कोडमदेसर भैरव मंदिर पहुंचे कर्नल मानवेंद्र सिंह जसोल, विशेष पूजन कर की सुख-समृद्धि की कामना
कोडमदेसर भैरव मंदिर पहुंचे कर्नल मानवेंद्र सिंह जसोल, विशेष पूजन कर की सुख-समृद्धि की कामना



- 11 पंडितों के सानिध्य में हुआ वैदिक अनुष्ठान; ऐतिहासिक तालाब के जीर्णोद्धार कार्य और नए भैरव उद्यान प्रोजेक्ट की सराहना की
बीकानेर, 30 जून। पूर्व सांसद, पूर्व विधायक एवं राजस्थान फुटबॉल संघ के अध्यक्ष कर्नल मानवेंद्र सिंह जसोल मंगलवार को पहली बार बीकानेर के ऐतिहासिक कोडमदेसर भैरव मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने ज्योतिषाचार्य अनिल पुरोहित के सानिध्य में विधि-विधान से विशेष भैरव पूजन एवं वैदिक अनुष्ठान किया। यह अनुष्ठान 11 पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न कराया गया, जिसमें कर्नल जसोल ने बाबा भैरुनाथ की अंगी व आरती कर प्रदेश में सुख-शांति, उत्तम वर्षा, किसानों की समृद्धि तथा राजस्थान के सर्वांगीण विकास की मंगलकामना की। कर्नल जसोल के पहली बार कोडमदेसर आगमन को लेकर स्थानीय श्रद्धालुओं और समर्थकों में विशेष उत्साह दिखाई दिया।


तालाब जीर्णोद्धार और भैरव उद्यान का अवलोकन
पूजन के पश्चात कर्नल मानवेंद्र सिंह जसोल ने ऐतिहासिक कोडमदेसर तालाब व नवनिर्मित भैरव उद्यान का अवलोकन किया। कम्यूनिटी वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष कन्हैयालाल भाटी ने उन्हें तालाब के जीर्णोद्धार कार्य की प्रगति और नए भैरव उद्यान भवन के प्रोजेक्ट की विस्तृत रूपरेखा से अवगत कराया। इस पर कर्नल जसोल ने कहा कि तालाब का जीर्णोद्धार अभियान केवल आस्था का विषय नहीं है, बल्कि हजारों जीव-जंतुओं की प्यास बुझाने के लिए एक श्रेष्ठ पुण्य कार्य भी है। कन्हैयालाल भाटी ने बताया कि इस अभियान के पहले चरण में बीकानेर के भक्तों का भरपूर सहयोग मिला है और अब दूसरे चरण में भैरव उद्यान को भव्य रूप देने का बीड़ा उठाया गया है। इस दौरान रामेश्वर गहलोत, भगवान गहलोत, आशुराम गहलोत, राजेश सारण, सुशीर सिंह भाटी एवं श्रवण भाट सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।



पचपदरा रिफाइनरी से बदलेगी औद्योगिक तस्वीर
विशेष पूजन के बाद मीडिया से औपचारिक बातचीत में कर्नल मानवेंद्र सिंह जसोल ने देश और प्रदेश के विकास पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि आगामी 4 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पचपदरा रिफाइनरी का उद्घाटन करने जा रहे हैं। यह परियोजना ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी। इससे न केवल प्रदेश में सीएनजी की उपलब्धता बढ़ेगी, बल्कि औद्योगिक विकास को गति मिलने के साथ-साथ युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास और नागरिकता पर बेबाक राय
सीमावर्ती क्षेत्रों को लेकर विपक्ष (कांग्रेस) द्वारा लगाए जा रहे आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कर्नल जसोल ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री के सीमावर्ती क्षेत्रों के दौरे और राज्य सरकार द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का आपस में कोई संबंध नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन द्वारा संबंधित लोगों को कई महीने पहले ही नोटिस जारी किए जा चुके थे। सीमा क्षेत्र के लोग वर्षों से आपसी सद्भाव और भाईचारे के साथ रहते आए हैं और वहां का सामाजिक सौहार्द पूरी तरह कायम है। अपने सांसद और जनप्रतिनिधि के रूप में बिताए कार्यकाल को याद करते हुए कर्नल जसोल ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में ऐसे अनेक परिवार थे जिनके रिश्तेदार पाकिस्तान में रहते थे और भारत आकर बसना चाहते थे। उन्होंने अपने कार्यकाल में ऐसे लोगों को प्राथमिकता के आधार पर भारतीय नागरिकता दिलाने और उन्हें सम्मानपूर्वक देश की मुख्यधारा में बसाने के ऐतिहासिक प्रयास किए थे।

