तुलसी साधना केंद्र में नवमनोनीत युवाचार्य श्री महावीर कुमार का वर्धापना समारोह आयोजित
तुलसी साधना केंद्र में नवमनोनीत युवाचार्य श्री महावीर कुमार का वर्धापना समारोह आयोजित


बीकानेर, 05 अगस्त । रामपुरिया मोहल्ला स्थित बीकानेर तुलसी साधना केंद्र में युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमण जी की सुशिष्या शासन श्री साध्वी श्री मंजुप्रभा जी के पावन सान्निध्य में नवमनोनीत युवाचार्य श्री महावीर कुमार जी का ‘वर्धापना समारोह’ अत्यंत श्रद्धा व हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया गया।


समारोह को संबोधित करते हुए साध्वी मंजुप्रभा जी ने कहा कि आचार्य अष्टसंपदा से युक्त होते हैं और हमारे नवयुवराज प्रवर श्री महावीर मुनि जी भी इन दिव्य गुणों से परिपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि आचार्य प्रवर ने शुभ मुहूर्त एवं शुभ योग में युवाचार्य की घोषणा कर संपूर्ण तेरापंथ धर्मसंघ में खुशियों का संचार कर दिया है। आचार्य प्रवर और युवाचार्य प्रवर के कुशल मार्गदर्शन में धर्मसंघ विकास की नई ऊंचाइयों को स्पर्श करेगा।


गुरु-शिष्य परंपरा का गौरवशाली इतिहास
कार्यक्रम में साध्वी गुरु यशा जी ने भारतीय संस्कृति की गुरु-शिष्य परंपरा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रामायण और महाभारत काल से ही यह परंपरा गौरवशाली रही है। तेरापंथ धर्मसंघ में आचार्य अपने तेजस्वी आभामंडल, स्पर्श एवं चिंतन से शिष्य में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करते हैं।
साध्वी जयंतप्रभा जी ने प्रेरक पंक्तियों से युवाचार्य जी को वर्धापित करते हुए कहा, “अभी तो पर खुले हैं लंबी उड़ान बाकी है, अभी तो चांद-सितारों को ही मापा है, अनंत आसमान बाकी है।”
संघ एवं संस्थाओं ने व्यक्त की भावनाएं
कार्यक्रम का शुभारंभ नीना राखेचा द्वारा प्रस्तुत मंगलाचरण से हुआ। इसके पश्चात तेरापंथी सभा के सुरपत बोथरा, पारस छाजेड़, सुंदरलाल झाबक, इंद्रचंद सेठिया, अध्यक्ष सुरेश बैद तथा तेरापंथ महिला मंडल से लीला देवी कोठारी, प्रेम देवी नौलखा एवं मंत्री रेणु बोथरा ने अपने विचार व्यक्त कर नवमनोनीत युवाचार्य श्री के प्रति अपनी अनन्य श्रद्धा निवेदित की। महिला मंडल की सदस्यों ने सुमधुर संगीतमय प्रस्तुति के जरिए अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। संपूर्ण कार्यक्रम का कुशल संयोजन साध्वी जयंतप्रभा जी द्वारा किया गया।


