खेजड़ली उत्सव में उमड़ा जनसैलाब, एक साथ 11,000 खेजड़ी पौधों का सामूहिक रोपण कर बीकानेर ने रचा नया इतिहास
खेजड़ली उत्सव में उमड़ा जनसैलाब, एक साथ 11,000 खेजड़ी पौधों का सामूहिक रोपण कर बीकानेर ने रचा नया इतिहास


- न्यायपालिका, प्रशासन, संत समाज, शिक्षाविदों, लॉयंस क्लब, रोटरी क्लब, पर्यावरण प्रेमियों एवं हजारों नागरिकों ने लिया पर्यावरण संरक्षण का संकल्प
बीकानेर, 5 जुलाई। बीकानेर वैचारिक जागरण मंच के तत्वावधान में आयोजित खेजड़ली उत्सव रविवार को सुजानदेसर स्थित काली माता मंदिर के निकट ऐतिहासिक जनसहभागिता के साथ सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम के दौरान एक साथ 11,000 खेजड़ी पौधों का सामूहिक रोपण कर बीकानेर ने पर्यावरण संरक्षण एवं जनभागीदारी का एक नया इतिहास रच दिया।


बीकानेर वैचारिक जागरण मंच के अध्यक्ष एडवोकेट अजय कुमार पुरोहित ने बताया कि कार्यक्रम में समाज के प्रत्येक वर्ग की अभूतपूर्व भागीदारी रही। हजारों नागरिकों, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों, स्वयंसेवी संस्थाओं, अधिवक्ताओं, पर्यावरण प्रेमियों, जनप्रतिनिधियों तथा विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने खेजड़ी पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।


