तेरापंथी सभा राजराजेश्वरी नगर का कमलसिंह दुगड़ ने संभाला अध्यक्ष पद
तेरापंथी सभा राजराजेश्वरी नगर का कमलसिंह दुगड़ ने संभाला अध्यक्ष पद


- 19 जुलाई को होगा मुनिश्री का चातुर्मासिक प्रवेश
बेंगलुरु/राजराजेश्वरी नगर, 29 जून । श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा, राजराजेश्वरी नगर के कार्यकारी वर्ष 2026-28 के नए अध्याय की विधिवत शुरुआत हो गई है। संगठन की प्रथम महत्वपूर्ण कार्यसमिति बैठक और दायित्व हस्तांतरण समारोह रविवार, 28 जून 2026 को सुबह 11:00 बजे स्थानीय ‘होटल 1947’ (Hotel 1947) के सभागार में नवनियुक्त सभाध्यक्ष कमलसिंह दुगड़ की अध्यक्षता में अत्यंत गरिमामयी माहौल में आयोजित किया गया। बैठक का मांगलिक शुभारंभ उपस्थित संभ्रांत जनों द्वारा नमस्कार महामंत्र के सामूहिक और सुमधुर उच्चारण के साथ हुआ। इसके पश्चात पूर्व अध्यक्ष मनोज डागा ने जैन सिद्धांतों के अनुरूप सभी सदस्यों को ‘श्रावक निष्ठा पत्र’ का वाचन करवाया।


समारोह के मुख्य चरण में निवर्तमान अध्यक्ष राकेश छाजेड़ ने नव-मनोनित अध्यक्ष कमलसिंह दुगड़ को सुव्यवस्थित तरीके से सभा का आधिकारिक कार्यभार सौंपा और उनके नेतृत्व में आगामी दो वर्षों के सफल कार्यकाल के लिए पूरे मन से शुभकामनाएं प्रेषित कीं। कार्यभार ग्रहण करने के बाद अपने प्रथम अध्यक्षीय उद्बोधन में कमलसिंह दुगड़ ने परम पूज्य गुरुदेव के प्रति गहरी कृतज्ञता ज्ञापित की, जिनकी असीम अनुकंपा से क्षेत्र को इस वर्ष संतों का पावन चातुर्मास प्राप्त हुआ है। अध्यक्ष ने नवगठित कार्यसमिति के सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों का आत्मीय स्वागत करते हुए संगठन की भावी कार्ययोजना, समाज सेवा, आध्यात्मिक समर्पण एवं सामूहिक सहभागिता की महत्ता पर एक अत्यंत प्रेरक विचार रखे।


मुनिश्री आकाश कुमार जी एवं मुनिश्री हितेंद्र कुमार जी का होगा भव्य चातुर्मास प्रवेश
सभाध्यक्ष कमलसिंह दुगड़ ने एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक घोषणा करते हुए बताया कि आगामी 19 जुलाई 2026 को पूज्य मुनिश्री आकाश कुमार जी एवं मुनिश्री हितेन्द्र कुमार जी ठाणा का इस क्षेत्र में भव्य चातुर्मासिक प्रवेश प्रस्तावित है। चातुर्मास प्रवेश के इस पावन अवसर को ऐतिहासिक और भव्य रूप देने के लिए उन्होंने तेरापंथ युवक परिषद (तेयुप) और तेरापंथ महिला मंडल के अध्यक्षों व पदाधिकारियों से मिलकर एक समन्वित व सुदृढ़ योजना बनाने का पुरजोर आह्वान किया। बैठक के दौरान कार्यकारिणी में शामिल सभी नए-पुराने सदस्यों का परस्पर परिचय सत्र आयोजित हुआ, जिसके बाद सभा के सुचारू संचालन के लिए विभिन्न सामाजिक व धार्मिक विभागों का कार्य विभाजन कर आवश्यक और सर्वसम्मत निर्णय लिए गए।
मैराथन बैठक में आगामी चातुर्मास की संपूर्ण व्यवस्थाओं, गुरु दर्शन यात्रा के रूट ,नए सदस्यता अभियान की रूपरेखा तथा वर्षभर आयोजित होने वाले विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों को लेकर घंटों सार्थक विचार-विमर्श किया गया। इसके साथ ही क्षेत्र में चारित्र आत्माओं (साधु-साध्वियों) के विहार मार्ग की सेवा-व्यवस्था, प्रत्येक शनिवार सायंकाल 7 से 8 बजे नियमित रूप से आयोजित होने वाली सामूहिक सामायिक, आगम स्वाध्याय तथा बच्चों के नैतिक विकास के लिए संचालित ‘ज्ञानशाला’ के अधिकाधिक विस्तार जैसे गंभीर विषयों की गहन समीक्षा की गई।
बेंगलुरु प्रवासी बैद परिवार बना संवत्सरी पारणे का प्रायोजक, दिवंगत आत्माओं को दी श्रद्धांजलि
आध्यात्मिक चर्चा के बीच समाज के लिए एक हर्ष का प्रसंग भी सामने आया। आगामी महापर्व पर्युषण के तहत होने वाले ‘संवत्सरी पारणे’ के मुख्य प्रायोजक के रूप में “गुरुपुनवाणी” के श्रावक हनुमानमल , संजय और मनोज बैद (मूल निवासी नोखा, वर्तमान बेंगलुरु प्रवासी) ने अपनी सहर्ष स्वीकृति प्रदान की। इस उदारमना धार्मिक सहयोग के लिए पूरी सभा ने बैद परिवार के प्रति करतल ध्वनि से आभार व्यक्त किया।
बैठक के अंतिम चरण में सामाजिक संवेदना प्रकट करते हुए क्षेत्र के दिवंगत श्रावक नीरज लोढ़ा एवं अन्य सभी दिवंगत पुण्यात्माओं के उत्तरोत्तर आध्यात्मिक और आत्मिक विकास की मंगलकामना की गई। इसके लिए सभागार में उपस्थित सभी श्रावकों ने ‘लोगस्स’ पाठ का सामूहिक और मौन वाचन किया। संगठन के प्रति समर्पण भाव दिखाते हुए इस प्रथम बैठक में तेरापंथी समाज के कार्यकर्ताओं की उपस्थिति बेहद अच्छी और उत्साहजनक रही। संपूर्ण बैठक का कुशल व प्रभावी संचालन सभा मंत्री अमित नौलखा ने किया तथा अंत में सभी आगंतुकों व प्रबुद्ध जनों के प्रति आभार ज्ञापन सहमंत्री मनोज जी बैद द्वारा ज्ञापित किया गया।


