा पूगल एवं कोलायत में निर्माणाधीन नई आईटीआई भवनों का कार्य अगस्त माह तक पूर्ण कर लिया जाएगा। एडीएम सिटी ने सभी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने तथा तय समयसीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।

सार्वजनिक निर्माण विभाग की समीक्षा के दौरान एडीएम सिटी ने सड़क निर्माण कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने, कार्य पूर्ण होने के बाद आवश्यक मरम्मत एवं रखरखाव सुनिश्चित करने तथा विभागीय समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

बैठक में आरयूआईडीपी के कार्यों, आयोजना विभाग की योजनाओं तथा अन्य विकास परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई।बैठक में संबंधित विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
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30वां राज्य स्तरीय भामाशाह सम्मान समारोह- 2026

सम्पत्ति का सबसे बड़ा सौन्दर्य है उसका समाज के लिए समर्पण- उप मुख्यमंत्री
276 से अधिक भामाशाहों, प्रेरकों एवं एनआरआई दानदाताओं का हुआ सम्मान
भामाशाह प्रशस्ति पुस्तिका का हुआ विमोचन’

जयपुर, 29 जून। शिक्षा के क्षेत्र में जनसहभागिता और सामाजिक योगदान को सम्मानित करने की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए 30वें राज्य स्तरीय भामाशाह सम्मान समारोह 2026 का आयोजन सोमवार को जयपुर स्थित बिड़ला ऑडिटोरियम में किया गया। कार्यक्रम में 276 से अधिक भामाशाहों, प्रेरकों एवं एनआरआई दानदाताओं को शिक्षा विभूषण, शिक्षा भूषण, प्रेरक सम्मान से सम्मानित किया गया।

इन भामाशाहों ने वित्त वर्ष 2025-26 में 318 करोड़ रुपए का सहयोग दिया है। इस मौके पर ‘भामाशाह प्रशस्ति’ पुस्तिका का विमोचन भी किया गया।

समारोह में उपमुख्यमंत्री डाॅ. प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि भामाशाह सम्मान समारोह का दिन केवल सम्मान का नहीं बल्कि आत्मा के उत्सव का दिन है, संस्कृति का उत्सव है। उन्होंने कहा कि सम्पत्ति का सबसे बड़ा सौन्दर्य है, उसका समाज के लिए समर्पण। राजस्थान वीरों के साथ ही दानवीरों की धरती भी है। यहां तलवार के साथ ही त्याग भी देखने को मिलता है। मंच के समक्ष बैठे सभी व्यक्ति भामाशाह की परम्परा के प्रतिनिधि है। धन कमाना योग्यता हो सकती है लेकिन धन का समाज के लिए उपयोग महानता का प्रतीक है। अब राजस्थान की पहचान केवल किलों से नहीं , हमारे विद्यालयों से, हमारी बालिकाओं की प्रगति से भी होगी।

शिक्षा मंत्री श्री मदन दिलावर ने कहा कि मेवाड़ की शौर्य गाथा महाराणा प्रताप और भामाशाह के बिना अधूरी है। उन्होंने भामाशाह श्री पूनम चंद राठी का धन्यवाद ज्ञापित किया, जिनकी सहायता से बीकानेर के जयमलसर में राजकीय बालिका सैन्य विद्यालय बन रहा है। उन्होंने कहा कि विद्यालय अब अधिक सुरक्षित व तकनीकी रूप से समक्ष बन रहे हैं। अब श्यामपट्ट की जगह स्मार्ट बोर्ड आ गए हैं। भामाशाहों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए एक विशेष सेल गठित की जा रही है जो पारदर्शी तरीके से कार्य करेगी। विद्यालय की प्रबंधन समिति में भामाशाहों के दो प्रतिनिधि भी होंगे। ऐसे कई प्रयास विभाग की ओर से किए जा रहे हैं। उन्होंने भामाशाहों को विश्वास दिलाया कि उनके द्वारा प्रदान किए गए धन को पूरा सदुपयोग शिक्षा के विकास के लिए ही होगा।

शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजेश यादव ने महाराणा प्रताप व भामाशाह के त्याग का स्मरण करते हुए प्रदेश में शिक्षा की उन्नति के लिए आगे आने वाले भामाशाहों को धन्यवाद दिया। उन्होंने विभाग के प्रयासों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने मुख्यमंत्री विद्यादान कोष व ज्ञान संकल्प पोर्टल का जिक्र करते हुए बताया कि विभाग की ओर से भामाशाहों के लिए पूरी प्रक्रिया सरल व पारदर्शी बनाई गई है।

समारोह में मिड डे मील आयुक्त श्री विश्वमोहन शर्मा, राज्य परियोजना निदेशक एवं समग्र शिक्षा राजस्थान आयुक्त डॉ.रश्मि शर्मा, माध्यमिक शिक्षा निदेशक श्री सीताराम जाट एवं निदेशक राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल राजस्थान श्री महेंद्र खींची, सम्मानित भामाशाह, विशिष्ट भामाशाह, प्रेरक, समस्त विभागीय उपायुक्त एवं स्कूल शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी कार्मिक उपस्थित रहे।

दानदाताओं को मिला सम्मान-

समारोह में राजकीय विद्यालय के नए भवन निर्माण, अतिरिक्त निर्माण कार्य, निर्मित भवनों के विकास, भूमि दान देने तथा अन्य भौतिक संसाधनों के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले 276 से अधिक भामाशाह, प्रेरक एवं एनआरआई दानदाताओं को सम्मानित किया गया। 49 भामाशाह को शिक्षा विभूषण व 105 भामाशाहों को शिक्षा भूषण सम्मान से नवाजा गया। 99 प्रेरकों को सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में 23 एनआरआई दानदाता भी शामिल हैं।
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ग्रामीण सेवा शिविर-2026ः मंगलवार को विभिन्न स्थानों पर होगा शिविरों का आयोजन

बीकानेर, 29 जून। ग्रामीण सेवा शिविर-2026 के तहत मंगलवार को विभिन्न ग्राम पंचायतों में शिविरों का आयोजन किया जाएगा।

अतिरिक्त जिला कलेक्टर (प्रशासन) श्री उम्मेद सिंह रतनू ने बताया कि 30 जून को बीकानेर के सुरधना चौहानान और केसरदेसर जाटान, लूणकरणसर के कपूरीसर और गोपल्याण, श्रीडूंगरगढ़ के जाखासर और बापेऊ, कोलायत-हदां के कोलायत और खाखूसर, बज्जू के मोडायत, पूगल के गंगाजली, छत्तरगढ़ के शेरपुरा, खाजूवाला के 25 केवाईडी तथा नोखा के चिताणा, ढिंगसरी, रायसर और सिनियाला में शिविरों का आयोजन किया जाएगा।

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