न्यायपालिका एवं प्रशासनिक अधिकारियों की गरिमामयी सहभागिता
कार्यक्रम में न्यायपालिका की गरिमामयी सहभागिता विशेष आकर्षण रही। सेवानिवृत्त राजस्थान उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधिपति मानक मोहता, जिला एवं सेशन न्यायाधीश अश्विनी विज, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बीकानेर सचिव मांडवी राजवी, अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश (खाजूवाला) श्री रमेश ढालिया तथा ए.सी.डी. अमित कड़वासरा सहित अनेक न्यायिक अधिकारियों ने स्वयं खेजड़ी के पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
संत समाज और पद्मश्री विजेताओं की प्रेरणादायी उपस्थिति
कार्यक्रम में पद्मश्री श्याम सुंदर पालीवाल तथा पद्मश्री हिम्मताराम भांभू की प्रेरणादायी उपस्थिति रही। संत समाज से स्वामी विमर्शानंद जी महाराज, राष्ट्रीय संत सरजूदास जी महाराज, स्वामी रामेश्वरानंद जी महाराज, स्वामी भागीरथ दास शास्त्री (जैसला) सहित अनेक संत-महात्माओं के सान्निध्य ने कार्यक्रम को आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान की।
शैक्षणिक, कृषि संस्थानों एवं विभिन्न संगठनों की सक्रिय भागीदारी
शैक्षणिक एवं कृषि संस्थानों की ओर से राजस्थान पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलगुरु सुमंत व्यास, विश्वविद्यालय के डीन, अधिकारी एवं कर्मचारियों तथा स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय के अधिकारी एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक पौधारोपण किया। महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय के अधिकारियों, विट्ठल बिस्सा एवं विश्वविद्यालय के कर्मचारियों ने भी इस पर्यावरणीय अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाई।
कार्यक्रम में बीकानेर जिला माइंस एसोसिएशन, बीकाजी फूड इंटरनेशनल, विनोद कुमार बोथरा, दिलीप कुमार बोथरा, राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड बीकानेर, लोटस डेयरी, श्रीराम पापड़ के नारायण शिखीवाल, एवं आईसीएसआई बीकानेर चैप्टर, नक्षत्र पब्लिक ट्रस्ट, ऑवर फॉर नेशन तथा बार एसोसिएशन बीकानेर द्वारा विशेष सहभागिता निभाई गई।
विश्नोई समाज एवं प्रबुद्ध नागरिकों की उल्लेखनीय उपस्थिति
खेजड़ी संरक्षण आंदोलन से जुड़े वरिष्ठ पर्यावरण प्रेमियों एवं विश्नोई समाज के प्रतिनिधियों में परसाराम विश्नोई, सुभाष विश्नोई, निरमा विश्नोई, शारदा विश्नोई, बनवारीलाल डेलू, ओमप्रकाश, देवीलाल, रामधन, सुरवीर मोदी तथा अखिल भारतीय विश्नोई महासभा के सचिव रूपाराम जी की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
कार्यक्रम में सामाजिक एवं जनप्रतिनिधि वर्ग से कन्हैयालाल बोथरा, टेकचंद बरड़िया, नगर निगम के एईएन सुरेन्द्र कुमार चौधरी, लक्खू गहलोत, गोचर भूमि से जुड़े कनक चोपड़ा, बंशीलाल तंवर, डी.सी. गहलोत, शिवकरण डेलू, मोखराम धारणिया (जीव रक्षा संस्था के प्रतिनिधिगण), पूर्व पार्षद गुड्डी देवी (जाम्भेश्वर नगर, बीकानेर), भारतीय जनता पार्टी शहर जिला अध्यक्ष सुमन छाजेड़, सुधा आचार्य, विजय आचार्य, हेम शर्मा, सुमित, गजेंद्र सिंह सांखला, मनोज सेवग, मिलन गहलोत, बार सचिव हेमंत सिंह चौहान, एडवोकेट सुखदेव व्यास, एडवोकेट भंवर विश्नोई, एडवोकेट अरविंद डोगीवाल, प्रेम विश्नोई, एडवोकेट पवन कुमार व्यास, एडवोकेट प्रशांत तंवर, जैन महासभा के महामंत्री जतनलाल संचेती , तेरापंथ सभा के उपाध्यक्ष पवन छाजेड़ एवं मनीष सांखला सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
363 महिलाओं ने अमृता देवी के बलिदान की याद को किया ताजा
उत्सव का विशेष आकर्षण 363 महिलाओं की सहभागिता रही, जिन्होंने पारंपरिक नगाड़ों एवं लोक वाद्ययंत्रों की मंगलध्वनि के बीच खेजड़ी पौधों का रोपण कर राजस्थानी संस्कृति, लोक परंपरा एवं प्रकृति संरक्षण का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया। इस अनूठे दृश्य ने उपस्थित जनसमूह को पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रेरित किया। 363 की इस संख्या ने पर्यावरण की रक्षार्थ प्राण न्योछावर करने वाली वीरांगना अमृता देवी की पावन याद को ताजा कर दिया।
कार्यक्रम में बनाए गए सभी ब्लॉकों में सुव्यवस्थित ढंग से पौधारोपण सम्पन्न हुआ। प्रतिभागियों ने केवल पौधे लगाने तक ही स्वयं को सीमित नहीं रखा, बल्कि उनके संरक्षण एवं नियमित देखभाल का भी संकल्प लिया।
आयोजन समिति ने जताया आभार
बीकानेर वैचारिक जागरण मंच के अध्यक्ष एडवोकेट अजय कुमार पुरोहित व राष्ट्रीय संत सरजूदास जी ने कार्यक्रम को सफल बनाने वाले सभी न्यायिक अधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों, संत समाज, शिक्षाविदों, सामाजिक संस्थाओं, पर्यावरण प्रेमियों, स्वयंसेवकों, मीडिया प्रतिनिधियों एवं प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग देने वाले प्रत्येक नागरिक के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि खेजड़ी केवल एक वृक्ष नहीं, बल्कि राजस्थान की जीवनरेखा, संस्कृति एवं पर्यावरणीय संतुलन का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि खेजड़ी केवल एक वृक्ष नहीं, बल्कि राजस्थान की जीवनरेखा, संस्कृति एवं पर्यावरणीय संतुलन का प्रतीक है।में प्रेरणा देता रहेगा।
इसका संरक्षण हम सभी का सामूहिक दायित्व है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनसहभागिता से सम्पन्न यह ऐतिहासिक खेजड़ली उत्सव भविष्य में पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन एवं हरित राजस्थान के निर्माण की दिशा में एक सशक्त जनआंदोलन के रूपकार्यक्रम के समापन पर रोटरी क्लब के विपिन चड्ढा ने कहा कि ऐसे जनहित कार्यों का आयोजन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक सरोकार से जुड़े इस भव्य एवं प्रेरणादायक कार्यक्रम के सफल आयोजन पर मंच के पदाधिकारियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए कार्यक्रम की भूरि-भूरि सराहना की।


