पीएम मोदी ने खोला जोधपुर एयरपोर्ट का नया टर्मिनल, राजस्थान को मिली 480 करोड़ की सौगात
पीएम मोदी ने खोला जोधपुर एयरपोर्ट का नया टर्मिनल, राजस्थान को मिली 480 करोड़ की सौगात


- मारवाड़ की वास्तुकला और आधुनिक तकनीक का अनूठा संगम; पचपदरा रिफाइनरी का भी किया उद्घाटन
जोधपुर, 4 जुलाई । मरुधरा की वीर भूमि और राजपूती आन-बान-शान के प्रतीक सूर्य नगरी जोधपुर में शनिवार को नागरिक उड्डयन (Aviation) के एक नए युग का सूत्रपात हुआ है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने राजस्थान दौरे के दौरान जोधपुर एयरपोर्ट पर 480 करोड़ रुपये की लागत से बनकर तैयार हुई अत्याधुनिक नई टर्मिनल बिल्डिंग का भव्य उद्घाटन किया. यह इमारत मारवाड़ की लोक संस्कृति और 21वीं सदी की आधुनिक तकनीक का एक ऐसा अकल्पनीय संगम है, जो आने वाले समय में राजस्थान के विकास और पर्यटन को नई ऊंचाई देने वाला है. इसके साथ ही पीएम मोदी ने देश की क्षेत्रीय कनेक्टिविटी का चेहरा बदलने वाली ‘संशोधित उड़ान योजना’ (UDAN-2.0) का भी यहीं से आगाज किया।


रिफाइनरी का उद्घाटन और वैश्विक संकट पर बोले पीएम


शनिवार सुबह करीब 10:40 बजे जोधपुर पहुंचे प्रधानमंत्री ने नए टर्मिनल भवन का बारीकी से अवलोकन किया. इसके बाद दोपहर करीब 12 बजे वे बालोतरा के पचपदरा पहुंचे, जहां उन्होंने देश की सबसे आधुनिक रिफाइनरी के कंट्रोल रूम का निरीक्षण कर विशेषज्ञों से विस्तृत चर्चा की और रिफाइनरी का आधिकारिक उद्घाटन किया. इसी मंच से पीएम मोदी ने जयपुर मेट्रो के फेज-2 की आधारशिला भी वर्चुअल माध्यम से रखी.
इस अवसर पर जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “पश्चिमी एशिया में हुए युद्ध के कारण 21वीं सदी का सबसे बड़ा ऊर्जा संकट पैदा हो गया था. इस कठिन दौर में भारत की दृढ़ इच्छाशक्ति के कारण सबसे बड़ा संकट भी छोटा हो गया क्योंकि भारत ने अपने संसाधनों का सही इस्तेमाल किया.” उन्होंने आगे कहा कि युद्ध के कारण जो वैश्विक हालात पैदा हुए, उससे घरेलू गैस के दाम 2 हजार रुपये तक जा सकते थे, लेकिन सरकार के बेहतर वित्तीय व प्रशासनिक मैनेजमेंट के चलते आज सिलेंडर 950 रुपये के करीब मिल रहा है.
शाही झरोखों में भविष्य की तकनीक: 5-स्टार ग्रीन बिल्डिंग
जोधपुर एयरपोर्ट का यह नया टर्मिनल पहली नजर में किसी आधुनिक हवाई अड्डे की जगह राजस्थान का कोई भव्य और ऐतिहासिक राजमहल नजर आता है. राजस्थान की सदियों पुरानी शाही वास्तुकला से प्रेरित इस टर्मिनल में पारंपरिक और कलात्मक मेहराबों के साथ-साथ बेहद खूबसूरत झरोखे बनाए गए हैं. 23,000 वर्ग मीटर से भी ज्यादा बड़े भूभाग में फैले इस आलीशान टर्मिनल की क्षमता अब सालाना 20 लाख यात्रियों को संभालने की हो गई है. इस शाही लुक के पीछे पर्यावरण संरक्षण का एक बड़ा संकल्प छिपा है. यह पूरा टर्मिनल 5-स्टार GRIHA ग्रीन बिल्डिंग के कड़े मानकों को पूरा करता है, जिसका सीधा मतलब है कि यह पूरी इमारत ऊर्जा-कुशल है और कम से कम बिजली की खपत कर पर्यावरण के अनुकूल काम करेगी.
‘NanoSniffer’ और डुअल-एनर्जी एक्स-रे का अभेद्य किला
इस नए टर्मिनल की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खासियत है इसकी ‘मल्टी-लेयर’ सुरक्षा व्यवस्था, जिसने जोधपुर एयरपोर्ट को सुरक्षा के लिहाज से एक अभेद्य किले में तब्दील कर दिया है. यहाँ वेहान टेक्नोलॉजीज (Vehant Technologies) द्वारा एडवांस्ड कंप्यूटर विज़न और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से लैस 9 एक्स-रे बैगेज स्क्रीनिंग सिस्टम लगाए गए हैं. ये स्कैनर ‘डुअल-एनर्जी इमेजिंग’ तकनीक पर काम करते हैं, जो सुरक्षाकर्मियों को सामान का हॉरिजॉन्टल और वर्टिकल व्यू एक साथ दिखाते हैं.
सुरक्षा का असली सस्पेंस यहीं खत्म नहीं होता; एयरपोर्ट पर 6 ऐसे एक्सप्लोसिव ट्रेस डिटेक्टर (ETD) लगाए गए हैं, जो दुनिया की पहली नैनोसेंसर-आधारित तकनीक पर चलते हैं. ‘NanoSniffer’ ब्रांड नाम वाले ये डिटेक्टर यात्रियों के कपड़ों, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस या गाड़ियों पर लगे विस्फोटक के सबसे सूक्ष्म अंश को भी 10 सेकंड से कम समय में ढूंढ निकालते हैं. यानी अब कोई भी संदिग्ध चीज़ इस कड़े सुरक्षा घेरे को चकमा नहीं दे पाएगी.


