राष्ट्रीय यूरोलॉजी सम्मेलन में बीकानेर के डॉ. मुकेश चन्द्र आर्य के दुर्लभ सर्जरी शोध पोस्टर को मिला प्रथम पुरस्कार
डॉ. मुकेश चन्द्र आर्य


बीकानेर, 17 जुलाई । देश की राजधानी नई दिल्ली स्थित वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज एवं सफदरजंग अस्पताल में आयोजित ‘राष्ट्रीय वूमेन ऑफ यूरोलॉजी सम्मेलन’ में बीकानेर के नाम बड़ी चिकित्सा उपलब्धि दर्ज हुई है। सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज एवं पीबीएम अस्पताल के यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. मुकेश चन्द्र आर्य के शोध पोस्टर को सम्मेलन में प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।


सम्मेलन के दौरान डॉ. मुकेश चन्द्र आर्य और डॉ. आई. डी. चरण ने दो वैज्ञानिक शोध पोस्टर प्रस्तुत किए थे। प्रथम पुरस्कार प्राप्त करने वाले शोध पत्र में एक 13 वर्षीय बालिका में पाई जाने वाली जन्मजात और बेहद दुर्लभ बीमारी ‘क्लासिक ब्लैडर एक्सस्ट्रॉफी’ का विवरण शामिल था। इस शोध में बालिका के किए गए सफल ‘एकल-चरण पुनर्निर्माणात्मक ऑपरेशन’ (सिंगल-स्टेज रीकंस्ट्रक्टिव सर्जरी) की पूरी प्रक्रिया दर्शाई गई थी, जिसे वहां मौजूद देश-विदेश के वरिष्ठ विशेषज्ञों ने रीकंस्ट्रक्टिव यूरोलॉजी के क्षेत्र में एक असाधारण और उत्कृष्ट उपलब्धि माना।


चिकित्सा जगत में मिली इस राष्ट्रीय स्तर की सफलता पर बीकानेर के स्वास्थ्य महकमे में हर्ष का माहौल है। सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं नियंत्रक डॉ. सुरेन्द्र वर्मा तथा पीबीएम अस्पताल के अधीक्षक डॉ. बी. सी. घीया ने डॉ. मुकेश चन्द्र आर्य, डॉ. आई. डी. चरण और पूरी यूरोलॉजी टीम को इस सफलता पर बधाई दी। उन्होंने इस उपलब्धि को न केवल बीकानेर के मेडिकल कॉलेज, बल्कि पूरे राजस्थान के चिकित्सा क्षेत्र के लिए एक अत्यंत गौरवपूर्ण क्षण बताया।


